वैशाली पुल हादसे पर तेजस्वी बोले- घटिया निर्माण सामग्री व मानकों की अनदेखी से गिरा पुल
वैशाली पुल हादसे पर तेजस्वी ने सरकार को घेरा
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। वैशाली पुल हादसा सामने आने के बाद बिहार की राजनीति भी गरमा गई है। वैशाली के लालगंज में भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे NH-139W फोरलेन मार्ग पर निर्माणाधीन पुल का लॉन्चर अचानक नीचे गिर गया। हादसे में छह कर्मचारी घायल हो गए। इनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल दोनों कर्मचारियों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। वैशाली घटना के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसे लेकर एनडीए सरकार पर निशाना साधा और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि बिहार में लगातार पुलों से जुड़ी घटनाएं सामने आ रही हैं और इसके पीछे भ्रष्टाचार, घटिया निर्माण सामग्री तथा मानकों की अनदेखी जैसे कारण जिम्मेदार हैं। उन्होंने सरकार पर मामले की जांच और कार्रवाई के बजाय भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने का आरोप भी लगाया।
वैशाली में निर्माणाधीन पुल पर अचानक गिरा लॉन्चर
घटना वैशाली जिले के लालगंज क्षेत्र में गुरुवार को हुई। यहां राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की भारतमाला परियोजना के तहत NH-139W फोरलेन का निर्माण कार्य चल रहा है। इसी परियोजना के तहत निर्माणाधीन पुल पर कर्मचारी काम कर रहे थे। इसी दौरान पुल पर इस्तेमाल किया जा रहा भारी लॉन्चर अचानक भरभराकर नीचे गिर गया।

लॉन्चर के गिरते ही निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद कर्मचारियों और आसपास के लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए निर्माण स्थल पर काम भी प्रभावित हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
छह कर्मचारी घायल, दो की हालत गंभीर
वैशाली में लॉन्चर गिरने की घटना में छह कर्मचारियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद सभी घायलों को तत्काल लालगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया।
चिकित्सकों ने जांच के बाद दो कर्मचारियों की हालत गंभीर बताई। गंभीर स्थिति को देखते हुए दोनों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया। बाकी घायल कर्मचारियों का इलाज रेफरल अस्पताल में किया गया। घटना के बाद निर्माण स्थल पर काम कर रहे कर्मचारियों में भी दहशत का माहौल रहा।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन से जुड़े अधिकारी निर्माण स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दुर्घटना से संबंधित जानकारी जुटाई। लॉन्चर किस वजह से नीचे गिरा, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।
प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी, निर्माण कार्य के दौरान हुई चूक या किसी अन्य कारण की संभावना पर जांच की जा रही है। संबंधित विभाग की विस्तृत जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है। अधिकारियों की ओर से निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और काम करने के तरीके की भी जानकारी ली जा रही है।
वैशाली हादसे पर तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा
घटना के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में लगातार निर्माणाधीन पुलों से जुड़ी दुर्घटनाएं सामने आ रही हैं। उनके मुताबिक, निर्माण में गुणवत्ता से समझौता, घटिया सामग्री के इस्तेमाल और निर्धारित मानकों की अनदेखी जैसे मुद्दों की जांच होनी चाहिए।
तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने आशंका जताई कि सरकार मामले की निष्पक्ष जांच कराने के बजाय इसे दबाने की कोशिश कर सकती है।
हालांकि, पुल का लॉन्चर गिरने की वास्तविक वजह अभी जांच के दायरे में है। इसलिए हादसे के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
वैशाली पुल हादसे ने एक बार फिर निर्माणाधीन परियोजनाओं में सुरक्षा और गुणवत्ता से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में भारी मशीनों और उपकरणों के इस्तेमाल के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
हादसे के बाद यह भी जांच का विषय है कि लॉन्चर को स्थापित करने और उसके संचालन के दौरान निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। इसके अलावा उपकरण की तकनीकी स्थिति और निर्माण स्थल पर अपनाई जा रही सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच जरूरी है।
अगर जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों या एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
भारतमाला परियोजना के काम पर भी नजर
वैशाली के लालगंज में जिस मार्ग पर यह हादसा हुआ, वह भारतमाला परियोजना के तहत विकसित किया जा रहा NH-139W फोरलेन मार्ग है। इस तरह की परियोजनाओं में बड़ी संख्या में श्रमिक, इंजीनियर और भारी मशीनरी काम करती है। ऐसे में निर्माण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी की जरूरत होती है।
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लॉन्चर गिरने की घटना के बाद परियोजना से जुड़े अधिकारियों के सामने अब हादसे की वजह पता करने के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की चुनौती भी है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि घटना तकनीकी कारणों से हुई या निर्माण प्रक्रिया में किसी तरह की चूक हुई।

फिलहाल वैशाली पुलिस और प्रशासन की टीम घटनास्थल की जानकारी जुटा रही है। घायल कर्मचारियों के इलाज पर भी नजर रखी जा रही है। वहीं, राजनीतिक स्तर पर तेजस्वी यादव के आरोपों के बाद यह मामला और चर्चा में आ गया है।
जांच रिपोर्ट से साफ होगी हादसे की वजह
वैशाली में हुए इस हादसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि निर्माणाधीन पुल का लॉन्चर अचानक क्यों गिरा। फिलहाल किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। तकनीकी खराबी से लेकर मानवीय चूक तक सभी पहलुओं को जांच में शामिल किया जा रहा है।
अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसे के लिए कौन-से कारण जिम्मेदार रहे। यदि लापरवाही या सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की संभावना है। फिलहाल छह घायल कर्मचारियों के इलाज और हादसे की जांच दोनों पर प्रशासन का ध्यान है।
अमन कुमार की रिपोर्ट
