अररिया में वज्रपात का कहर, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत; खेत में मवेशी लेने गए थे
अररिया में खेत में मवेशी लेने गए एक ही परिवार के तीन लोगों पर गिरी बिजली, तीनों की मौत; गांव में पसरा मातम।
निष्कर्ष भारत संवाददाता अररिया: बिहार में वज्रपात से एक ओर जहां कई जिले बाढ़ की स्थिति से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वज्रपात ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अररिया जिले में ठनका गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा तरौना पंचायत के अररबाड़ी गांव के वार्ड संख्या 13 में हुआ। तीनों लोग खेत से मवेशी लाने के लिए गए थे। इसी दौरान अचानक वज्रपात की चपेट में आने से तीनों जमीन पर गिर पड़े।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तीनों को गांव लेकर आए। इसके बाद परिजन उन्हें सदर अस्पताल, अररिया ले गए, जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है।
वज्रपात की चपेट में आए तीन लोग
मृतकों की पहचान शिवानंद भगत, वीरेंद्र भगत और कन्हैया भगत के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, तीनों खेत से मवेशी लाने के लिए निकले थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और खेत में ठनका गिर गया।
वज्रपात इतना तेज था कि तीनों इसकी चपेट में आकर अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े। घटनास्थल गांव से करीब छह किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। हादसे के समय आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिसके कारण तत्काल परिवार को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी।
कुछ देर बाद एक व्यक्ति की नजर खेत में पड़े तीनों लोगों पर पड़ी। उसने शोर मचाकर आसपास के ग्रामीणों को बुलाया। इसके बाद ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और तीनों को गांव लेकर आए।
सदर अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
ग्रामीणों और परिजनों की मदद से तीनों को गांव लाया गया। इसके बाद शाम के समय परिजन उन्हें वाहन से सदर अस्पताल, अररिया लेकर पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।
तीन लोगों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक साथ परिवार के तीन सदस्यों की मौत से गांव में भी शोक का माहौल है।
परिजन सुभाष कुमार भगत ने बताया कि शिवानंद भगत उनके चाचा थे, जबकि वीरेंद्र भगत और कन्हैया भगत उनके चचेरे भाई थे। इस तरह एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

छह किलोमीटर दूर खेत में हुआ हादसा
परिजनों के मुताबिक, तीनों लोग गांव से करीब छह किलोमीटर दूर स्थित खेत में मवेशी लाने गए थे। इसी दौरान अचानक वज्रपातसे हुआ और तीनों उसकी चपेट में आ गए।
घटनास्थल दूर होने के कारण कुछ समय तक किसी को हादसे की जानकारी नहीं हो सकी। बाद में एक ग्रामीण की नजर तीनों पर पड़ी। इसके बाद आसपास के लोगों को सूचना दी गई।
ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर तीनों को संभाला और गांव पहुंचाया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। वज्रपात
प्रशासन ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई
घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई। तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
एडीएम नवनील कुमार ने बताया कि वज्रपात से तीन लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि तीनों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मृतकों के परिजनों को नियम के अनुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने की बात भी कही गई है। वज्रपात
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गांव में पसरा मातम
एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतकों के घर पहुंचने लगे। परिजनों के रोने-बिलखने से माहौल गमगीन हो गया।
ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताई और प्रशासन से जल्द से जल्द सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। एक साथ तीन मौतों ने पूरे गांव को झकझोर दिया है।

बिहार में बाढ़ के बीच वज्रपात ने बढ़ाई चिंता
बिहार के कई हिस्से इस समय बाढ़ और बारिश से की स्थिति से प्रभावित हैं। ऐसे मौसम में वज्रपात का खतरा भी बना रहता है। खेतों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों के लिए आकाशीय बिजली विशेष रूप से खतरनाक साबित हो सकती है।
अररिया की घटना भी इसी खतरे की गंभीरता को सामने लाती है। खेत में मवेशी लेने गए तीन लोगों की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
प्रशासन और मौसम विभाग की ओर वज्रपात से खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले स्थानों, पेड़ के नीचे और खेतों में जाने से बचने की सलाह दी जाती है। खासकर गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना बेहद जरूरी है।
पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट
