पटना नगर निगम की कमाई में 43.6% का उछाल, प्रॉपर्टी टैक्स से मिले 80 करोड़

नगर निगम

पटना नगर निगम को प्रॉपर्टी टैक्स से मिले 80.79 करोड़ रुपये

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना नगर निगम के राजस्व संग्रह में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शहर में संपत्ति कर यानी प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली के आंकड़े बताते हैं कि नगर निगम की कमाई में पिछले साल की तुलना में करीब 43.6 प्रतिशत का उछाल आया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल से 31 अक्टूबर तक निगम को प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में 80.79 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 56.28 करोड़ रुपये था। इस तरह सात महीने की अवधि में निगम को पिछले साल के मुकाबले 24.52 करोड़ रुपये अधिक राजस्व मिला है।

राजस्व में हुई यह बढ़ोतरी केवल रकम तक सीमित नहीं है। इस दौरान टैक्स जमा करने वाली होल्डिंग्स की संख्या में भी इजाफा हुआ है। निगम के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में अधिक संपत्ति मालिक टैक्स के दायरे में आए हैं। घर-घर जाकर संपर्क करने, वार्ड स्तर पर शिविर लगाने और लोगों को स्थानीय स्तर पर भुगतान की सुविधा देने जैसी पहल का असर भी इस वृद्धि में दिखाई दे रहा है।

पटना नगर निगम की कमाई में 24.52 करोड़ रुपये का इजाफा

नगर निगम के लिए प्रॉपर्टी टैक्स राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इसी से शहर में सफाई, जल निकासी, सड़क, रोशनी और दूसरी नागरिक सुविधाओं से जुड़े कामों के लिए आर्थिक संसाधन जुटाने में मदद मिलती है। ऐसे में टैक्स संग्रह में हुई बढ़ोतरी निगम के वित्तीय प्रबंधन के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

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आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1 अप्रैल से 31 अक्टूबर के बीच प्रॉपर्टी टैक्स से 56.28 करोड़ रुपये मिले थे। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 की समान अवधि में यह राशि बढ़कर 80.79 करोड़ रुपये हो गई। दोनों वर्षों के आंकड़ों के बीच 24.52 करोड़ रुपये का अंतर है। प्रतिशत के हिसाब से देखें तो राजस्व में करीब 43.6 फीसदी की वृद्धि हुई है।

इस बढ़ोतरी के पीछे टैक्स भुगतान करने वालों की संख्या में वृद्धि भी एक अहम पहलू है। निगम के सामने अब चुनौती इस रफ्तार को आगे बनाए रखने और शहर की उन संपत्तियों को भी टैक्स व्यवस्था से जोड़ने की है, जो अभी तक इसके दायरे में नहीं आई हैं।

19 हजार से अधिक अतिरिक्त होल्डिंग्स से मिला प्रॉपर्टी टैक्स

पटना नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वित्तीय वर्ष में 1 अप्रैल से 31 अक्टूबर तक कुल 1,55,260 होल्डिंग्स से प्रॉपर्टी टैक्स प्राप्त हुआ था। चालू वित्तीय वर्ष में इसी अवधि के दौरान यह संख्या बढ़कर 1,74,363 हो गई है। यानी एक साल के भीतर 19,103 अतिरिक्त होल्डिंग्स से टैक्स का भुगतान मिला है।

होल्डिंग्स की संख्या में यह बढ़ोतरी बताती है कि नगर निगम की टैक्स वसूली का दायरा पहले के मुकाबले विस्तृत हुआ है। किसी संपत्ति को टैक्स के दायरे में लाने के लिए उसका रिकॉर्ड तैयार करना, उसकी पहचान करना और संबंधित मालिक तक जानकारी पहुंचाना जरूरी होता है। इसके लिए निगम की ओर से वार्ड स्तर पर संपर्क अभियान चलाया जा रहा है।

जितनी अधिक संपत्तियां टैक्स व्यवस्था से जुड़ेंगी, निगम के राजस्व आधार में उतना ही विस्तार होगा। इससे एक ओर नियमित टैक्स भुगतान को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर शहर की संपत्तियों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने में भी मदद मिलेगी।

अक्टूबर में 1,398 नई संपत्तियां टैक्स के दायरे में

नगर निगम ने अक्टूबर महीने में 1,398 नई संपत्तियों का प्रॉपर्टी टैक्स निर्धारित किया है। इन संपत्तियों को अलग-अलग अंचलों में चिह्नित किया गया है। इनमें सबसे अधिक नई संपत्तियां पाटलिपुत्र अंचल में सामने आईं।

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अंचलवार आंकड़ों के अनुसार, पाटलिपुत्र में 389 संपत्तियों का टैक्स निर्धारित किया गया। इसके बाद अजीमाबाद अंचल में 279, कंकड़बाग में 266 और नूतन राजधानी अंचल में 234 नई संपत्तियां टैक्स के दायरे में आईं। वहीं, बांकीपुर अंचल में 134 और पटना सिटी अंचल में 96 संपत्तियों का प्रॉपर्टी टैक्स निर्धारित किया गया।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि नई संपत्तियों को टैक्स व्यवस्था से जोड़ने का काम शहर के अलग-अलग हिस्सों में जारी है। पाटलिपुत्र अंचल में सबसे अधिक नई संपत्तियों का टैक्स निर्धारित होना इस अभियान के क्षेत्रवार विस्तार को भी दिखाता है।

