कांग्रेस की बड़ी तैयारी! 25-26 नवंबर को दिल्ली में जुटेंगे नेता, मणिपुर भी जाएंगे राहुल

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कांग्रेस 25-26 नवंबर को संविधान दिवस पर बड़े कार्यक्रम की तैयारी में है। राहुल गांधी के संभावित मणिपुर दौरे से सियासी हलचल बढ़ी।

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। कांग्रेस ने आने वाले दिनों के लिए अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित दिवाली मिलन समारोह में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों की मौजूदगी ने सियासी हलचल बढ़ा दी। त्योहार की शुभकामनाओं के बहाने हुई इस मुलाकात में आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा हुई। इसी दौरान नेताओं को 25 और 26 नवंबर को दिल्ली में मौजूद रहने का संदेश दिया गया है। कांग्रेस संविधान दिवस के अवसर पर इन दोनों दिनों में बड़े कार्यक्रम की तैयारी कर रही है।

दूसरी ओर, राहुल गांधी के इसी महीने के अंत में मणिपुर दौरे पर जाने की भी चर्चा है। हालांकि, दौरे की आधिकारिक तारीख और विस्तृत कार्यक्रम की पुष्टि अभी नहीं हुई है। मणिपुर के हालात को लेकर कांग्रेस लंबे समय से केंद्र सरकार पर हमलावर रही है। ऐसे में राहुल गांधी का संभावित दौरा पार्टी की राजनीतिक रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

राहुल गांधी के आवास पर दिवाली मिलन, नेताओं को दिल्ली में रहने का संदेश

शुक्रवार को राहुल गांधी के आवास 5, सुनहरी बाग रोड पर दिवाली मिलन समारोह आयोजित किया गया। शाम करीब 5:30 बजे से रात 8 बजे तक चले इस कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, महासचिवों और संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। नेताओं ने राहुल गांधी से मुलाकात कर उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दीं।

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इस आयोजन को इसलिए भी खास माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय बाद राहुल गांधी ने इस तरह पार्टी नेताओं के लिए दिवाली मिलन का कार्यक्रम रखा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 2004 से 2010 के बीच वह नेताओं से दिवाली की शुभकामनाएं देने के लिए मिलते थे, लेकिन 2011 के बाद यह सिलसिला थम गया था। करीब 15 साल बाद फिर से इस तरह का आयोजन हुआ।

हालांकि, कार्यक्रम का उद्देश्य केवल त्योहार की खुशियां साझा करना नहीं था। इसी दौरान पार्टी नेताओं को 25 और 26 नवंबर को दिल्ली में रहने के लिए कहा गया। इससे कांग्रेस के आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक तैयारियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

संविधान दिवस पर कांग्रेस की बड़ी रणनीति

कांग्रेस 25 और 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर दिल्ली में बड़े कार्यक्रम की तैयारी कर रही है। संविधान दिवस हर साल 26 नवंबर को मनाया जाता है। पार्टी इस मौके को संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाने के अवसर के रूप में देख रही है।

राहुल गांधी लगातार केंद्र सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में नवंबर के अंतिम सप्ताह में होने वाले कार्यक्रम में इन मुद्दों को प्रमुखता मिलने की संभावना है।

दिवाली मिलन समारोह में नेताओं की मौजूदगी और उन्हें दिल्ली में रहने का संदेश दिए जाने से यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस आने वाले दिनों में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाना चाहती है। हालांकि, कार्यक्रम का पूरा एजेंडा और उसमें शामिल होने वाले नेताओं की भूमिका को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

मणिपुर जाएंगे राहुल गांधी, केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी

कांग्रेस की रणनीति का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा राहुल गांधी का संभावित मणिपुर दौरा है। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि राहुल गांधी इसी महीने के आखिर में मणिपुर जा सकते हैं। राज्य में लंबे समय से बने तनावपूर्ण हालात को लेकर कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साधती रही है।

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मणिपुर का मुद्दा संसद से लेकर राजनीतिक मंचों तक कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण रहा है। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रभावी भूमिका नहीं निभा पाई है। राहुल गांधी पहले भी मणिपुर के हालात को लेकर सरकार से जवाब मांगते रहे हैं।

यदि उनका प्रस्तावित दौरा होता है, तो इससे राज्य की स्थिति एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ सकती है। कांग्रेस इस मुद्दे के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका पर सवाल उठाने की रणनीति अपना सकती है।

हालांकि, अभी दौरे की आधिकारिक पुष्टि और कार्यक्रम का विवरण सामने नहीं आया है। इसलिए इसे फिलहाल संभावित राजनीतिक दौरे के तौर पर ही देखा जा रहा है।

राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला, एक साल के भीतर सरकार बदलने का दावा

दिवाली मिलन समारोह के दौरान राहुल गांधी ने मोदी सरकार को लेकर भी बड़ा राजनीतिक बयान दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को एक साल के भीतर जाना होगा। इस बयान को कांग्रेस की आगामी राजनीतिक रणनीति और केंद्र सरकार के खिलाफ उसके आक्रामक रुख से जोड़कर देखा जा रहा है।

राहुल गांधी लगातार विपक्षी दलों के साथ मिलकर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर वह ‘वोट चोरी’ का मुद्दा भी उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि चुनावी व्यवस्था और संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल हैं।

कांग्रेस इस मुद्दे को केवल चुनावी आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे लोकतंत्र और मताधिकार से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की कोशिश कर रही है।

सचिन पायलट ने ज्ञानेश कुमार पर उठाए सवाल

दिवाली मिलन कार्यक्रम के बाद कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के कई काम गैर-कानूनी और गैर-संवैधानिक रहे हैं। पायलट ने कहा कि देश को यह समझने की जरूरत है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन लोगों पर है, उन्होंने लोगों को निराश किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी कई बार अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश कर चुके हैं, लेकिन संबंधित व्यक्ति भारत सरकार से मिली कथित सुरक्षा के पीछे छिप रहे हैं। पायलट ने सवाल उठाया कि देश के 140 करोड़ लोगों में केवल एक व्यक्ति को आजीवन इम्यूनिटी क्यों मिली हुई है?

सचिन पायलट के इन बयानों से स्पष्ट है कि कांग्रेस चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपने सवालों को और आक्रामक तरीके से उठाने की तैयारी में है। हालांकि, उनके आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया और तथ्यों के आधार पर स्थिति का आकलन किया जाना बाकी है।

प्रियंका गांधी के परिवार की मौजूदगी भी रही चर्चा में

राहुल गांधी के आवास पर आयोजित दिवाली मिलन समारोह में प्रियंका गांधी के बेटे और उनकी होने वाली बहू भी मौजूद थे। कार्यक्रम में कुछ नेताओं ने उनसे मुलाकात की और शुभकामनाएं दीं। इस दौरान राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ पारिवारिक और सामाजिक मुलाकातों का माहौल भी देखने को मिला।

कार्यक्रम की एक और चर्चा इसकी कैटरिंग को लेकर रही। जानकारी के अनुसार, समारोह में मोएट्स रेस्टोरेंट से भोजन की व्यवस्था की गई थी। इसी रेस्टोरेंट से इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने पहले भी भोजन किया था, जिसके बाद राजघाट तक मार्च किया गया था। कांग्रेस के नए मुख्यालय इंदिरा भवन में भी इसी रेस्टोरेंट की कैंटीन संचालित होने की जानकारी दी गई है।

नवंबर के अंतिम सप्ताह पर टिकी कांग्रेस की नजर

कुल मिलाकर कांग्रेस के लिए नवंबर का आखिरी सप्ताह राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है। एक तरफ संविधान दिवस के मौके पर दिल्ली में बड़े कार्यक्रम की तैयारी है, तो दूसरी तरफ राहुल गांधी के संभावित मणिपुर दौरे की चर्चा है। इसके साथ ही ‘वोट चोरी’ और चुनाव आयोग की भूमिका जैसे मुद्दों पर पार्टी केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है।

अब देखना होगा कि 25-26 नवंबर के कार्यक्रम में कांग्रेस क्या राजनीतिक संदेश देती है और राहुल गांधी का मणिपुर दौरा कब तय होता है। इन गतिविधियों से यह साफ है कि पार्टी आने वाले दिनों में संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और मणिपुर के हालात को लेकर अपनी आवाज और तेज करने की तैयारी में है।

Nishkarsh Bharat

पटना से संवाददाता की रिपोर्ट

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