दिल्ली से पटना लौटते ही तेजस्वी यादव की महत्वपूर्ण बैठक, कार्यकर्ताओं को दिए अहम निर्देश

तेजस्वी यादव पटना लौटकर RJD कार्यालय पहुंचे

तेजस्वी यादव पटना लौटे, RJD नेताओं संग हाईलेवल बैठक शुरू

निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। तेजस्वी यादव पटना लौटते ही रविवार को राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ हाईलेवल बैठक शुरू की। करीब एक घंटे से चल रही इस बैठक को मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और पार्टी की आगामी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में आरजेडी के कई प्रमुख नेता मौजूद हैं। हालांकि, बैठक के एजेंडे को लेकर पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

दिल्ली से लौटने के तुरंत बाद तेजस्वी यादव का सीधे पार्टी कार्यालय पहुंचना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। बैठक में संगठन से जुड़े मुद्दों के अलावा राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आने वाले दिनों की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

RJD कार्यालय में जुटे पार्टी के दिग्गज नेता

प्रदेश कार्यालय में चल रही बैठक में आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगली लाल मंडल, राज्यसभा सांसद संजय यादव, मनोज झा, विधायक आलोक मेहता, एमएलसी सुनील सिंह, भोला यादव और भाई वीरेंद्र समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं।

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वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए बैठक को संगठन और राजनीतिक रणनीति के स्तर पर अहम माना जा रहा है। पार्टी के भीतर मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम पर मंथन के साथ-साथ आगे की दिशा को लेकर भी विचार-विमर्श किए जाने की बात सामने आ रही है।

हालांकि, बैठक के दौरान किन खास मुद्दों पर निर्णय लिया गया या किन विषयों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

दिल्ली से लौटते ही तेजस्वी का सियासी संदेश

तेजस्वी यादव का दिल्ली दौरे के बाद पटना लौटते ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करना ऐसे समय में हुआ है, जब बिहार की राजनीति में आरक्षण समेत कई मुद्दों को लेकर बयानबाजी तेज है। ऐसे में इस बैठक को पार्टी की आगे की राजनीतिक गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

आरजेडी की राजनीति में संगठनात्मक गतिविधियों के साथ सामाजिक न्याय और आरक्षण का मुद्दा लगातार प्रमुख रहा है। इसी क्रम में तेजस्वी यादव ने हालिया राजनीतिक बहस के बीच आरक्षण के सवाल पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा है।

आरक्षण मुद्दे पर मांझी और चिराग पर हमला

आरक्षण को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और चिराग पासवान के बीच चल रही राजनीतिक बयानबाजी पर तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेता आरएसएस के निर्देश पर अलग-अलग दिशाओं में बयान देकर आरक्षण समर्थक जनभावना का आकलन करने की कोशिश कर रहे हैं।

तेजस्वी ने अपने पोस्ट में आरक्षण विरोधी ताकतों के साथ सत्ता में रहने को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि आरक्षित कोटे से चुनाव जीतकर सत्ता में पहुंचे नेताओं को संविधान और आरक्षण के मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

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तेजस्वी ने अपने बयान में यह भी सवाल उठाया कि अगर संबंधित राजनीतिक दल आरक्षण के समर्थक हैं तो बिहार में बढ़ाई गई 65 प्रतिशत आरक्षण सीमा को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए पहल क्यों नहीं की जा रही है।

65 प्रतिशत आरक्षण को लेकर फिर गरमाई राजनीति

बिहार में 65 प्रतिशत आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आता दिख रहा है। तेजस्वी यादव ने अपने बयान में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए केंद्र और राज्य की राजनीति में आरक्षण को लेकर दलों की भूमिका पर सवाल खड़े किए।

उन्होंने नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी से जुड़े राजनीतिक दलों की विचारधारा को लेकर भी सवाल किया। तेजस्वी का आरोप है कि आरक्षण के मुद्दे पर इन दलों की स्थिति स्पष्ट नहीं है और सत्ता में बने रहने को प्राथमिकता दी जा रही है आरक्षण को लेकर तेजस्वी के इस हमले के बाद बिहार की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के संकेत हैं।

मोहन भागवत के पुराने बयान का भी जिक्र

अपने एक्स पोस्ट में तेजस्वी यादव ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के पुराने आरक्षण संबंधी बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने पहले भी आरक्षण के सवाल पर अपना रुख स्पष्ट किया है।

तेजस्वी ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि आरक्षण को लेकर दोबारा किसी तरह की समीक्षा या बदलाव की कोशिश की गई तो बिहार की जनता इसका राजनीतिक जवाब देगी। उन्होंने अपने पोस्ट में आरएसएस और बीजेपी पर भी तीखा हमला किया।

अब बैठक के एजेंडे पर सबकी नजर

एक तरफ तेजस्वी यादव आरक्षण के मुद्दे पर विपक्षी नेताओं को घेर रहे हैं, तो दूसरी तरफ पटना में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी बैठक जारी है। ऐसे में आरजेडी की इस बैठक को आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बैठक में संगठन को लेकर क्या फैसला होता है, मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर पार्टी की क्या रणनीति बनती है और आरक्षण जैसे मुद्दों को लेकर आरजेडी आगे किस तरह अपनी राजनीतिक मुहिम को आगे बढ़ाती है, इस पर अब नजर रहेगी।

फिलहाल पार्टी की ओर से बैठक के आधिकारिक एजेंडे या उसमें लिए गए संभावित फैसलों की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन दिल्ली से लौटते ही तेजस्वी यादव का वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करना यह संकेत जरूर दे रहा है कि आरजेडी आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर सक्रिय तैयारी में जुटी है।

Nishkarsh Bharat

अमन की रिपोर्ट

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