बिहार में बिजली कनेक्शन महंगा, 1 नवंबर से देने होंगे ज्यादा पैसे, जानें नई दरें

बिजली

बिहार में बिजली कनेक्शन महंगा, 1 नवंबर से लागू होंगी नई दरें

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में नया बिजली कनेक्शन लेने की योजना बना रहे लोगों को अब पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। राज्य में 1 नवंबर 2026 से नए बिजली कनेक्शन के लिए बढ़ी हुई दरें लागू होने जा रही हैं। इसका सीधा असर उन परिवारों पर पड़ेगा जो नया घर बनवा रहे हैं या अपने मकान में अलग बिजली कनेक्शन लेना चाहते हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को 3 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए अब 900 रुपये सर्विस कनेक्शन शुल्क देना होगा। वहीं, इससे अधिक लोड का कनेक्शन लेने पर शुल्क बढ़ जाएगा।

नई दरों का असर केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा। दुकानदारों, छोटे कारोबारियों और औद्योगिक इकाइयों को भी नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए निर्धारित शुल्क चुकाना होगा। बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली वितरण कंपनियों की याचिका पर जुलाई में ही नई दरों को मंजूरी दे दी थी। इसके बाद 29 जुलाई को बिजली कंपनियों ने सभी जिलों को इसकी जानकारी भेज दी थी। अब 1 नवंबर से नई व्यवस्था लागू की जाएगी।

बिहार बिजली कनेक्शन: 1 नवंबर से क्या बदलेगा?

नई व्यवस्था के तहत बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को आवेदन के समय ही सर्विस कनेक्शन शुल्क की जानकारी मिल सकेगी। इससे लोगों को पहले से अंदाजा हो जाएगा कि उन्हें कितने लोड का कनेक्शन लेने पर कितनी राशि जमा करनी होगी। बिजली कंपनियों ने 150 किलोवाट तक के नए कनेक्शन के लिए शुल्क निर्धारित किया है।

निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: IIT पटना …रजिस्ट्रार AK ठाकुर पर FIR? | SC/ST थाने पहुंचे कांग्रेस नेता Aditya Paswan

इस व्यवस्था में एलटी सिंगल फेज, एलटी थ्री फेज और एचटी श्रेणी के कनेक्शन शामिल हैं। हालांकि, नई निर्धारित दरें उन्हीं इलाकों में लागू होंगी जहां पहले से बिजली आपूर्ति की सुविधा उपलब्ध है। यानी जहां बिजली का बुनियादी नेटवर्क मौजूद है, वहां नया कनेक्शन लेने के लिए निर्धारित शुल्क के आधार पर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

शुल्क जमा होने के बाद बिजली कंपनी तकनीकी जरूरत के अनुसार मीटर तक बिजली की लाइन और सर्विस तार उपलब्ध कराएगी। इसके बाद उपभोक्ता को नया कनेक्शन जारी किया जाएगा। इससे कनेक्शन लेने की प्रक्रिया में शुल्क को लेकर पहले से स्पष्टता रहेगी।

बिजली की नई दरें: 3 किलोवाट तक कितना देना होगा?

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलटी सिंगल फेज श्रेणी में 7 किलोवाट तक के कनेक्शन की अलग-अलग दरें तय की गई हैं। जिन लोगों को सामान्य घरेलू उपयोग के लिए कम लोड का कनेक्शन चाहिए, उनके लिए शुरुआती शुल्क 900 रुपये निर्धारित किया गया है।

नई दरों के अनुसार:

  • 3 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए 900 रुपये देने होंगे।
  • 3 किलोवाट से अधिक लोड के कनेक्शन के लिए 2,700 रुपये शुल्क निर्धारित है।
  • इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट के लिए 1,000 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।

इसका मतलब है कि जिन घरों में बिजली की खपत ज्यादा है और अधिक लोड का कनेक्शन चाहिए, उन्हें ज्यादा सर्विस कनेक्शन शुल्क चुकाना पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर, उपभोक्ता को कनेक्शन का लोड तय करते समय अपने घर में इस्तेमाल होने वाले बिजली उपकरणों की जरूरत का आकलन करना चाहिए। एसी, गीजर, मोटर और अन्य अधिक बिजली खपत करने वाले उपकरणों के इस्तेमाल के हिसाब से लोड का चुनाव करना जरूरी है।

