बांकीपुर उपचुनाव: जन सुराज की महिला नेत्री ने भाजपा नेता समेत 30 कार्यकर्ताओं पर छेड़खानी, मारपीट और जान से मारने की धमकी का लगाया आरोप
जन सुराज की उपाध्यक्ष खुशबू पाठक ने भाजपा नेता अशोक कुमार समेत 30 लोगों पर छेड़खानी, मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाते हुए एफआईआर की मांग की है।
पटना के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान जन सुराज और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच विवाद का मामला सामने आया है। जन सुराज संघर्ष वाहिनी की उपाध्यक्ष खुशबू पाठक ने एसके पुरी थाने में लिखित आवेदन देकर भाजपा के राजीव नगर मंडल अध्यक्ष अशोक कुमार और उनके साथ मौजूद लगभग 30 कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
शिकायत में महिला नेत्री ने छेड़खानी, दुपट्टा खींचने, मारपीट, गाली-गलौज, बलवा (दंगा), जान से मारने की धमकी और राजनीतिक संरक्षण का भय दिखाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
एएन कॉलेज मुख्य द्वार के पास हुई घटना का दावा
शिकायत पत्र के अनुसार, यह घटना 30 जुलाई 2026 को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान शाम करीब 5 बजे हुई। खुशबू पाठक का कहना है कि वह मतदान के दौरान एएन कॉलेज के मुख्य द्वार के पास मौजूद थीं। इसी दौरान भाजपा के राजीव नगर मंडल अध्यक्ष अशोक कुमार अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि अशोक कुमार और उनके साथ मौजूद करीब 30 लोगों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया और बिना किसी उकसावे के गाली-गलौज तथा अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि स्थिति कुछ ही देर में हिंसक हो गई।
मारपीट और दुपट्टा खींचने का आरोप
खुशबू पाठक ने आरोप लगाया है कि आरोपितों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की, उन्हें पकड़कर खींचा और थप्पड़-मुक्कों से मारपीट की। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने खुद को बचाने का प्रयास किया तो सभी लोग लगातार उनके साथ धक्का-मुक्की करते रहे।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि मारपीट के दौरान उनका दुपट्टा जबरन खींच लिया गया, जिससे सार्वजनिक रूप से उनका अपमान हुआ। उन्होंने इसे एक महिला की गरिमा और सम्मान पर हमला बताते हुए कहा कि इस घटना से उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा है।
जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप
आवेदन में दावा किया गया है कि घटना के दौरान आरोपितों ने उन्हें “जान से मार देंगे” कहकर धमकाया। शिकायतकर्ता का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों से घिर जाने के कारण उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हुआ।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव नहीं किया होता तो उनके साथ कोई गंभीर या जानलेवा घटना हो सकती थी।
राजनीतिक संरक्षण का भय दिखाने का आरोप
खुशबू पाठक ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि घटना के दौरान अशोक कुमार और उनके साथ मौजूद लोग बार-बार यह कहते रहे कि “हमारे ऊपर नितिन नवीन का हाथ है” और “मैं नीरज सिन्हा का आदमी हूं।”
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन बयानों के जरिए उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई और यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि आरोपितों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, इसलिए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।
नितिन नवीन और नीरज सिन्हा की भूमिका की जांच की मांग
अपने आवेदन में खुशबू पाठक ने पुलिस से आग्रह किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान नितिन नवीन या नीरज सिन्हा की किसी प्रकार की संलिप्तता, उकसावे या भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के दावे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित नेताओं की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
वीडियो और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया है कि पूरी घटना का वीडियो उनके पास उपलब्ध है, जिसे पेन ड्राइव के माध्यम से आवेदन के साथ सौंपा गया है।
उन्होंने पुलिस से एएन कॉलेज परिसर और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तत्काल सुरक्षित रखने की मांग की है। साथ ही उन्होंने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने का अनुरोध किया है ताकि घटना की वास्तविकता सामने आ सके।
एफआईआर दर्ज कर सुरक्षा देने की मांग
जन सुराज की महिला नेत्री ने भाजपा के राजीव नगर मंडल अध्यक्ष अशोक कुमार, उनके साथ मौजूद करीब 30 कार्यकर्ताओं तथा जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इसके अलावा उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है। उनका कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें किसी प्रकार की प्रताड़ना या दबाव का सामना करना पड़ सकता है।
पुलिस जांच के बाद सामने आएंगे तथ्य
फिलहाल यह मामला शिकायत के आधार पर सामने आया है। पुलिस की ओर से आवेदन प्राप्त होने के बाद जांच की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। जांच के दौरान वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की जाएगी।
मामले में लगाए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता के आवेदन पर आधारित हैं। पुलिस जांच और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
