पटना में सांप के डसने से 2 बच्चों की मौत, मां की हालत गंभीर
पटना में जहरीले सांप ने मां और दो बेटों को डसा, दोनों बच्चों की मौत
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना में सांप के डसने से दो बच्चों की मौत का दर्दनाक मामला सामने आया है। परसा बाजार थाना क्षेत्र के सोथा चक गांव में शनिवार सुबह एक झोपड़ी में सो रही मां और उसके दो बेटों को जहरीले सांप ने डस लिया। हादसे के बाद तीनों की हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उपचार के दौरान दोनों बच्चों की मौत हो गई। मां की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज पटना एम्स में चल रहा है।
घटना के बाद सोथा चक गांव में मातम पसरा हुआ है। एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, बरसात के मौसम में सांप के घरों और झोपड़ियों में घुसने की आशंका को लेकर ग्रामीणों में डर का माहौल भी है।
पटना के सोथा चक गांव में हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, बबलू मांझी की पत्नी सोनी कुमारी अपने दोनों बेटों मोहित कुमार और भृंगराज के साथ झोपड़ी में सो रही थीं। बताया गया कि इसी दौरान जहरीला सांप झोपड़ी के भीतर पहुंच गया और उसने तीनों को डस लिया।
घटना शनिवार सुबह की बताई जा रही है। सांप के डसने के बाद तीनों की हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद झोपड़ी से चीख-पुकार की आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और आसपास के लोग वहां पहुंचे।
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ग्रामीणों ने तत्काल तीनों को उपचार के लिए नौबतपुर रेफरल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना एम्स रेफर कर दिया।
पटना एम्स में इलाज के दौरान दोनों बच्चों की मौत
नौबतपुर रेफरल अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद मां और दोनों बच्चों को पटना एम्स ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने तीनों का इलाज शुरू किया। इलाज के दौरान 10 वर्षीय मोहित कुमार और 5 वर्षीय भृंगराज की मौत हो गई।
एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीण भी बड़ी संख्या में परिवार के आसपास जुट गए। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
वहीं, बच्चों की मां सोनी कुमारी की हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। परिवार और ग्रामीण उनकी हालत को लेकर चिंतित हैं।
बरसात में झोपड़ी में घुसा सांप
ग्रामीणों के मुताबिक, बरसात के दिनों में इलाके में सांप और दूसरे जहरीले जीवों का खतरा बढ़ जाता है। बारिश के दौरान पानी से बचने के लिए सांप अक्सर सूखी जगह तलाशते हैं। ऐसे में कई बार वे घरों, झोपड़ियों, लकड़ी या सामान के नीचे और दूसरे सुरक्षित स्थानों में पहुंच जाते हैं।
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सोथा चक की घटना ने इसी खतरे को एक बार फिर सामने ला दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि झोपड़ी में परिवार के लोग सो रहे थे और इसी दौरान सांप के डसने से यह हादसा हो गया।
हालांकि, सांप किस प्रजाति का था और उसने किस परिस्थिति में तीनों को डसा, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के संबंध में उपलब्ध जानकारी के आधार पर इतना ही बताया गया है कि तीनों को सांप ने डसा था।
पटना में बारिश के मौसम में बढ़ जाता है सांप का खतरा
बरसात के दौरान ग्रामीण और निचले इलाकों में सांपों के निकलने की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। लगातार बारिश के कारण जमीन के भीतर या बिलों में पानी पहुंचने से सांप बाहर निकल सकते हैं। घरों और झोपड़ियों में रहने वाले लोगों के लिए यह खतरा और बढ़ जाता है।
खासकर रात और सुबह के समय जमीन पर सोने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। घर के आसपास जमा पानी, झाड़ियों, लकड़ी के ढेर और ऐसे स्थान जहां सांप छिप सकते हैं, उन्हें साफ रखना जरूरी माना जाता है।
सोथा चक में हुई घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी इसी तरह की चिंता दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में गांवों में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
मोहित और भृंगराज की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। कुछ ही समय पहले तक दोनों बच्चे अपनी मां के साथ थे, लेकिन सांप के डसने के बाद उनकी जिंदगी नहीं बच सकी।
मां सोनी कुमारी का इलाज भी गंभीर स्थिति में चल रहा है। ऐसे में परिवार के सामने एक साथ बच्चों की मौत और मां की गंभीर हालत की दोहरी चिंता खड़ी हो गई है।
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घटना की जानकारी फैलने के बाद आसपास के ग्रामीण भी परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। गांव में इस हादसे को लेकर हर कोई दुखी है।
सांप काटने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना जरूरी
सांप के काटने की स्थिति में समय पर चिकित्सा सहायता मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। विशेषज्ञ चिकित्सा व्यवस्था तक जल्द पहुंचने की सलाह देते हैं। सांप काटने के बाद घरेलू उपचार या झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाना चाहिए।

इस मामले में भी परिजन तीनों को पहले नौबतपुर रेफरल अस्पताल लेकर पहुंचे थे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना एम्स भेजा गया। हालांकि, उपचार के दौरान दोनों बच्चों की जान नहीं बचाई जा सकी।
गांव में दहशत और मातम का माहौल
दो बच्चों की मौत के बाद सोथा चक गांव में एक तरफ परिवार में मातम है तो दूसरी ओर ग्रामीणों में सांप को लेकर डर बना हुआ है। बरसात के बीच इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
मां सोनी कुमारी का इलाज पटना एम्स में चल रहा है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर परिवार के लोग डॉक्टरों से लगातार जानकारी ले रहे हैं। घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों की नजर अब उनके स्वास्थ्य पर टिकी है।
राज कुमार की रिपोर्ट