पटना नगर निगम के डोर-टू-डोर अभियान का दिखा असर

प्रॉपर्टी टैक्स संग्रह में बढ़ोतरी के पीछे निगम की ओर से चलाए जा रहे डोर-टू-डोर अभियान को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस अभियान के तहत निगम के कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करते हैं और उन्हें संपत्ति कर से संबंधित जानकारी देते हैं। इससे ऐसे संपत्ति मालिकों तक पहुंचने में मदद मिलती है, जिन्हें टैक्स भुगतान, होल्डिंग रिकॉर्ड या अन्य प्रक्रियाओं को लेकर जानकारी की जरूरत होती है।

इसके साथ ही अलग-अलग वार्डों में प्रॉपर्टी टैक्स शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों का उद्देश्य लोगों को टैक्स जमा करने के लिए निगम कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है। स्थानीय स्तर पर ही भुगतान और संपत्ति से जुड़ी समस्याओं के समाधान की सुविधा मिलने से लोगों के लिए प्रक्रिया आसान हो सकती है।

निगम की इस व्यवस्था में वार्ड स्तर पर शिविरों की भूमिका अहम है। स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र में ही कर्मचारियों से संपर्क करने का मौका मिलता है। इससे टैक्स भुगतान के साथ-साथ रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी और अन्य समस्याओं पर भी बातचीत की जा सकती है।

नवंबर में चार वार्डों में लगेंगे प्रॉपर्टी टैक्स शिविर

प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने और इससे जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए पटना नगर निगम ने नवंबर के पहले सप्ताह में चार वार्डों में शिविर लगाने का कार्यक्रम जारी किया है। ये शिविर दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे। निगम ने संबंधित वार्डों के लिए स्थान और तारीख की जानकारी भी दी है।

पहले चरण में 2 से 4 नवंबर तक वार्ड 46 और वार्ड 22 के लिए शिविर लगाए जाएंगे। वार्ड 46 के लोगों के लिए कंकड़बाग अंचल स्थित पार्षद कार्यालय में शिविर आयोजित होगा। वहीं, वार्ड 22 के निवासी पाटलिपुत्र अंचल के राजापुल स्थित पार्षद कार्यालय में पहुंचकर प्रॉपर्टी टैक्स से संबंधित काम करा सकेंगे।

दूसरे चरण में 5 से 7 नवंबर तक वार्ड 55 और वार्ड 26 के लिए शिविर लगाए जाएंगे। वार्ड 55 का शिविर कंकड़बाग अंचल के चक पर स्थित कुशवाहा पंचायत बैठका में होगा। वहीं, वार्ड 26 के लोगों के लिए पाटलिपुत्र अंचल के दक्षिणी मंदिरी स्थित पार्षद कार्यालय में शिविर लगाया जाएगा।

टैक्स भुगतान और समस्याओं के समाधान पर रहेगा जोर

इन शिविरों में संपत्ति मालिकों को प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने के साथ इससे जुड़ी समस्याओं के समाधान का अवसर मिलेगा। जिन लोगों को अपनी होल्डिंग या टैक्स भुगतान से संबंधित जानकारी चाहिए, वे निर्धारित स्थान पर पहुंचकर निगम के कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं।

नगर निगम की ओर से वार्ड स्तर पर शिविर लगाने का उद्देश्य टैक्स भुगतान की प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाना है। स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने से लोगों का समय बच सकता है और निगम को भी अधिक से अधिक संपत्तियों को टैक्स व्यवस्था से जोड़ने में मदद मिल सकती है।

राजस्व बढ़ने के साथ नागरिक सुविधाओं पर भी रहेंगी निगाहें

पटना नगर निगम के लिए 80.79 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स संग्रह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 43.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी और 19 हजार से अधिक अतिरिक्त होल्डिंग्स से भुगतान मिलना टैक्स संग्रह के विस्तार को दर्शाता है।

हालांकि, शहर के लोगों के लिए राजस्व वृद्धि के साथ यह भी महत्वपूर्ण है कि निगम की आय का इस्तेमाल नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में किस तरह होता है। सफाई, जल निकासी, सड़कों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सेवाओं का सीधा संबंध शहर के दैनिक जीवन से है।

आने वाले महीनों में नगर निगम के सामने टैक्स संग्रह की इस गति को बनाए रखने के साथ नई संपत्तियों की पहचान और नियमित भुगतान को प्रोत्साहित करने की जिम्मेदारी होगी। नवंबर में प्रस्तावित शिविर इसी दिशा में एक और कदम हैं। अब देखना होगा कि डोर-टू-डोर अभियान और वार्ड स्तर की सुविधाओं से प्रॉपर्टी टैक्स संग्रह में आगे कितनी वृद्धि होती है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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