‘कार्रवाई होगी तो देखा जाएगा’, मांझी को अनंत सिंह का जवाब, विवाद पर दोनों आमने-सामने
अनंत सिंह के नौ हत्याओं से जुड़े बयान पर जीतन राम मांझी ने कार्रवाई की मांग की। विधायक ने कहा, कार्रवाई होगी तो देखा जाएगा।
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। बिहार की राजनीति में मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह के नौ लोगों की हत्या से जुड़े बयान को लेकर विवाद बढ़ गया है। केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने इस मामले में जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस पर अनंत सिंह ने अपने अंदाज में जवाब देते हुए कहा, “कार्रवाई होगी तो देखा जाएगा।” दोनों नेताओं के बयानों के बाद इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।
अनंत सिंह का विवादित बयान ऐसे समय सामने आया है, जब बिहार में विधान परिषद की पटना स्नातक सीट को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। मोकामा विधायक इस चुनाव में जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं, जबकि एनडीए की ओर से जदयू के मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार मैदान में हैं। अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच पहले से ही राजनीतिक मतभेद सामने आते रहे हैं।
अनंत सिंह के बयान पर मांझी ने उठाए सवाल
नौ लोगों की हत्या से जुड़े बयान पर जब केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी से सवाल किया गया, तो उन्होंने हत्या को गलत बताते हुए मामले की जांच कराने की मांग की। मांझी का कहना था कि किसी ने नौ लोगों की हत्या की हो या दस लोगों की, हत्या किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराई जा सकती।
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उन्होंने कहा कि हत्या किसी के लिए की गई हो या किसी के कहने पर कराई गई हो, इसे सही नहीं माना जा सकता। मामले की जांच होनी चाहिए और यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
मांझी के इस रुख के बाद अनंत सिंह से प्रतिक्रिया मांगी गई। जब उनसे पूछा गया कि केंद्रीय मंत्री ने कार्रवाई की मांग की है, तो उन्होंने कहा, “कार्रवाई होगी तो देखा जाएगा।” उनके इस जवाब के बाद राजनीतिक हलकों में बयानबाजी को लेकर चर्चा तेज हो गई।
अनंत सिंह ने नौ हत्याओं वाले बयान पर क्या कहा था?
अनंत सिंह ने हाल में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपने पुराने राजनीतिक संबंधों और उस दौरान किए गए त्याग का जिक्र करते हुए नौ लोगों की हत्या से जुड़ा बयान दिया था। इस बयान के सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में विवाद शुरू हो गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने शुरुआत में ऐसा कहा था जिससे यह अर्थ निकला कि नीतीश कुमार का साथ देते हुए उन्होंने नौ लोगों की हत्या कराई थी। बाद में उन्होंने अपने बयान पर सफाई दी।

अनंत सिंह ने स्पष्ट किया कि उनकी बात को गलत तरीके से समझा गया। उनके मुताबिक, नीतीश कुमार का साथ देने के कारण लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में उनके नौ सहयोगियों की हत्या हुई थी और उन्हें खुद भी गोली लगी थी। उन्होंने इसे अपने राजनीतिक जीवन में हुए नुकसान और कुर्बानी के संदर्भ में बताया।
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इसलिए इस पूरे विवाद में उनके शुरुआती बयान और बाद में दी गई सफाई, दोनों को ध्यान में रखना जरूरी है। हत्या से संबंधित उनके दावे अपने आप में किसी अपराध के साबित होने का प्रमाण नहीं हैं। मामले में किसी जांच या आधिकारिक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होने पर ही आगे की तस्वीर सामने आएगी।
अनंत सिंह ने एमएलसी चुनाव में जीत का किया दावा
विवाद के बीच अनंत सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने जीत का दावा करते हुए कहा, “12 आना वोट हमको मिलेगा, बाकी चार आना वोट में अन्य सभी को मिलेगा।”
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उनका यह बयान चुनाव में अपने समर्थित उम्मीदवार की स्थिति को लेकर उनके भरोसे को दर्शाता है। हालांकि, यह उनका राजनीतिक दावा है और चुनाव का वास्तविक परिणाम मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।
पटना स्नातक सीट पर मुकाबला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि अनंत सिंह जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं, जबकि एनडीए की ओर से जदयू के नीरज कुमार मैदान में हैं। अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक खींचतान के कारण चुनावी बयानबाजी भी तेज हुई है।
नीरज कुमार से अनंत सिंह की राजनीतिक अदावत
मोकामा विधायक अनंत सिंह अपने बेबाक अंदाज और विवादित बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं। पटना स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर भी उनकी राजनीतिक सक्रियता बढ़ी हुई है। नीरज कुमार को लेकर उनकी नाराजगी पहले भी सामने आती रही है।
इस चुनाव में जदयू के उम्मीदवार के खिलाफ दूसरे प्रत्याशी का समर्थन करना पार्टी के भीतर राजनीतिक मतभेदों की चर्चा को भी हवा दे रहा है। हालांकि, अनंत सिंह के समर्थन और उनके बयानों को चुनावी समीकरणों पर किस हद तक असर डालने वाला माना जाए, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
बिहार की राजनीति में बयानबाजी से बढ़ी हलचल
अनंत सिंह के बयान, उसके बाद आई सफाई और जीतन राम मांझी की कार्रवाई की मांग ने इस मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। एक ओर मांझी ने हत्या के आरोपों की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही, तो दूसरी ओर अनंत सिंह ने अपने अंदाज में जवाब दिया।
अब इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी। साथ ही पटना स्नातक एमएलसी चुनाव में अनंत सिंह के समर्थित उम्मीदवार और जदयू प्रत्याशी के बीच मुकाबला भी राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
