बिहार MLC चुनाव में AAP की एंट्री, उतारे 4 उम्मीदवार, सभी 8 सीटों पर लड़ेगी चुनाव
AAP ने बिहार MLC चुनाव में चार उम्मीदवारों के नाम घोषित किए
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। AAP अब बिहार MLC चुनाव में उतर गई है। आम आदमी पार्टी ने बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों में से चार पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने साफ किया है कि वह सभी आठ सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बाकी चार सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम भी जल्द घोषित किए जाएंगे। पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष राकेश यादव ने गुरुवार को पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पहली सूची जारी की।
AAP की इस घोषणा के साथ बिहार विधान परिषद चुनाव में राजनीतिक दलों की सक्रियता और बढ़ गई है। इस चुनाव में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता मतदान करते हैं। ऐसे में उम्मीदवारों का चयन और स्थानीय स्तर पर संगठन की सक्रियता चुनावी तैयारियों का अहम हिस्सा बन गई है।
AAP ने चार सीटों पर उतारे उम्मीदवार
AAP की पहली सूची में पटना स्नातक सीट से हिमांशु पटेल को उम्मीदवार बनाया गया है। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. शंभूनाथ ठाकुर चुनाव मैदान में होंगे। तिरहुत स्नातक सीट से ऋषि अग्रवाल और कोसी स्नातक सीट से अधिवक्ता डॉ. मैथ्यू देव को प्रत्याशी बनाया गया है।
चार नामों की घोषणा के बाद अब पार्टी की नजर बाकी चार सीटों पर है। प्रदेश अध्यक्ष राकेश यादव ने कहा है कि शेष सीटों के उम्मीदवारों के नाम भी जल्द सामने आएंगे। इसके साथ ही AAP की पूरी चुनावी सूची स्पष्ट हो जाएगी।
पार्टी ने जिन चार सीटों के लिए अभी उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं, उनमें पटना शिक्षक, सारण शिक्षक, तिरहुत शिक्षक और दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों पर उम्मीदवारों के ऐलान के बाद पार्टी का पूरा चुनावी फोकस सामने आएगा।
AAP का सभी आठ सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला
AAP ने बिहार MLC चुनाव में किसी एक या कुछ चुनिंदा सीटों तक खुद को सीमित नहीं रखने का फैसला किया है। पार्टी ने सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारने की घोषणा की है। इससे चुनाव में उसका संगठनात्मक विस्तार और अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश भी सामने आती है।
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चार सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा के बाद अब पार्टी को बाकी उम्मीदवारों के नाम तय करने हैं। शिक्षक और स्नातक सीटों की प्रकृति अलग होने के कारण दोनों वर्गों के मतदाताओं के बीच संगठन और उम्मीदवारों की पहुंच चुनाव प्रचार में महत्वपूर्ण होगी।
AAP प्रदेश अध्यक्ष राकेश यादव ने पार्टी की ओर से शिक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों को चुनावी अभियान का हिस्सा बनाने की बात कही है। उन्होंने मतदाताओं से चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील भी की।
चुनाव प्रक्रिया को लेकर AAP ने क्या कहा?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान AAP ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी अपनी बात रखी। पार्टी ने निर्वाचन आयोग से चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने की मांग की। साथ ही स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं से अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने की अपील की गई।

विधान परिषद की इन सीटों के चुनाव में सामान्य विधानसभा चुनावों से अलग तरह की मतदाता सूची होती है। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए पात्र मतदाताओं का अलग से पंजीकरण किया जाता है। इसलिए उम्मीदवारों के लिए सिर्फ सामान्य राजनीतिक प्रचार के बजाय संबंधित मतदाता समूहों तक पहुंच बनाना भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
बिहार MLC चुनाव में कई दल मैदान में
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों का चुनाव इस बार कई राजनीतिक दलों और संगठनों की सक्रियता के कारण चर्चा में है। AAP के अलावा NDA, महागठबंधन और जन सुराज भी चुनाव मैदान में हैं। जन सुराज ने आठों सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा पहले ही कर दी थी।
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वहीं बीजेपी ने भी बिहार की चार सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित किए हैं। पार्टी ने पटना शिक्षक से नवल किशोर यादव, कोसी स्नातक से डॉ. एनके यादव, दरभंगा स्नातक से सर्वेश कुमार और तिरहुत शिक्षक से नरेंद्र प्रसाद सिंह को प्रत्याशी बनाया है।
इस तरह अलग-अलग दलों की ओर से उम्मीदवारों के ऐलान के साथ कई निर्वाचन क्षेत्रों में मुकाबले की तस्वीर धीरे-धीरे स्पष्ट हो रही है। हालांकि अंतिम स्थिति नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही साफ होगी।
जन सुराज पहले ही घोषित कर चुका है सभी नाम
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने बिहार की सभी आठ विधान परिषद सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित किए हैं। पार्टी ने पहले पांच नाम जारी किए थे और बाद में तीन अन्य सीटों के लिए भी प्रत्याशियों की घोषणा कर दी थी। इनमें पटना स्नातक से डॉ. अनुज सिंह, तिरहुत स्नातक से डॉ. विमोहन कुमार और तिरहुत शिक्षक से भूषण झा के नाम शामिल थे।
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हालांकि चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ उम्मीदवारों में बदलाव की स्थिति भी सामने आई है। तिरहुत शिक्षक सीट से जन सुराज के घोषित उम्मीदवार भूषण कुमार झा ने बाद में पार्टी छोड़कर निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की थी।
23 अक्टूबर को मतदान, 27 अक्टूबर को मतगणना
बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान प्रस्तावित है। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर बताई गई है। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी, जबकि उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी।
चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ राजनीतिक दलों की गतिविधियां भी तेज होंगी। फिलहाल AAP ने चार सीटों पर प्रत्याशी उतारकर अपनी शुरुआत कर दी है और बाकी चार सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा का इंतजार है।
स्नातक सीटों पर कौन कर सकता है मतदान?
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के लिए मतदाता के पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होना जरूरी है। इसके अलावा संबंधित निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े निवास और मतदाता सूची में पंजीकरण जैसी शर्तें पूरी करनी होती हैं।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के लिए संबंधित व्यक्ति का निर्धारित शैक्षणिक संस्थान में शिक्षक के रूप में आवश्यक अवधि तक कार्य करना जरूरी होता है। इन निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची सामान्य विधानसभा या लोकसभा चुनावों की मतदाता सूची से अलग तैयार की जाती है।
इस वजह से MLC चुनाव का प्रचार और मतदाता संपर्क भी आम चुनावों से अलग स्वरूप रखता है। AAP के चार उम्मीदवारों की घोषणा के बाद अब बाकी चार सीटों पर पार्टी किसे मैदान में उतारती है, इस पर नजर रहेगी। शेष उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद बिहार विधान परिषद चुनाव की पूरी तस्वीर और स्पष्ट होगी।
