बिहार में अर्नब का असर, 33 जिलों में बारिश, पटना में 7 डिग्री गिरा पारा, बाजारों में पसरा सन्नाटा

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बिहार में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर, 33 जिलों में बारिश का अलर्ट। पटना में 6.9 डिग्री गिरा तापमान, धान की फसल और जनजीवन प्रभावित।

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में अक्टूबर के आखिरी दिनों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से पटना समेत राज्य के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। गुरुवार से शुरू हुआ आंधी-पानी का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी है। मौसम में आए इस बदलाव ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल पर बारिश और तेज हवाओं का असर दिखाई देने लगा है। दूसरी तरफ फेस्टिव सीजन में बाजारों की रौनक भी फीकी पड़ गई है। कई शहरों में बारिश और ठंडी हवाओं के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर को बिहार के कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। सीतामढ़ी और मधुबनी में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं चार जिलों में ऑरेंज और अन्य प्रभावित जिलों में येलो अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 31 अक्टूबर तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। एक नवंबर से अधिकांश इलाकों में मौसम के शुष्क होने की संभावना है।

बिहार में अर्नब का असर, 33 जिलों में बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ चक्रवाती तूफान अर्नब तटीय इलाकों से आगे बढ़ने के बाद कमजोर पड़ चुका है। हालांकि, इसके अवशेष के रूप में बने निम्न दबाव और डिप्रेशन का असर पूर्वी भारत के मौसम पर दिखाई दे रहा है। इसी मौसमी प्रणाली के प्रभाव से बिहार में बादल छाए हुए हैं और अलग-अलग जिलों में रुक-रुककर बारिश हो रही है।

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मौसम विभाग की ओर से शुक्रवार को राज्य के 33 जिलों के लिए अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। सीतामढ़ी और मधुबनी में अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर और दरभंगा में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अन्य प्रभावित जिलों में येलो अलर्ट के तहत लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

उत्तर बिहार में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति इससे अधिक होने और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

पटना में 7 डिग्री गिरा तापमान, दिन में ही महसूस हुई ठंड

राजधानी पटना में बारिश का सीधा असर तापमान पर देखने को मिला है। गुरुवार को दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश के कारण अधिकतम तापमान में लगभग 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम संबंधी आंकड़ों के अनुसार शाम 5:30 बजे तक पटना में 12.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी।

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राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से 6.9 डिग्री नीचे गिरकर 24.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इस बदलाव के कारण लोगों को दिन में भी ठंड का एहसास होने लगा। आसमान में बादल छाए रहने और हल्की हवाएं चलने से मौसम सुहावना जरूर हुआ, लेकिन लगातार बारिश ने दैनिक गतिविधियों को प्रभावित किया है।

पटना के निचले इलाकों में जलजमाव की आशंका भी बढ़ गई है। सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हो सकता है। बारिश के कारण दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वाले लोगों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बिहार के इन जिलों में भी अर्नब का असर, बाजारों में सन्नाटा

चक्रवाती तूफान अर्नब का असर केवल राजधानी तक सीमित नहीं है। समस्तीपुर, बेगूसराय, गोपालगंज, बेतिया, अररिया, मधुबनी, नालंदा, खगड़िया, बक्सर, कटिहार और औरंगाबाद समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई है।

समस्तीपुर में पिछले करीब 30 घंटों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। यहां 24 घंटे के दौरान 12 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। अधिकतम तापमान 23.5 और न्यूनतम तापमान 20.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

अररिया में सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे। ठंडी हवाओं और बारिश के कारण बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में कम चहल-पहल दिखाई दी। गोपालगंज और बेतिया में भी लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है।

नालंदा में खेतों में खड़ी धान की फसल तेज हवा और बारिश के कारण कई जगह गिर गई है। वहीं कटिहार में किसानों के सामने धान की कटाई और मक्का की बुआई को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है। खगड़िया में बारिश के कारण सड़कों पर कीचड़ जमा होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

किसानों की बढ़ी चिंता, धान और गन्ने पर संकट

अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस समय बिहार के कई इलाकों में धान की फसल पकने के बाद कटाई की तैयारी चल रही है। ऐसे में लगातार बारिश और तेज हवा से खेतों में खड़ी फसल गिरने का खतरा बढ़ गया है।

धान की बालियां पानी में भीगने और खेतों में फसल गिरने से दानों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। लंबे समय तक नमी बने रहने पर फसल में फफूंद और दाने खराब होने की आशंका भी रहती है।

गन्ने की फसल के साथ आलू और मौसमी सब्जियों की खेती करने वाले किसानों की चिंता भी बढ़ी है। खेतों में पानी जमा होने से सब्जियों की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। दूसरी तरफ जिन किसानों ने धान की कटाई कर ली है, उन्हें खुले में रखी उपज को सुरक्षित रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

बक्सर समेत कई इलाकों में किसानों ने तेज हवा और बारिश से धान की फसल गिरने की शिकायत की है। किसान अब मौसम साफ होने और फसल के नुकसान का आकलन किए जाने का इंतजार कर रहे हैं।

बिहार में 31 अक्टूबर तक कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो दिनों तक राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

30 अक्टूबर: सीतामढ़ी और मधुबनी में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर और दरभंगा में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर बिहार के कई जिलों में तेज हवा, बिजली और भारी बारिश की संभावना है।

31 अक्टूबर: राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सारण, सीवान और वैशाली समेत कई इलाकों में मौसम खराब रहने की आशंका है। हालांकि, बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने का अनुमान है।

1 नवंबर: अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। अगले 48 घंटों के दौरान तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।

बारिश और बिजली से बचने के लिए रहें सावधान

मौसम में अचानक आए बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, खेत और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। तेज बारिश में अनावश्यक यात्रा नहीं करनी चाहिए। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलजमाव और संभावित बाढ़ जैसी परिस्थितियों पर नजर रखनी चाहिए।

किसानों को भी सलाह है कि कटी हुई फसल को सुरक्षित और ढके हुए स्थान पर रखें। खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था बनाए रखें और मौसम अनुकूल होने तक कटाई तथा छिड़काव जैसे काम सावधानी से करें।

फिलहाल बिहार में अर्नब के प्रभाव से बदला मौसम लोगों के लिए गर्मी से राहत लेकर आया है, लेकिन किसानों के लिए यह बारिश चिंता का कारण बन गई है। अब सबकी निगाहें मौसम विभाग के अगले पूर्वानुमान पर टिकी हैं।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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