बिहार में बारिश का अलर्ट, पटना में उमस और गर्मी बढ़ाएगी बेचैनी, 22 जिलों में पूर्वानुमान जारी
बिहार के 22 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट, पटना में उमस
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में बारिश अलर्ट के बीच शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने 11 सितंबर को राज्य के 22 जिलों में बारिश, आंधी और गरज-चमक की संभावना जताई है। हालांकि पूरे राज्य में भारी बारिश की स्थिति फिलहाल नहीं बन रही है। कई इलाकों में तेज धूप और उमस के बीच बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है, जबकि स्थानीय मौसमीय परिस्थितियों के कारण कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने के आसार हैं।
पटना समेत कई जिलों में दिन की शुरुआत बादलों और उमस के साथ हो सकती है। वर्षा होने पर कुछ समय के लिए गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन वर्षा रुकने के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से उमस फिर परेशान कर सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है।
22 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने आरा, अररिया, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, बक्सर, छपरा, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, गया, हाजीपुर, जमुई, कटिहार, खगड़िया, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पटना, पूर्णिया, समस्तीपुर, सासाराम, सीतामढ़ी और सुपौल समेत कई जिलों में वर्षा की संभावना जताई है।
इन इलाकों में सिर्फ वर्षा ही नहीं, बल्कि कुछ स्थानों पर आंधी और गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है। हवा की रफ्तार 40 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना बताई गई है। ऐसे में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को मौसम में अचानक बदलाव के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
पटना में वर्षा के बाद फिर बढ़ेगी उमस
राजधानी पटना में पिछले दिनों की तरह शुक्रवार को भी मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। सुबह के समय बादलों की आवाजाही और हल्की वर्षा होने पर लोगों को उमस से कुछ राहत मिल सकती है। बारिश के बाद सुबह का मौसम अपेक्षाकृत सुहाना रहने की संभावना है।
निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: IIT Patna में पुलिस और दिग्गजों की मौजूदगी .. शराब और शबाब’ वाली महफिल का सच क्या ?
हालांकि दिन चढ़ने के साथ धूप तेज होने पर तापमान और उमस दोनों परेशान कर सकते हैं। दोपहर बाद स्थानीय स्तर पर बादल विकसित होने की स्थिति में पटना के कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा हो सकती है।

यानी राजधानी के लोगों को एक साथ दो तरह के मौसम का सामना करना पड़ सकता है। सुबह या दोपहर के आसपास बारिश राहत दे सकती है, जबकि बारिश थमने के बाद नमी बढ़ने से उमस दोबारा बेचैनी बढ़ा सकती है।
बारिश का सिस्टम कितना मजबूत है?
मौसम में बदलाव के पीछे उत्तरी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में बना कम दबाव का क्षेत्र अहम माना जा रहा है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण करीब 9.4 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है।
इसके अलावा उत्तरी हरियाणा से उत्तर प्रदेश और झारखंड होते हुए उत्तरी बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ भी बना हुआ है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से बिहार के अलग-अलग हिस्सों में बादल बनने और वर्षा की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
हालांकि मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा सिस्टम इतना प्रभावी नहीं है कि पूरे बिहार में व्यापक स्तर पर भारी वर्षा करा सके। इसलिए फिलहाल राज्य में तेज वर्षा के बजाय हल्की से मध्यम वर्षा और स्थानीय स्तर पर गरज-चमक की गतिविधियां अधिक देखने को मिल सकती हैं।
बिहार में बारिश का मिला-जुला असर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान से साफ है कि अगले कुछ दिनों में बिहार के लोगों को लगातार एक जैसे मौसम का सामना नहीं करना पड़ेगा। कहीं धूप निकलेगी तो कहीं बादल छाए रह सकते हैं। कुछ इलाकों में अचानक वर्षा भी हो सकती है।
मानसून की गतिविधियों के बीच स्थानीय स्तर पर बनने वाले बादल मौसम को तेजी से बदल सकते हैं। यही वजह है कि किसी एक जिले के मौसम को देखकर पूरे राज्य के मौसम का अनुमान लगाना मुश्किल है। जहां बारिश होगी, वहां तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है। वहीं जिन इलाकों में बारिश नहीं होगी, वहां तेज धूप और हवा में नमी के कारण उमस अधिक महसूस हो सकती है।
पिछले 24 घंटे में इन इलाकों में बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान छपरा, सासाराम और जमुई में बारिश दर्ज की गई। इन इलाकों में हुई बारिश के बाद मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिला। वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में भी बादलों की आवाजाही बनी रही।
पटना में भी बादलों के बीच हुई बारिश ने सुबह के समय उमस से कुछ राहत दी। लोगों को कुछ देर के लिए मौसम सुहाना महसूस हुआ। लेकिन मौसम विभाग के अनुसार दिन बढ़ने के साथ धूप और नमी का असर फिर बढ़ सकता है।
आकाशीय बिजली को लेकर सावधानी जरूरी
बारिश और गरज-चमक की संभावना के बीच आकाशीय बिजली को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत है। अचानक गरज के साथ बारिश होने की स्थिति में लोगों को खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों के लिए मौसम में अचानक बदलाव खास तौर पर महत्वपूर्ण है। आंधी की स्थिति में कमजोर ढांचे, पेड़ और अस्थायी निर्माण भी जोखिम पैदा कर सकते हैं।
भारी बारिश नहीं, लेकिन राहत और उमस दोनों
मौजूदा मौसम प्रणाली से बिहार में व्यापक भारी बारिश की संभावना फिलहाल मजबूत नहीं दिख रही है। इसके बावजूद कई जिलों में हल्की बारिश और आंधी-गरज की गतिविधियां लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर सकती हैं।

पटना समेत कई शहरों में बारिश होने पर थोड़ी देर के लिए गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन इसके बाद बढ़ने वाली नमी उमस को फिर बढ़ा सकती है। इसलिए आने वाले दिनों में धूप, बादल, उमस और छिटपुट बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम की जानकारी पर नजर रखने की जरूरत है। खासकर आंधी, गरज-चमक और आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचना बेहतर होगा। फिलहाल बिहार में मौसम पूरी तरह साफ नहीं हुआ है और मानसूनी गतिविधियों के बीच बदलता मौसम अगले कुछ दिनों तक लोगों की परेशानी और राहत दोनों का कारण बन सकता है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
