बिहार में 15 अक्टूबर के बाद फिर शुरू होगा बालू खनन, सरकार तैयार, 984 करोड़ पहुंचा राजस्व

बालू खनन

बिहार में 15 अक्टूबर के बाद फिर शुरू होगा बालू खनन, राजस्व बढ़ा

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में बालू खनन को लेकर सरकार ने बड़ी तैयारी की है। खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि 15 अक्टूबर के बाद राज्य में एक बार फिर बालू खनन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार का फोकस खनन व्यवस्था को व्यवस्थित करने, पर्यावरणीय नियमों का पालन कराने और राजस्व संग्रह बढ़ाने पर है। मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने 725 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया था, जबकि 31 अगस्त 2026 तक 984 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है।

राजस्व में 35.85 फीसदी की बढ़ोतरी

मंत्री के मुताबिक, पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बार विभाग के राजस्व में 259.94 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। यह बढ़ोतरी करीब 35.85 फीसदी है। विभाग का मानना है कि राजस्व संग्रह में लगातार हो रही वृद्धि से बालू खनन व्यवस्था में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।

प्रमोद कुमार ने कहा कि विभाग की ओर से खनन गतिविधियों की निगरानी और राजस्व संग्रह की व्यवस्था को बेहतर बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि खनन से जुड़े संसाधनों का इस्तेमाल नियमों के तहत हो और इससे राज्य के राजस्व में भी वृद्धि हो।

15 अक्टूबर के बाद शुरू होगा बालू खनन

राज्य में मानसून के दौरान बालू खनन गतिविधियों पर रोक रहती है। अब सरकार ने 15 अक्टूबर के बाद खनन प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की तैयारी की है। हालांकि, सभी स्थानों पर एक साथ खनन शुरू नहीं किया जाएगा। नए बालू खनन क्षेत्रों में पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

सरकार का कहना है कि पर्यावरणीय मानकों और निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी होगा। ऐसे में जिन क्षेत्रों को आवश्यक अनुमति मिलेगी, वहीं खनन गतिविधियों को शुरू किया जाएगा। इससे सरकार एक ओर वैध बालू खनन को बढ़ावा देना चाहती है, वहीं दूसरी ओर नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की तैयारी भी कर रही है।

अवैध खनन पर भी नजर

बालू खनन के साथ अवैध खनन और परिवहन पर नियंत्रण भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। विभाग में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के साथ कार्रवाई को प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है। सरकार की योजना है कि वैध खनन को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाए, ताकि अवैध गतिविधियों पर भी अंकुश लगाया जा सके।

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मंत्री ने विभाग में पुलिस बल की कमी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस कमी को दूर करने के लिए खनन विभाग में पुलिस की भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री से स्वीकृति मिल चुकी है। अब भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

खनन विभाग में बढ़ेगा पुलिस बल

खनन से जुड़े मामलों की निगरानी और अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई में पुलिस बल की भूमिका अहम होती है। ऐसे में विभाग में अतिरिक्त पुलिस बल की भर्ती को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इससे खनन क्षेत्रों की निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।

पुलिस बल बढ़ने से खनन विभाग को अवैध उत्खनन, परिवहन और नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में कार्रवाई करने में मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ खनन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने पर भी जोर दे रही है।

राजस्व बढ़ाने पर सरकार का जोर

31 अगस्त तक 984 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल होना विभाग के लिए अहम उपलब्धि मानी जा रही है। पिछले वित्तीय वर्ष में पूरे साल 725 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। इस लिहाज से चालू वित्तीय वर्ष में अब तक की वसूली में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

सरकार का लक्ष्य केवल खनन प्रक्रिया को दोबारा शुरू करना नहीं है, बल्कि इसे नियमों के तहत संचालित करते हुए राजस्व संग्रह को और बढ़ाना भी है। नए क्षेत्रों में पर्यावरणीय मंजूरी के बाद खनन शुरू करने की नीति इसी दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सरकार की तैयारी से क्या बदलेगा

15 अक्टूबर के बाद बालू खनन शुरू होने से निर्माण कार्यों के लिए बालू की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, खनन की शुरुआत पर्यावरणीय स्वीकृति और निर्धारित नियमों के अनुसार ही होगी। इसके साथ ही विभाग में पुलिस बल की भर्ती होने से निगरानी व्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है।

सरकार के सामने अब चुनौती वैध खनन को सुचारु रूप से संचालित करने के साथ अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण की है। विभाग के बढ़ते राजस्व और नई तैयारियों के बीच आने वाले समय में खनन व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल सकता है।

Nishkarsh Bharat

पटना से राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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