ईद पर बधाई के साथ प्रशांत किशोर का बड़ा राजनीतिक हमला, बोले- ‘5 साल तक मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे नीतीश कुमार’
जन सुराज अभियान के संयोजक प्रशांत किशोर ने ईद के मौके पर बिहारवासियों को शुभकामनाएं देते हुए राज्य की राजनीति पर तीखा हमला बोला है।
पटना: जन सुराज अभियान के संयोजक प्रशांत किशोर ने ईद के मौके पर बिहारवासियों को शुभकामनाएं देते हुए राज्य की राजनीति पर तीखा हमला बोला है। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री Nitish Kumar के भविष्य, चुनावी प्रक्रिया और मौजूदा राजनीतिक हालात पर गंभीर सवाल खड़े किए।
नीतीश कुमार के भविष्य पर बड़ा बयान
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि उन्होंने पहले ही भविष्यवाणी की थी कि चुनाव परिणाम चाहे जो भी हों, लेकिन अगले पांच वर्षों तक नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद पर बने नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि राज्यसभा जाने की चर्चा और राजनीतिक परिस्थितियां इस दिशा में इशारा कर रही हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान स्थिति में नीतीश कुमार शारीरिक और मानसिक रूप से उस स्थिति में नहीं हैं कि वे मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभा सकें। उनका यह बयान बिहार की राजनीति में नई बहस को जन्म दे रहा है।
चुनाव परिणामों पर उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने हालिया चुनाव परिणामों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जो जनादेश सामने आया है, वह पूरी तरह से निष्पक्ष नहीं है। उनके शब्दों में यह “खरीदा हुआ मैंडेट” है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान वोट खरीदने और पैसे बांटने जैसी घटनाएं सामने आईं। साथ ही उन्होंने इस पूरे चुनावी परिदृश्य में केंद्र सरकार और प्रमुख नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने Narendra Modi, Amit Shah और Election Commission of India का नाम लेते हुए कहा कि इनकी भूमिका पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
‘सत्ता का हिस्सा’ और दिल्ली की राजनीति
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि जिन राजनीतिक शक्तियों ने सरकार बनाने में सहयोग दिया है, वे अब अपना “हिस्सा” मांगेंगी। इसी वजह से नीतीश कुमार को दिल्ली भेजने की तैयारी हो रही है।
उन्होंने कहा कि सत्ता में सहयोग देने वाले दल अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करेंगे और इस कारण नीतीश कुमार लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर नहीं टिक पाएंगे। उनका यह बयान गठबंधन राजनीति पर सीधा हमला माना जा रहा है।
निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री पर प्रतिक्रिया
नीतीश कुमार के बेटे Nishant Kumar के राजनीति में आने की अटकलों पर भी प्रशांत किशोर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे व्यक्तिगत निर्णय बताते हुए कहा कि यह देखना होगा कि वे भविष्य में कितनी सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

हालांकि, उन्होंने निशांत कुमार को शुभकामनाएं भी दीं और कहा कि राजनीति में आने वाले हर व्यक्ति को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।
बिहार में विपक्ष पर सवाल
प्रशांत किशोर ने बिहार में विपक्ष की भूमिका पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राज्य में वास्तविक विपक्ष मौजूद ही नहीं है। 243 सदस्यीय विधानसभा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब 202 विधायक सत्ता पक्ष के साथ हों, तो विपक्ष की भूमिका लगभग समाप्त हो जाती है।

उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष मजबूत होता, तो उसकी मौजूदगी सड़क और सदन दोनों जगह दिखती। लेकिन वर्तमान में ऐसा नहीं हो रहा है, जो लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है।
बंगाल चुनाव पर टिप्पणी से बचते नजर आए
पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रशांत किशोर ने सीधा जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका फोकस बिहार पर है और वे बंगाल की राजनीति में सक्रिय भूमिका में नहीं हैं, इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
प्रशासनिक बदलाव के संकेत
बिहार के अधिकारियों के केंद्र में जाने और प्रशासनिक बदलावों पर भी उन्होंने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि जब भी नेतृत्व में बदलाव होता है, तो पूरी प्रशासनिक टीम में भी परिवर्तन होता है। इसे एक स्वाभाविक प्रक्रिया बताते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसका असर प्रशासनिक ढांचे पर साफ दिखाई देगा।
ईद के अवसर पर जहां एक ओर प्रशांत किशोर ने लोगों को शुभकामनाएं दीं, वहीं दूसरी ओर उनके बयानों ने बिहार की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। नीतीश कुमार के भविष्य, चुनावी पारदर्शिता और विपक्ष की भूमिका पर उठाए गए सवाल आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस को और तेज कर सकते हैं।
अब देखना होगा कि इन आरोपों और बयानों पर सत्तारूढ़ दल और अन्य राजनीतिक पार्टियां किस तरह प्रतिक्रिया देती हैं और बिहार की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
