गया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर पथराव, 2 नाबालिग हिरासत में; बोले- ‘सभा में कभी-कभी ऐसा हो जाता है’

मांझी

बिहार के गया जिले में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर हुए पथराव मामले ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो नाबालिग लड़कों को हिरासत में लिया है, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

बिहार के गया जिले में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर हुए पथराव मामले ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो नाबालिग लड़कों को हिरासत में लिया है, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। शुरुआती पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि हमला अचानक नहीं, बल्कि पहले से बनाई गई योजना के तहत किया गया था।

पुलिस पूछताछ में पकड़े गए दोनों नाबालिगों ने कथित तौर पर कहा कि जीतन राम मांझी और उनकी पार्टी लगातार यादव समाज को टारगेट कर रही थी, इसी नाराजगी में उन्होंने पत्थरबाजी की। घटना के बाद केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।

कार्यक्रम के दौरान हुआ हमला

जानकारी के अनुसार, गया जिले के खिजरसराय थाना क्षेत्र के सिसवर गांव में 22 मई को एक निजी अंग्रेजी स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे।

कार्यक्रम के दौरान मांझी मंच से लोगों को संबोधित कर रहे थे। इसी बीच अचानक उनकी ओर पत्थर फेंके गए। पत्थर उनके पैर के पास आकर गिरे। घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित कर लिया।

घटना के बाद पुलिस ने मौके से कुछ युवकों को हिरासत में लिया था। शुरुआती पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन बाद में जांच के आधार पर दो नाबालिग लड़कों को फिर से पकड़ा गया।

तीन नाबालिगों ने बनाई थी योजना

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हमले में कुल तीन लड़के शामिल थे और तीनों ही नाबालिग हैं। इनमें एक 10वीं कक्षा का छात्र है, जबकि दूसरा 12वीं में पढ़ाई करता है। तीसरे आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, तीनों लड़के पहले से योजना बनाकर कार्यक्रम में पहुंचे थे। मंत्री का भाषण शुरू होते ही उन्होंने पथराव कर दिया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस घटना के पीछे कोई और लोग भी शामिल थे या नहीं।

घटना के बाद दारोगा दिनेश महतो के बयान पर तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

SSP ने बढ़ाई सुरक्षा

मामले को गंभीरता से लेते हुए गया के एसएसपी सुशील कुमार ने केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा बढ़ाने का आदेश दिया है। शनिवार से उनकी सुरक्षा में अतिरिक्त जवानों की तैनाती कर दी गई है।

नीमचक बथानी डीएसपी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि फरार तीसरे आरोपी की तलाश में पूरी रात कई जगहों पर छापेमारी की गई। पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पुलिस मुख्यालय ने भी पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मांझी ने कहा- अपराधियों की कोई जाति नहीं होती

घटना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं कई बार सभाओं में हो जाती हैं।

उन्होंने कहा, “लोग फूल-माला देने आते हैं, उसी दौरान कुछ लोग ऐसी हरकत कर देते हैं। पुलिस अपना काम कर रही है। भगवान ऐसे लोगों को सद्बुद्धि दें।”

हालांकि, मांझी ने इस मामले को जातीय राजनीति से भी जोड़ते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती, लेकिन कुछ राजनीतिक दल समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं।

मांझी ने सवाल किया कि बिहार की जेलों में एक ही जाति के 40 प्रतिशत बंदी क्यों हैं? दलितों को मिली सरकारी जमीनों पर सबसे ज्यादा कब्जा किसने किया है? दलित अत्याचार कानून के तहत सबसे अधिक मामले किन लोगों पर दर्ज हैं?

उन्होंने यह भी कहा कि मुसलमानों के कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जे के मामलों में भी एक ही जाति के लोगों का नाम सामने आता है।

छह दिन पहले समधन ज्योति मांझी पर भी हमला

इस घटना से पहले भी जीतन राम मांझी के परिवार पर हमला होने का मामला सामने आया था। छह दिन पहले गया जिले के मोहनपुर प्रखंड में बाराचट्टी विधायक और मांझी की समधन ज्योति मांझी के काफिले पर हमला हुआ था।

विधायक ज्योति मांझी ने आरोप लगाया था कि उनके काफिले को सुनियोजित तरीके से रोका गया और सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट की गई। इस दौरान जान से मारने की कोशिश भी की गई।

घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें कुछ लोग सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करते दिखाई दिए। वीडियो में लोग सड़क निर्माण को लेकर विधायक से सवाल पूछते नजर आए थे।

विधायक ने लगाए गंभीर आरोप

ज्योति मांझी ने मोहनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए कई लोगों पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया था। शिकायत में पलटु यादव, सुनील यादव, दीपक यादव, सीता यादव, कारु मालाकार, राहुल मालाकार और विक्रम ठाकुर समेत अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए थे।

विधायक का आरोप था कि बुमुआर पंचायत के गंभीरा गांव जाते समय उनके काफिले को रास्ते में रोका गया। सुरक्षाकर्मियों द्वारा रास्ता खाली करने को कहने पर 15 से 20 लोग उग्र हो गए और सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट शुरू कर दी।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान जातिसूचक गालियां दी गईं और उनकी गाड़ी पर हमला किया गया।

बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर हुए हमले ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ विपक्ष इस घटना को कानून-व्यवस्था की विफलता बता रहा है, तो दूसरी ओर मांझी समर्थक इसे राजनीतिक और जातीय नफरत का परिणाम बता रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार में चुनावी माहौल के बीच इस तरह की घटनाएं सामाजिक तनाव को बढ़ा सकती हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मामले की निष्पक्ष जांच करने की होगी।

फिलहाल पुलिस तीसरे आरोपी की तलाश में जुटी है और पूरे मामले की जांच कई स्तरों पर जारी है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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