बिहार में भीषण गर्मी का कहर: कई जिलों में 43 डिग्री के पार पारा, सीमांचल में बारिश से राहत
बिहार इन दिनों दो अलग-अलग मौसमीय स्थितियों से गुजर रहा है। राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में जहां भीषण गर्मी और लू जैसे हालात बने हुए हैं, वहीं सीमांचल और उत्तर-पूर्वी जिलों में बारिश ने लोगों को राहत दी है।
पटना: बिहार इन दिनों दो अलग-अलग मौसमीय स्थितियों से गुजर रहा है। राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में जहां भीषण गर्मी और लू जैसे हालात बने हुए हैं, वहीं सीमांचल और उत्तर-पूर्वी जिलों में बारिश ने लोगों को राहत दी है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जबकि कुछ जिलों में यह 43 डिग्री के करीब दर्ज किया गया।
रविवार को रोहतास जिले में सबसे अधिक 43 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है। इसके अलावा कैमूर में 42.9 डिग्री, गया में 42.8 डिग्री और बक्सर में 42.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। औरंगाबाद में 41.8 डिग्री, नालंदा में 41.5 डिग्री और शेखपुरा में 41.1 डिग्री तापमान ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इन इलाकों में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लू जैसे हालात बन गए हैं।
अगले 3 दिनों में और बढ़ेगी गर्मी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले तीन दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है। खासकर दक्षिणी और मध्य बिहार के जिलों में अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। गया, औरंगाबाद, कैमूर, बक्सर और रोहतास जैसे जिलों में हीट वेव की स्थिति बनने का खतरा जताया गया है। अगर मौसम का यही रुख बना रहा, तो लोगों को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत होगी।

राजधानी पटना में भी गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। यहां अगले कुछ दिनों तक तेज धूप और गर्म हवाएं चलने की संभावना है। अधिकतम तापमान 41 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। रात के तापमान में भी ज्यादा गिरावट नहीं होने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
सीमांचल में बारिश से मिली राहत
जहां एक ओर दक्षिण बिहार में गर्मी कहर बरपा रही है, वहीं सीमांचल के कई जिलों में बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया है। सुपौल के राघोपुर में 25.2 मिमी, कटिहार के बारसोई में 24.6 मिमी और सुपौल के किशनपुर में 22.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा प्रतापगंज और मधुबनी के लौकही में भी करीब 19.4 मिमी वर्षा हुई।

मधुबनी, सुपौल, मधेपुरा, किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। इन क्षेत्रों में बादल छाए रहने की संभावना भी जताई गई है, जिससे आने वाले दिनों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रह सकता है।
प्री-मानसून गतिविधियों का असर
मौसम विभाग के अनुसार, बिहार में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। इसी वजह से राज्य में दो तरह के मौसम देखने को मिल रहे हैं—एक तरफ बारिश और दूसरी तरफ भीषण गर्मी। यह स्थिति आने वाले दिनों में भी बनी रह सकती है, जब तक मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हो जाता।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मौसमीय बदलाव सामान्य हैं, लेकिन तापमान में तेजी से बढ़ोतरी लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर, सावधानी जरूरी
भीषण गर्मी और लू के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और चक्कर आने जैसे मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।

डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। इसके अलावा हल्के और ढीले कपड़े पहनना, सिर को ढककर रखना और धूप में निकलने से पहले सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से घर के अंदर ही रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन अलर्ट मोड में
गर्मी की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है। कई जिलों में लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों पर पानी की व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाओं को दुरुस्त किया जा रहा है।
बिहार में फिलहाल मौसम का मिजाज दो अलग-अलग रूपों में नजर आ रहा है। जहां सीमांचल के जिलों में बारिश से राहत मिली है, वहीं दक्षिण और मध्य बिहार के लोग भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां अपनाने की सख्त जरूरत है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
