पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां टकराईं, नेता प्रतिपक्ष सुरक्षित

राहुल गांधी

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर काफिले की 5 गाड़ियां टकराईं, राहुल गांधी सुरक्षित

निष्कर्ष भारत, संवाददाता–सुलतानपुर/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सोमवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के काफिले के पीछे चल रहे वाहनों के बीच टक्कर हो गई। हादसा सुलतानपुर जिले के हलियापुर क्षेत्र में माइलस्टोन 89.5 के पास हुआ। जानकारी के मुताबिक, काफिले के पीछे चल रही चार कारें और एक एंबुलेंस आपस में टकरा गईं। राहत की बात यह रही कि राहुल गांधी सुरक्षित हैं। वह सुलतानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में मानहानि मामले में होने वाली सुनवाई और फैसले के सिलसिले में जा रहे थे।

हादसे के बाद काफिले में शामिल वाहनों को लेकर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। शुरुआती रिपोर्टों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों के घायल होने की खबर भी सामने आई है। हालांकि, घायलों की संख्या और उनकी स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है। दुर्घटना कैसे हुई, इसकी वजह भी फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

लखनऊ एयरपोर्ट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत

राहुल गांधी सोमवार सुबह लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे थे। यहां कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह सड़क मार्ग से सुलतानपुर के लिए रवाना हुए।

राहुल गांधी रायबरेली से सांसद हैं और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। सुलतानपुर में उनकी अदालत में पेशी को देखते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रास्ते में स्वागत की तैयारियां भी की थीं। हादसे के बाद उनके काफिले में शामिल अन्य वाहनों की सुरक्षा और यात्रा को लेकर भी लोगों की नजर बनी रही।

मानहानि मामले में आज आना है फैसला

राहुल गांधी सुलतानपुर में वर्ष 2018 से चल रहे आपराधिक मानहानि मामले में अदालत के फैसले के सिलसिले में पेश होने जा रहे हैं। यह मामला कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बेंगलुरु में दिए गए उनके एक कथित विवादित बयान से जुड़ा है। उस समय भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह थे, जो अब केंद्रीय गृह मंत्री हैं।

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स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि राहुल गांधी की टिप्पणी से अमित शाह की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। मामले में सुनवाई के बाद अदालत ने फैसला सुनाने की तारीख 26 अक्टूबर निर्धारित की थी।

एमपी-एमएलए अदालत के अतिरिक्त सिविल जज शुभम वर्मा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की पत्रावली निर्णय के लिए सुरक्षित रखी थी। अदालत में फैसले के समय राहुल गांधी की मौजूदगी अपेक्षित है। इस मामले में राहुल गांधी पहले भी अदालत में पेश हो चुके हैं और उन्हें जमानत मिल चुकी है।

क्या है पूरा मानहानि मामला?

शिकायत के मुताबिक, राहुल गांधी ने मई 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान बेंगलुरु में एक प्रेस वार्ता या चुनावी कार्यक्रम में अमित शाह को लेकर टिप्पणी की थी। इस बयान को लेकर भाजपा नेता विजय मिश्रा ने कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।

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मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से राहुल गांधी की आवाज के नमूने का मिलान कराने की मांग भी की गई थी। हालांकि, निचली अदालत ने इस आवेदन को खारिज कर दिया था। इसके बाद सत्र न्यायालय और इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी इस संबंध में याचिकाएं दाखिल की गईं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद मानहानि मामले की सुनवाई आगे बढ़ी।

सुलतानपुर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

राहुल गांधी की पेशी को देखते हुए सुलतानपुर जिला प्रशासन ने अदालत परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है। पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि अदालत की कार्यवाही के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं के भी जिले में अलग-अलग स्थानों पर जुटने की तैयारी थी। राहुल गांधी की मौजूदगी और मानहानि मामले में फैसले की तारीख को देखते हुए प्रशासन सतर्क है।

हादसे के बाद फैसले पर सबकी नजर

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुई टक्कर के बावजूद राहुल गांधी के सुरक्षित होने की खबर से राहत मिली है। फिलहाल हादसे के कारणों और घायलों की स्थिति को लेकर अधिक जानकारी का इंतजार है।

वहीं, सुलतानपुर की अदालत में मानहानि मामले का फैसला राजनीतिक और कानूनी, दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है। अब सभी की नजर अदालत के निर्णय और उसके बाद राहुल गांधी की आगे की कार्रवाई पर रहेगी।

Nishkarsh Bharat

भूमि आर्या की रिपोर्ट