बिहार में समय से पहले मानसून की विदाई, 8 जिलों में होगी बारिश, अलर्ट जारी

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बिहार में मानसून की विदाई शुरू, 8 जिलों में बारिश के आसार

निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। बिहार में मानसून की विदाई इस बार सामान्य समय से पहले शुरू हो गई है। दक्षिण-पश्चिम बिहार के कई हिस्सों से मानसून लौटने लगा है और इसकी वापसी की रेखा अब सुपौल के आसपास तक पहुंच गई है। आमतौर पर राज्य से मानसून की विदाई अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में होती है, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज कुछ अलग दिखाई दे रहा है। हालांकि मानसून की वापसी के बावजूद अगले कुछ दिनों तक बिहार के कुछ इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव क्षेत्र और बिहार के आसपास सक्रिय मौसमी सिस्टम के प्रभाव से 6 से 9 अक्टूबर के बीच कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है। उत्तर बिहार के नेपाल से सटे जिलों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत अधिक रह सकती हैं। वहीं पटना समेत कई अन्य जिलों में फिलहाल गर्मी और उमस का असर बना रहने की उम्मीद है।

मानसून की वापसी की रेखा सुपौल तक पहुंची

बिहार में मानसून की वापसी की प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। इसकी वापसी की रेखा अब सुपौल से होकर गुजर रही है, जो राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून के कमजोर पड़ने का संकेत है। मानसून की विदाई आगे बढ़ने के साथ बारिश की गतिविधियों में भी सामान्य तौर पर कमी आने की संभावना रहती है।

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हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि राज्य में तुरंत बारिश पूरी तरह बंद हो जाएगी। स्थानीय मौसम प्रणालियों, हवा में मौजूद नमी और आसपास बने ट्रफ के कारण कुछ जिलों में छिटपुट बारिश होती रह सकती है।

मानसून के बीच 8 जिलों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार नेपाल की सीमा से सटे उत्तर बिहार के करीब आठ जिलों में आज तेज बारिश की संभावना बन रही है। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार फिलहाल इन जिलों के लिए किसी विशेष अलर्ट की घोषणा नहीं की गई है।

उत्तर बिहार में बादल छाने के साथ कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। स्थानीय स्तर पर गरज-चमक की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। इसके विपरीत पटना और दक्षिण बिहार के कई हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने का अनुमान है।

बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बढ़ा सकता है बारिश

अगले कुछ दिनों के मौसम में बंगाल की खाड़ी में बन रहा निम्न दबाव क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके प्रभाव से वातावरण में नमी बढ़ने की संभावना है, जिसका असर बिहार के कुछ हिस्सों में बादल और बारिश के रूप में दिखाई दे सकता है।

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6 से 9 अक्टूबर के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना इसी मौसमी गतिविधि से जुड़ी बताई जा रही है। हालांकि बारिश की तीव्रता हर जिले में एक जैसी नहीं होगी। कुछ जगहों पर केवल बादल छाने या हल्की बूंदाबांदी तक मौसम सीमित रह सकता है।

बिहार के ऊपर कई मौसमी सिस्टम सक्रिय

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर बांग्लादेश तक एक ट्रफ बना हुआ है। यह बिहार, झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर से गुजर रहा है। इसके कारण वातावरण में नमी बनी रहने की संभावना है।

इस सिस्टम के चलते उत्तर बिहार के कुछ जिलों में बादल छाने और बारिश होने का माहौल बन सकता है। इसके अलावा बिहार और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी मौजूद है। इससे स्थानीय स्तर पर बादल विकसित होने और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना रहती है। एक अन्य ट्रफ भी मौसम को प्रभावित कर रहा है।

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उत्तर-मध्य बिहार से उत्तर ओडिशा तक करीब 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक और ट्रफ बना हुआ है। यह सिस्टम झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर से गुजर रहा है। इसके कारण बिहार के कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

इन सभी मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए मानसून की विदाई शुरू होने के बावजूद बिहार में अगले कुछ दिनों तक पूरी तरह शुष्क मौसम की स्थिति बनने की संभावना कम है।

नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इसका बिहार पर सीधा असर बहुत अधिक नहीं रहने की संभावना है, लेकिन देश के उत्तरी हिस्सों के मौसम में इससे बदलाव आ सकता है।

बिहार में इसका प्रभाव मुख्य रूप से अप्रत्यक्ष रूप से मौसम की परिस्थितियों को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल राज्य में बारिश के लिए बंगाल की खाड़ी का सिस्टम और स्थानीय ट्रफ अधिक महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

पटना में धूप और उमस का असर

राजधानी पटना में फिलहाल मौसम का मिजाज उत्तर बिहार से अलग रहने की संभावना है। दिन में तेज धूप निकल सकती है और इसके कारण गर्मी के साथ उमस लोगों को परेशान कर सकती है। हालांकि बीच-बीच में हल्के बादल भी दिखाई दे सकते हैं।

पटना में बारिश की संभावना फिलहाल कम बताई जा रही है। मानसून की वापसी आगे बढ़ने के साथ राजधानी समेत दक्षिण बिहार के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे कमजोर हो सकती हैं।

बाढ़ का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं

मानसून की विदाई शुरू होने के बावजूद बिहार में बाढ़ की स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। राज्य के छह जिलों के करीब 466 गांव अब भी बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। करीब आठ लाख लोगों पर बाढ़ का असर पड़ा है।

प्रशासन की ओर से बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। अब तक करीब 92,730 बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने की जानकारी है। सारण में बाढ़ का प्रभाव सबसे ज्यादा बताया जा रहा है।

दूसरी ओर पटना में गंगा के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आने लगी है। जलस्तर घटने से नदी किनारे रहने वाले लोगों और बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि जलस्तर में बदलाव को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की जरूरत बनी हुई है।

मानसून की विदाई के बाद बदलेगा मौसम

अक्टूबर के आगे बढ़ने के साथ बिहार में मानसून का प्रभाव लगातार कमजोर होने की उम्मीद है। आने वाले सप्ताहों में राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने लगेगा। दिन में धूप और गर्मी बनी रह सकती है, जबकि सुबह और रात के तापमान में धीरे-धीरे बदलाव महसूस होने लगेगा।

हालांकि मानसून की वापसी के बाद भी स्थानीय मौसम प्रणालियां पूरी तरह खत्म नहीं होतीं। ऐसे में उत्तर बिहार के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश या गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

बिहार में मानसून की विदाई की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन बारिश से तुरंत पूरी तरह राहत मिलने वाली स्थिति नहीं है। अगले कुछ दिनों में उत्तर बिहार के कुछ जिलों में बारिश और दक्षिण बिहार में उमस व गर्मी का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे राज्य में शुष्क मौसम का प्रभाव बढ़ने की संभावना है।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट