धनतेरस पर बिहार में पैसों की बारिश, 10 हजार करोड़ का कारोबार, गाड़ियों पर बरसा पैसा
धनतेरस पर बिहार में 10 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। सोना-चांदी, गाड़ियों और इलेक्ट्रॉनिक्स की जमकर खरीदारी हुई। पटना में भी बाजार गुलजार रहे।
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में धनतेरस के मौके पर बाजारों में ऐसी रौनक देखने को मिली कि कारोबार के पुराने आंकड़े भी पीछे छूटते नजर आए। सुबह से देर रात तक ज्वेलरी शॉप, ऑटोमोबाइल शोरूम, इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों और बर्तन बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी। सोना-चांदी से लेकर लग्जरी कारों और महंगी बाइकों तक लोगों ने जमकर पैसे खर्च किए।
शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, धनतेरस पर पूरे बिहार में करीब 10 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। इसमें अकेले ज्वेलरी कारोबार का हिस्सा लगभग 5 हजार करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जबकि ऑटोमोबाइल सेक्टर में करीब 3 हजार करोड़ रुपये के व्यापार का अनुमान है।
इस बार धनतेरस की खरीदारी में एक दिलचस्प तस्वीर भी सामने आई। एक तरफ आम परिवार महंगाई के बीच अपनी क्षमता के अनुसार बर्तन, टीवी, मोबाइल और चांदी के सिक्के खरीदते नजर आए, तो दूसरी तरफ लग्जरी कारों के शोरूम में करोड़ों रुपये की गाड़ियों की बुकिंग और डिलीवरी होती रही। पटना में BMW, मर्सिडीज और ऑडी जैसी कंपनियों की गाड़ियों की मांग ने बाजार का उत्साह और बढ़ा दिया।
धनतेरस पर बिहार में 10 हजार करोड़ का कारोबार
धनतेरस को लेकर इस साल बिहार के व्यापारियों में जबरदस्त उत्साह रहा। बाजारों में ग्राहकों की भीड़ और दुकानों पर लगातार हो रही बिक्री ने कारोबार को नई रफ्तार दी। अनुमान है कि पूरे राज्य में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का व्यापार हुआ। सबसे बड़ा हिस्सा सोना-चांदी और ज्वेलरी कारोबार का रहा।
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ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा के मुताबिक, पटना में इस साल धनतेरस पर 2,500 से 3,000 करोड़ रुपये तक के कारोबार का अनुमान है। वहीं, पूरे बिहार में ज्वेलरी कारोबार का आंकड़ा 5 हजार करोड़ रुपये के पार जाने की उम्मीद जताई गई है।
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद ग्राहकों ने खरीदारी से दूरी नहीं बनाई। लोगों ने अपनी जेब और बजट के अनुसार हल्के गहने, अंगूठी, इयररिंग, नोज पिन, चांदी के सिक्के और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां खरीदीं।
धनतेरस पर लग्जरी कारों की बिक्री, BMW की 16 बुकिंग
इस बार धनतेरस पर ऑटोमोबाइल बाजार में भी खूब पैसा बरसा। पटना में महंगी और लग्जरी गाड़ियों की खरीदारी ने खास तौर पर ध्यान खींचा। BMW की 16 गाड़ियों की बुकिंग हुई, जिनमें 12 की डिलीवरी भी की जा चुकी थी। शेष गाड़ियों की डिलीवरी देर रात तक होने की उम्मीद जताई गई।
मर्सिडीज बेंज की 10 से अधिक कारों की बिक्री हुई। इन गाड़ियों में एक कार की कीमत करीब एक करोड़ रुपये तक बताई जा रही है। वहीं, ऑडी की भी पांच से अधिक लग्जरी कारों की डिलीवरी की गई।
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ऑटोमोबाइल कारोबार से जुड़े लोगों के मुताबिक, धनतेरस पर ग्राहक लंबे समय से अपनी पसंदीदा गाड़ियों की बुकिंग करा रहे थे। शुभ मुहूर्त में डिलीवरी लेने के लिए कई ग्राहक पहले से शोरूम पहुंच रहे थे। पूरे बिहार में ऑटोमोबाइल सेक्टर का कारोबार करीब 3 हजार करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इसमें पटना की हिस्सेदारी लगभग 700 से 800 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
तेजस्वी यादव ने खरीदी MG M9 EV, बेटी के साथ आए नजर
धनतेरस पर राजनीतिक गलियारे से भी लग्जरी कार खरीदारी की खबर सामने आई। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नई इलेक्ट्रिक कार MG M9 EV खरीदी। इस इलेक्ट्रिक एमपीवी की एक्स-शोरूम कीमत करीब 70 से 80 लाख रुपये के बीच बताई जा रही है।
धनतेरस के मौके पर तेजस्वी यादव अपनी बेटी के साथ इस नई गाड़ी में घूमते नजर आए। उनकी नई कार की चर्चा राजनीतिक और सोशल मीडिया हलकों में भी हुई। खास बात यह है कि इस बार इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लेकर भी ग्राहकों में दिलचस्पी देखने को मिली।
पटना में 35 लाख तक की बाइक का क्रेज
कारों के साथ-साथ पटना में प्रीमियम बाइक की मांग भी देखने को मिली। खासकर महंगी और स्पोर्ट्स बाइक खरीदने वाले ग्राहकों ने धनतेरस के मौके को चुना। BMW Motorrad की करीब पांच प्रीमियम बाइकों की डिलीवरी हुई।
इनमें एक बाइक की कीमत लगभग 30 से 35 लाख रुपये तक बताई जा रही है। इसके अलावा टीवीएस की 100 से अधिक बाइक और स्कूटी की बुकिंग हुई। कंपनी के बिहार प्रमुख पाले खान के मुताबिक, इनमें से करीब 60 वाहनों की डिलीवरी भी की जा चुकी थी।
यह आंकड़ा बताता है कि बिहार में अब केवल कारों ही नहीं, बल्कि प्रीमियम दोपहिया वाहनों के प्रति भी लोगों का आकर्षण बढ़ रहा है।
धनतेरस पर सोना-चांदी के साथ चांदी की मूर्तियों की मांग
धनतेरस पर ज्वेलरी बाजारों में सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ लगी रही। सोने के गहनों के साथ चांदी के सिक्के और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की खूब बिक्री हुई। ग्राहकों ने छोटे बजट में शुभ खरीदारी को प्राथमिकता दी।
भागलपुर की सोनापट्टी में चांदी की लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों, कछुए, चम्मच और मछली की खरीदारी अधिक देखने को मिली। मुजफ्फरपुर की सर्राफा मंडी में भी लोगों की भीड़ उमड़ी। सुरक्षा के मद्देनजर बाजार में जगह-जगह पुलिस की तैनाती की गई थी।

दरभंगा में सोना-चांदी की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ रही। दुकानदारों के मुताबिक, कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण ग्राहक अपने बजट के हिसाब से हल्के आभूषण और चांदी के सामान खरीद रहे थे।
दरभंगा, गया और मुजफ्फरपुर में बर्तन बाजार गुलजार
धनतेरस पर बिहार के छोटे और बड़े शहरों में बर्तन बाजार भी गुलजार रहे। दरभंगा और गया में लोगों ने पीतल के बर्तनों की जमकर खरीदारी की। मुजफ्फरपुर में बर्तन दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ जुटने लगी थी।
परंपरा के अनुसार धनतेरस पर बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। इसी वजह से स्टील, पीतल और चांदी के बर्तनों की मांग बनी रही। कई परिवारों ने घरेलू जरूरतों के साथ त्योहार की परंपरा को ध्यान में रखते हुए खरीदारी की।
औरंगाबाद की सुमन कुमारी चौहान ने महंगाई को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उनका कहना था कि इस बार सामान काफी महंगा है और पहले की तुलना में खरीदारी करना मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद लोग अपनी जरूरत और सामर्थ्य के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं।
टीवी और इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में भी रही भीड़
धनतेरस पर इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में भी अच्छी बिक्री दर्ज की गई। खासकर टीवी और इंडक्शन की मांग बढ़ी। कई ग्राहकों ने त्योहार से एक सप्ताह से लेकर 15 दिन पहले तक सामान की बुकिंग करा रखी थी।
पटना के कुम्हरार की रहने वाली सुप्रिया ने बताया कि भीड़ को देखते हुए उन्होंने एक सप्ताह पहले ही टीवी बुक करा लिया था। धनतेरस के दिन वह उसकी डिलीवरी लेने दुकान पहुंचीं।
विक्रेता सुनील कुमार के मुताबिक, इस साल टीवी की अच्छी बिक्री हुई है। कई ग्राहक पहले से बुकिंग कराकर शुभ दिन पर सामान घर ले जाने पहुंचे। हालांकि, मोबाइल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर बिक्री पर दिखाई दिया। मोबाइल विक्रेता राहुल कुमार ने बताया कि कीमतें बढ़ने के कारण ग्राहक पहले की तुलना में कम आ रहे हैं।
महंगाई के बीच परंपरा और खरीदारी का उत्साह
इस बार धनतेरस के बाजार ने बिहार की अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं की खरीदारी की अलग-अलग तस्वीर दिखाई। एक ओर करोड़ों की लग्जरी कारें और महंगी बाइक खरीदी गईं, तो दूसरी ओर आम परिवारों ने पीतल के बर्तन, चांदी के सिक्के और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स सामान खरीदकर त्योहार मनाया।
महंगाई के बावजूद बाजारों में भीड़ कम नहीं हुई। दुकानदारों के लिए यह त्योहार कारोबार बढ़ाने का बड़ा अवसर साबित हुआ। पटना से लेकर भागलपुर, दरभंगा, गया और मुजफ्फरपुर तक बाजारों में देर रात तक चहल-पहल बनी रही।
धनतेरस ने बिहार के व्यापारियों को बड़ी राहत और बाजार को नई ऊर्जा दी। करीब 10 हजार करोड़ रुपये के अनुमानित कारोबार ने यह संकेत दिया कि त्योहारों के दौरान राज्य में खरीदारी की क्षमता और बाजार की गतिविधियां दोनों मजबूत बनी हुई हैं।
पटना से संवाददाता की रिपोर्ट