थ्री फेज बिजली कनेक्शन की नई दरें भी जानिए

जिन घरों, दुकानों या प्रतिष्ठानों को ज्यादा बिजली लोड की जरूरत होती है, उनके लिए एलटी थ्री फेज कनेक्शन की व्यवस्था है। बिजली कंपनियों ने इस श्रेणी में भी लोड के आधार पर सर्विस कनेक्शन शुल्क तय किया है।

5 से 19 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए निर्धारित शुल्क इस प्रकार है:

  • 5 किलोवाट तक के कनेक्शन पर 4,500 रुपये देने होंगे।
  • 5 किलोवाट से अधिक लोड होने पर 4,500 रुपये के साथ प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट के लिए 1,500 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।

वहीं, 20 से 44 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए अलग शुल्क तय किया गया है:

  • 20 किलोवाट तक के कनेक्शन पर 21,000 रुपये शुल्क लगेगा।
  • 20 किलोवाट से अधिक लोड होने पर 21,000 रुपये के साथ प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट के लिए 2,000 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।

इन दरों के कारण अधिक लोड वाले कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को अपने खर्च का हिसाब पहले से रखना होगा। खासकर दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और छोटे उद्योगों के लिए बिजली कनेक्शन का खर्च उनके शुरुआती बजट को प्रभावित कर सकता है।

घर बनवा रहे लोगों और कारोबारियों पर पड़ेगा असर

बिहार में नई दरें लागू होने के बाद सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ सकता है जो नया मकान बनवा रहे हैं और निर्माण पूरा होने के बाद बिजली कनेक्शन लेना चाहते हैं। इसके अलावा किराये के मकान में अलग मीटर लगवाने या नए प्रतिष्ठान की शुरुआत करने वाले लोगों को भी निर्धारित शुल्क के अनुसार भुगतान करना होगा।

खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े

छोटे दुकानदारों और कारोबारियों को भी कनेक्शन का लोड तय करने से पहले अपनी जरूरत समझनी होगी। कम लोड का कनेक्शन लेने पर शुरुआती शुल्क कम हो सकता है, लेकिन जरूरत से कम लोड लेने पर भविष्य में परेशानी हो सकती है। दूसरी तरफ, बिना जरूरत अधिक लोड का कनेक्शन लेने से शुरुआती खर्च बढ़ सकता है।

ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है कि वे बिजली कनेक्शन का आवेदन करने से पहले अपने उपयोग के मुताबिक सही लोड का चयन करें। इससे अनावश्यक खर्च से बचने में मदद मिल सकती है।

बिजली कंपनियों ने जिलों को भेजे निर्देश

बिहार विद्युत विनियामक आयोग की मंजूरी के बाद बिजली वितरण कंपनियों ने नई दरों से संबंधित जानकारी 29 जुलाई को ही सभी जिलों में भेज दी थी। अब कंपनियों के सभी अंचलों, प्रमंडलों और उपप्रमंडलों को 1 नवंबर से नई दरों का पालन करना होगा।

नई व्यवस्था का उद्देश्य नए कनेक्शन के लिए सर्विस कनेक्शन शुल्क को पहले से निर्धारित करना है, ताकि उपभोक्ताओं को आवेदन के समय ही खर्च का पता चल सके। इससे शुल्क को लेकर भ्रम की स्थिति कम हो सकती है और कनेक्शन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।

हालांकि, उपभोक्ताओं को यह ध्यान रखना होगा कि यहां बताई गई राशि सर्विस कनेक्शन शुल्क से संबंधित है। अलग-अलग श्रेणियों और कनेक्शन की तकनीकी जरूरतों के अनुसार अन्य लागू शुल्क या औपचारिकताएं भी हो सकती हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित बिजली वितरण कंपनी से पूरी जानकारी लेना बेहतर होगा।

नया बिजली कनेक्शन लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

1 नवंबर 2026 से नया कनेक्शन लेने वालों को नई दरों के हिसाब से भुगतान करना होगा। ऐसे में घर, दुकान या उद्योग के लिए आवेदन करने से पहले जरूरी लोड का आकलन कर लेना चाहिए। उपभोक्ता अपने क्षेत्र की बिजली वितरण कंपनी से कनेक्शन की श्रेणी, शुल्क और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी ले सकते हैं।

बिहार में बिजली कनेक्शन की नई दरें लागू होने से अब नया कनेक्शन लेने का शुरुआती खर्च बढ़ेगा। खासकर अधिक लोड की जरूरत वाले उपभोक्ताओं को इसका असर महसूस होगा। ऐसे में नवंबर से पहले या बाद में आवेदन करने की योजना बना रहे लोगों के लिए नई दरों की जानकारी रखना जरूरी है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट