बिहार में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर बड़ा फैसला, CM सम्राट चौधरी ने किया साफ- 4 लाख तक मिलता रहेगा लोन

स्टूडेंट क्रेडिट

CM सम्राट चौधरी का बड़ा स्पष्टीकरण

निष्कर्ष भारत संवाददातापटना: बिहार के विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। पिछले कुछ दिनों से योजना के तहत शिक्षा ऋण की राशि को 4 लाख रुपये से घटाकर 2 लाख रुपये किए जाने को लेकर जारी भ्रम के बीच मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को 4 लाख रुपये तक का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड लोन मिलता रहेगा।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों के मन में किसी भी तरह का संशय नहीं रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख रुपये तक का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है और यह सुविधा आगे भी पहले की तरह जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार युवाओं की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आर्थिक संसाधनों की कमी को शिक्षा के रास्ते में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।

4 दिन में राज्यपाल से दूसरी मुलाकात, बढ़ी सियासी हलचल

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर सरकार की ओर से यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्यपाल से मुलाकात की है। खास बात यह है कि चार दिनों के भीतर मुख्यमंत्री की राज्यपाल से यह दूसरी मुलाकात बताई जा रही है। इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

हालांकि, राज्यपाल से मुलाकात और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के संबंध में मुख्यमंत्री के बयान के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

राजभवन

चार दिन पहले 4 लाख की जगह 2 लाख की खबर से मचा था भ्रम

दरअसल, करीब चार दिन पहले बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बदलाव की खबर सामने आने के बाद विद्यार्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई थी। जानकारी के मुताबिक, उच्च शिक्षा के लिए बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से मिलने वाली राशि को 4 लाख रुपये से घटाकर 2 लाख रुपये किए जाने की बात कही गई थी।

इस फैसले को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए थे। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर निशाना साधते हुए राज्य की आर्थिक स्थिति और कर्ज के बोझ को लेकर सवाल उठाए थे।

इसके बाद सरकार की ओर से मामले पर सफाई दी गई और कहा गया कि विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कुल ऋण राशि में कटौती नहीं की गई है। बदलाव मुख्य रूप से ऋण उपलब्ध कराने के माध्यम में किया गया है।

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2 लाख BSFEC से, बाकी 2 लाख बैंक के जरिए

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अब बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 2 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, 2 लाख रुपये से 4 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

यानी सरकार के स्पष्टीकरण के मुताबिक विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए पहले की तरह अधिकतम 4 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता हासिल कर सकते हैं। अंतर सिर्फ इतना है कि अब पूरी राशि एक ही माध्यम से उपलब्ध होने के बजाय अलग-अलग वित्तीय संस्थानों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार का कहना है कि इस बदलाव को लोन की राशि में कटौती के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। सरकार के अनुसार, इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए वित्तीय सहायता के दायरे को बढ़ाना और अधिक से अधिक छात्रों को संस्थागत शिक्षा ऋण से जोड़ना है।

पीएम विद्यालक्ष्मी और बैंकों से भी जोड़ी जा रही योजना

बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना, पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल और बैंकों से जोड़ने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अलग-अलग संस्थागत वित्तीय विकल्प उपलब्ध कराना है।

इस व्यवस्था से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है। खासकर वैसे छात्र, जो आर्थिक कारणों से इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट या अन्य उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने में परेशानी महसूस करते हैं, उनके लिए यह योजना महत्वपूर्ण मानी जाती है।

मुख्यमंत्री ने दूर किया विद्यार्थियों का संशय

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ताजा बयान के बाद सरकार ने यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत विद्यार्थियों के लिए अधिकतम 4 लाख रुपये तक की सहायता जारी रहेगी। इससे पिछले कुछ दिनों से राशि घटने को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता युवाओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है और आर्थिक समस्या के कारण किसी विद्यार्थी की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी।

अब विद्यार्थियों और अभिभावकों की नजर इस बात पर रहेगी कि 2 लाख रुपये तक बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम और शेष राशि बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराने की नई व्यवस्था को जमीन पर किस तरह लागू किया जाता है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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