विकास भवन के मुख्य द्वार पर अब नहीं फंसेंगी मंत्रियों-अधिकारियों की गाड़ियां, बनेगा होल्डिंग एरिया; पार्किंग भी होगी व्यवस्थित

विकास भवन

पटना के विकास भवन में वाहनों की आवाजाही और पार्किंग व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा।

पटना: राजधानी पटना स्थित विकास भवन में आने-जाने वाले मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों को जल्द ही मुख्य द्वार पर वाहनों की जांच के कारण होने वाली परेशानी से राहत मिलने वाली है। भवन निर्माण विभाग ने विकास भवन के मुख्य प्रवेश द्वार को नए सिरे से व्यवस्थित करने की कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत मुख्य गेट के पास एक होल्डिंग एरिया विकसित किया जाएगा, जहां आम लोगों और अन्य आगंतुकों के वाहनों को रोककर सुरक्षा जांच की जाएगी।

इस नई व्यवस्था का उद्देश्य मुख्य प्रवेश द्वार पर वाहनों के दबाव को कम करना और मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाना है। इसके साथ ही विकास भवन परिसर में वाहनों की पार्किंग को भी व्यवस्थित किया जाएगा। चारपहिया और दोपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग व्यवस्था तैयार करने की योजना है।

विकास भवन में कई महत्वपूर्ण विभागों के कार्यालय

पटना का विकास भवन प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण परिसर है। यहां राज्य सरकार के कई प्रमुख विभागों के कार्यालय संचालित होते हैं। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कला संस्कृति, नगर विकास एवं आवास, गन्ना उद्योग, कृषि, मद्य निषेध और वाणिज्यकर समेत कई विभाग शामिल हैं।

इन विभागों के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय भी विकास भवन में हैं। इस कारण यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और आम लोग पहुंचते हैं। वाहनों की आवाजाही अधिक होने के कारण मुख्य प्रवेश द्वार पर कई बार जाम जैसी स्थिति बन जाती है।

सुरक्षा जांच के कारण मुख्य गेट पर रुकते हैं वाहन

वर्तमान व्यवस्था में विकास भवन के मुख्य द्वार पर सुरक्षा कर्मियों द्वारा आने वाले वाहनों की जांच की जाती है। सुरक्षा की दृष्टि से यह प्रक्रिया जरूरी है, लेकिन एक साथ कई वाहनों के पहुंचने पर परेशानी बढ़ जाती है।

किसी मंत्री या वरिष्ठ अधिकारी का वाहन यदि ऐसे समय मुख्य द्वार पर पहुंचता है, जब उससे पहले कई अन्य वाहन जांच के लिए खड़े होते हैं, तो उसे भी रुकना पड़ता है। जब तक आगे खड़े वाहनों की जांच पूरी नहीं होती, तब तक पीछे के वाहनों को प्रवेश नहीं मिल पाता।

इससे जहां मंत्रियों और अधिकारियों को असुविधा होती है, वहीं सुरक्षा जांच में लगे कर्मियों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। मुख्य द्वार पर वाहनों की कतार बनने से आवाजाही प्रभावित होती है।

मुख्य गेट के पास बनेगा होल्डिंग एरिया

भवन निर्माण विभाग ने इस समस्या के समाधान के लिए मुख्य द्वार के नजदीक ही होल्डिंग एरिया बनाने का निर्णय लिया है। इस क्षेत्र में विकास भवन में प्रवेश करने वाले सामान्य वाहनों को रोककर उनकी सुरक्षा जांच की जाएगी।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद सुरक्षा जांच के लिए आने वाले सभी वाहनों को मुख्य प्रवेश द्वार पर ही लंबी कतार में खड़ा करने की जरूरत नहीं होगी। वाहनों को होल्डिंग एरिया में ले जाकर जांच की जा सकेगी।

इससे मुख्य गेट पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। साथ ही मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के वाहनों को जरूरत के मुताबिक बिना अनावश्यक रुकावट के प्रवेश दिलाया जा सकेगा।

चारपहिया वाहनों के लिए तय होगी अलग पार्किंग

विकास भवन परिसर में पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। कुछ समय पहले परिसर के भीतर दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए नई पार्किंग तैयार की गई है। अब इसे और व्यवस्थित करने की योजना है।

इसके तहत भवन निर्माण विभाग विकास भवन में पदस्थापित उन अधिकारियों की सूची तैयार करेगा, जिन्हें सरकारी स्तर पर चारपहिया वाहन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सूची तैयार होने के बाद संबंधित अधिकारियों के वाहनों के लिए स्थायी पार्किंग स्थान चिह्नित किए जाएंगे।

अलग-अलग विभागों के अनुसार पार्किंग स्थल का निर्धारण किया जाएगा। इससे अधिकारियों के लिए निर्धारित स्थान पर दूसरे वाहनों के खड़े होने की समस्या खत्म करने में मदद मिलेगी।

दूसरे वाहनों की पार्किंग पर रहेगी रोक

नई पार्किंग व्यवस्था के तहत जिस स्थान को किसी अधिकारी के वाहन के लिए निर्धारित किया जाएगा, वहां दूसरे वाहनों को पार्क करने की अनुमति नहीं होगी। इससे पार्किंग में अनावश्यक अव्यवस्था कम होगी।

वर्तमान में एक ही परिसर में विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी वाहन लेकर आते हैं। कई बार निर्धारित स्थान नहीं होने के कारण वाहनों को इधर-उधर खड़ा करना पड़ता है। इससे परिसर में आवागमन प्रभावित होता है।

विभागों के हिसाब से पार्किंग स्थान तय होने के बाद इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।

सूचना भवन के पास बनेगी दोपहिया वाहनों की पार्किंग

विकास भवन परिसर में दोपहिया वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए दोपहिया वाहनों के लिए अतिरिक्त पार्किंग विकसित करने की योजना बनाई गई है।

इसके लिए विकास भवन के सामने स्थित सूचना भवन की खाली जगह का इस्तेमाल किया जाएगा। इस स्थान को दोपहिया वाहनों की पार्किंग के रूप में विकसित करने की तैयारी है।

नई पार्किंग शुरू होने के बाद विकास भवन परिसर के भीतर दोपहिया वाहनों का दबाव कम होगा। इससे पैदल आने-जाने वाले लोगों और चारपहिया वाहनों के लिए भी परिसर में जगह अधिक व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध हो सकेगी।

सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था दोनों पर जोर

भवन निर्माण विभाग की प्रस्तावित व्यवस्था में सुरक्षा जांच को बनाए रखते हुए वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने पर जोर दिया गया है। मुख्य द्वार पर होल्डिंग एरिया बनने से सुरक्षा कर्मियों को भी वाहनों की जांच के लिए पर्याप्त जगह मिल सकेगी।

वहीं, पार्किंग के लिए अलग-अलग स्थान चिह्नित किए जाने से विकास भवन परिसर में वाहनों के बेतरतीब खड़े होने की समस्या कम होने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर विकास भवन के मुख्य द्वार, चारपहिया और दोपहिया पार्किंग को लेकर किए जा रहे इन बदलावों का उद्देश्य परिसर में सुरक्षा, यातायात और पार्किंग व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करना है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की आवाजाही आसान होने के साथ-साथ आम लोगों और कर्मचारियों को भी बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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