प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले मौसम का यू-टर्न, 10 जिलों में होगी बारिश, अलर्ट जारी

मानसून

बिहार में मानसून की विदाई से पहले 10 जिलों में बारिश का अलर्ट

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। मानसून की विदाई से पहले बिहार के मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। राज्य में कई दिनों से बारिश की गतिविधियां कम होने के बाद अब कुछ इलाकों में मानसून फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। शनिवार 3 अक्टूबर को गया, मुंगेर, पूर्णिया, वैशाली, जहानाबाद, कटिहार, किशनगंज, समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण और भागलपुर में बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा चलने का अनुमान है।

मानसून बारिश का यह दौर ऐसे समय में आ रहा है, जब बिहार के कई जिले पहले से बाढ़ की मार झेल रहे हैं। गंडक, गंगा, बागमती, घाघरा समेत कई नदियों के जलस्तर से निचले इलाकों में परेशानी बनी हुई है। ऐसे में दोबारा बारिश होने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आधिकारिक फ्लड मॉनिटरिंग आंकड़ों में भी कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान से ऊपर दर्ज की गई हैं।

मानसून फिर सक्रिय, 10 जिलों में बारिश

मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार शनिवार को बिहार के 10 जिलों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। गया, मुंगेर, पूर्णिया, वैशाली, जहानाबाद, कटिहार, किशनगंज, समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण और भागलपुर में तेज बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश भी हो सकती है।

मानसूनबारिश के साथ हवा की रफ्तार भी बढ़ने का अनुमान है। करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है। विशेषकर खुले मैदान, खेतों और जलजमाव वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

मानसून की बारिश से बढ़ सकती है बाढ़ प्रभावितों की परेशानी

राज्य में इस समय मानसून का बदलाव सामान्य बारिश से ज्यादा महत्वपूर्ण इसलिए है, क्योंकि उत्तर बिहार के कई जिले पहले से बाढ़ की चपेट में हैं। गंडक नदी का जलस्तर कई जगहों पर खतरे के निशान के ऊपर बना हुआ है। गंडक, गंगा, बागमती और घाघरा समेत कई नदियों में पानी बढ़ने या ऊंचे स्तर पर बने रहने से तटबंधों पर दबाव बना हुआ है।

निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: NDA में बगावत की आहट: UP की सभी 403 सीटों पर Chirag की ललकार, प्रेशर पॉलिटिक्स या BJP से मोलभाव ?

हाल के दिनों में गंडक के उफान ने पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति को गंभीर बनाया है। आधिकारिक आंकड़ों में 2 अक्टूबर को भी गंडक, गंगा, घाघरा और अन्य नदियों के कई गेज केंद्रों पर जलस्तर चेतावनी या खतरे के स्तर से ऊपर दर्ज किया गया।

बारिश से राहत की रफ्तार पर भी असर

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कई जगह पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन जलस्तर घटने की रफ्तार कम रहने से लोगों को तत्काल राहत मिलने की संभावना सीमित है। ऐसे में अगर बारिश होती है तो निचले इलाकों में जलजमाव और बढ़ सकता है।

गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और सारण को जोड़ने वाले राम-जानकी पथ के कुछ हिस्सों में भी बाढ़ का पानी सड़क पर बहने की स्थिति बताई गई है। सड़कों पर पानी आने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण इलाकों में पहले से ही राहत और आवागमन की चुनौतियां बनी हुई हैं।

तटबंधों पर रात में निगरानी

बाढ़ के बीच जल संसाधन विभाग की ओर से प्रभावित तटबंधों की निगरानी बढ़ाई गई है। संवेदनशील स्थानों पर रात में विशेष पेट्रोलिंग की जा रही है, ताकि पानी के दबाव या रिसाव की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

इसे भी पढ़ें: बिहार से मानसून की विदाई शुरू, अब बढ़ेगी गर्मी, पटना में उमस करेगी बेहाल

गंडक के जलस्तर को लेकर प्रशासन और जल संसाधन विभाग लगातार नजर बनाए हुए हैं। नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के साथ तटबंधों की स्थिति की भी निगरानी की जा रही है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

पटना में उमस वाली गर्मी का असर

बिहार के सभी जिलों में बारिश की संभावना नहीं है। राज्य के कई हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। पटना समेत दक्षिण और मध्य बिहार के कई इलाकों में धूप निकलने के साथ वातावरण में नमी बनी रह सकती है। इसके कारण लोगों को उमस वाली गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े

पटना में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। दिन में धूप और नमी के कारण तापमान सामान्य से ज्यादा महसूस हो सकता है। वहीं, बादलों की आवाजाही वाले इलाकों में मौसम कुछ समय के लिए बदल सकता है।

मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का दौर

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बिहार में अलग-अलग स्थानों पर 8 अक्टूबर तक छिटपुट बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इसका मतलब यह है कि मानसून की मुख्य गतिविधि कमजोर होने के बावजूद कुछ इलाकों में बारिश पूरी तरह खत्म नहीं होगी।

जिन जिलों में फिलहाल बारिश की गतिविधि कम है, वहां 5 अक्टूबर तक मौसम में बहुत बड़ा बदलाव नहीं होने का अनुमान है। इसके बाद 6 अक्टूबर से इन इलाकों में भी मौसम का मिजाज बदल सकता है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक बिहार में मौसम पूरी तरह स्थिर रहने की संभावना नहीं है।

बाढ़ और बारिश के बीच बढ़ी सावधानी की जरूरत

बिहार में इस समय मौसम और बाढ़ दोनों मोर्चों पर सतर्कता जरूरी है। एक तरफ मानसून की विदाई का दौर चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ नदियों का जलस्तर कई स्थानों पर ऊंचा बना हुआ है। ऐसे में तेज बारिश होने पर बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थानीय स्तर पर परेशानी बढ़ सकती है।

मौसम विभाग के अलर्ट वाले जिलों में लोगों को गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने और तेज हवा के समय पेड़, बिजली के खंभे तथा कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए नदी और तटबंध की स्थिति पर नजर रखना भी जरूरी है। अगले कुछ दिनों में बारिश और नदियों के जलस्तर की स्थिति ही तय करेगी कि प्रभावित इलाकों में राहत की रफ्तार कितनी बढ़ पाती है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

You may have missed