जहानाबाद में बड़ा कांड! तस्करों को पकड़ने गया पुलिस जवान गायब, अपहरण का शक
जहानाबाद में स्मैक सप्लायर को पकड़ने पहुंची टाइगर मोबाइल टीम का जवान धनेश्वर लापता हो गया। पुलिस अपहरण समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
- स्मैक सप्लायर को दबोचने के दौरान तस्कर गिरोह से भिड़े जवान, झड़प के बीच साथी गायब; अपहरण की आशंका से पुलिस महकमे में हड़कंप
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (जहानाबाद)। बिहार के जहानाबाद में अपराधियों को पकड़ने निकली पुलिस टीम के सामने ही ऐसी घटना हो गई, जिसने पुलिस महकमे की चिंता बढ़ा दी है। स्मैक तस्करों को गिरफ्तार करने पहुंची टाइगर मोबाइल की टीम का एक जवान अचानक लापता हो गया। तस्करों के साथ हुई हाथापाई और अफरातफरी के बीच जवान धनेश्वर के गायब होने से अपहरण की आशंका जताई जा रही है। घटनास्थल के पास उनकी बाइक लावारिस हालत में मिली है। पुलिस की कई टीमें जवान की तलाश में जुटी हैं और मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है।
घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर तस्करों को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम के साथ ऐसा क्या हुआ कि एक जवान का कोई सुराग नहीं मिल रहा? क्या गिरोह के सदस्यों ने मौका देखकर जवान को अगवा कर लिया या अफरातफरी के दौरान वह किसी दूसरी जगह चले गए? फिलहाल इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
जहानाबाद में स्मैक सप्लायर को पकड़ने पहुंची थी पुलिस टीम
जानकारी के अनुसार, घटना गुरुवार की रात जहानाबाद शहर में एसएस कॉलेज के समीप हुई। गया जिले के बेलागंज से स्मैक की खेप लेकर पहुंचे एक सप्लायर को पकड़ने के लिए टाइगर मोबाइल के तीन जवान मौके पर पहुंचे थे। पुलिस को इस सप्लायर के आने की सूचना मिली थी। इसी आधार पर जवानों ने उसे पकड़ने की कोशिश की।
बताया जा रहा है कि पुलिस टीम को देखते ही सप्लायर और उसके सहयोगियों के बीच अफरातफरी मच गई। जवानों ने जब मुख्य सप्लायर को दबोचने का प्रयास किया तो गिरोह के अन्य सदस्यों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिसकर्मियों तथा तस्करों के बीच हाथापाई होने लगी।
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पुलिस की कार्रवाई के दौरान तस्करों ने गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की। इस बीच मौके पर मौजूद जवानों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। दो जवानों ने किसी तरह मुख्य सप्लायर को पकड़ लिया, जबकि गिरोह के बाकी सदस्य वहां से फरार हो गए।
हाथापाई के बीच अचानक लापता हुए जवान धनेश्वर
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चिंताजनक बात टाइगर मोबाइल के जवान धनेश्वर का अचानक लापता होना है। मुख्य सप्लायर की गिरफ्तारी और अन्य आरोपितों के भागने के बीच जवान का कहीं पता नहीं चला। जब उनकी तलाश शुरू हुई तो घटनास्थल के आसपास भी कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला।
काफी खोजबीन के बाद भी जवान धनेश्वर का पता नहीं चलने पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। घटनास्थल के पास उनकी बाइक लावारिस हालत में मिली। पुलिस ने बाइक को बरामद कर लिया है। हालांकि, बाइक मिलने के बावजूद जवान के बारे में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
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एक पुलिसकर्मी का इस तरह लापता हो जाना सामान्य घटना नहीं है। खासकर तब, जब वह नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़े संदिग्धों को पकड़ने के लिए मौके पर मौजूद था। यही वजह है कि पुलिस अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संभावित अपहरण समेत सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
जहानाबाद में पुलिस की कई टीमें कर रहीं छापेमारी
जवान के लापता होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार स्मैक सप्लायर से भी लगातार पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटनास्थल पर मौजूद अन्य लोग कौन थे और जवान के गायब होने के पीछे किसी की भूमिका तो नहीं है।

पुलिस ने कुछ अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ के जरिए घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य जवान धनेश्वर का पता लगाना और घटना के दौरान मौजूद सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट करना है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तस्करों के फरार होने के बाद जवान किस दिशा में गए होंगे। घटनास्थल के आसपास के इलाकों और संभावित ठिकानों पर तलाश जारी है। हालांकि, अभी तक जवान की बरामदगी को लेकर कोई अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है।
एसपी कोटा किरण कुमार ने क्या बताया?
मामले को लेकर एसपी कोटा किरण कुमार ने बताया कि स्मैक सप्लायर को पकड़ने के दौरान हुई झड़प के बीच टाइगर मोबाइल का जवान धनेश्वर लापता हो गया है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि अपहरण समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
एसपी ने जवान की जल्द बरामदगी की उम्मीद जताई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार सप्लायर से पूछताछ और हिरासत में लिए गए संदिग्धों से मिलने वाली जानकारी जांच में अहम साबित हो सकती है।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता लापता जवान को सुरक्षित बरामद करना है। इसके साथ ही यह पता लगाना भी जरूरी है कि स्मैक सप्लायर के साथ आए अन्य लोग कौन थे और वे कहां फरार हुए।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
जहानाबाद की इस घटना ने नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के दौरान आने वाली चुनौतियों को फिर सामने ला दिया है। स्मैक जैसी नशीली चीजों की तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि इसका असर युवाओं और समाज के भविष्य पर भी पड़ता है। ऐसे कारोबार से जुड़े गिरोहों पर कार्रवाई के दौरान पुलिस को कई बार विरोध और जोखिम का सामना करना पड़ता है।
लेकिन इस घटना में सबसे बड़ा सवाल एक जवान के लापता होने का है। यदि पुलिस टीम के तीन जवान किसी सप्लायर को पकड़ने पहुंचते हैं और इसी दौरान एक जवान का पता नहीं चलता, तो यह जांच का बेहद संवेदनशील विषय बन जाता है। घटनास्थल पर मौजूद परिस्थितियों, तस्करों की संख्या और हाथापाई के दौरान क्या-क्या हुआ, इन सभी बातों की पड़ताल जरूरी है।
हालांकि, जांच पूरी होने से पहले यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि जवान का अपहरण हुआ है। पुलिस भी फिलहाल इसे एक आशंका मानकर जांच कर रही है। जवान की बाइक का लावारिस हालत में मिलना इस मामले को और गंभीर बनाता है।
धनेश्वर की बरामदगी पर टिकी निगाहें
अब पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि जवान धनेश्वर कहां हैं और उनके साथ आखिर क्या हुआ? क्या वह तस्करों के हमले के दौरान किसी दूसरी जगह चले गए या उनके लापता होने के पीछे कोई सुनियोजित साजिश है? इन सवालों का जवाब पुलिस जांच और पूछताछ के बाद ही मिल सकेगा।
जहानाबाद पुलिस के सामने फिलहाल दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहली, लापता जवान को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद करना और दूसरी, स्मैक तस्करी से जुड़े पूरे गिरोह की पहचान कर उसके सदस्यों को गिरफ्तार करना। पुलिस की छापेमारी और पूछताछ से इस मामले में आगे क्या खुलासा होता है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।
पटना से संवाददाता की रिपोर्ट
