सीतामढ़ी में जिला परिषद प्रतिनिधि की गोली मारकर हत्या, मॉर्निंग वॉक के दौरान अपराधियों ने बनाया निशाना
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (सीतामढ़ी)। सीतामढ़ी में जिला परिषद प्रतिनिधि की हत्या से शनिवार सुबह इलाके में सनसनी फैल गई। डुमरा थाना क्षेत्र के केथरिया-रामपट्टी चौक के पास पथरिया श्मशान के समीप मॉर्निंग वॉक पर निकले बैद्यनाथ महतो को अपराधियों ने घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां मारीं। बताया जा रहा है कि उन्हें करीब आठ गोलियां लगीं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद हमलावर फरार हो गए। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया और पथराव किया। इस दौरान दो पुलिसकर्मी घायल हो गए।
मॉर्निंग वॉक के दौरान घेरकर फायरिंग
जानकारी के अनुसार, बैद्यनाथ महतो शनिवार सुबह रोज की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। वह केथरिया-रामपट्टी चौक के पास पथरिया श्मशान के नजदीक पहुंचे थे। इसी दौरान हथियारबंद अपराधियों ने उन्हें घेर लिया और अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
अपराधियों ने लगातार कई गोलियां चलाईं। गोली लगने से बैद्यनाथ महतो गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। आसपास के लोग जब तक मौके पर पहुंचे, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। फायरिंग के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
सीतामढ़ी में पहले भी हो चुकी थी फायरिंग
ग्रामीणों के मुताबिक, सीतामढ़ी में बैद्यनाथ महतो पर इससे पहले 28 अगस्त को भी फायरिंग की गई थी। उस घटना के बाद डुमरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। परिजनों और समर्थकों का आरोप है कि फायरिंग की घटना के बाद भी आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों का कहना है कि पहली घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग लगातार की जा रही थी। इसके बावजूद दोबारा हुई फायरिंग में बैद्यनाथ महतो की जान चली गई। पुलिस अब 28 अगस्त की घटना और शनिवार को हुई हत्या के बीच संभावित संबंध की भी जांच कर रही है।
अवैध शराब के विरोध से जोड़कर देख रहे ग्रामीण
सीतामढ़ी में हुई हत्या के पीछे अवैध शराब तस्करी का विरोध भी एक संभावित कारण बताया जा रहा है। हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह अभी पुलिस जांच का विषय है। ग्रामीणों और परिजनों की ओर से इस संबंध में आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि हत्या के पीछे कौन लोग हैं, वारदात को किस वजह से अंजाम दिया गया और अपराधियों का बैद्यनाथ महतो से पहले से कोई विवाद था या नहीं।
सीतामढ़ी में हत्या के बाद भड़का आक्रोश
घटना की जानकारी मिलते ही सीतामढ़ी पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हत्या से जुड़े साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। लेकिन घटना से गुस्साए ग्रामीणों का आक्रोश पुलिस के खिलाफ भी फूट पड़ा।
ग्रामीणों ने सीतामढ़ी पुलिस टीम को मौके से खदेड़ने की कोशिश की और पथराव किया। पथराव में ट्रैफिक इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार और साइबर इंस्पेक्टर अनिल राम घायल हो गए। दोनों पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एसपी और डीएसपी ने संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने के बाद डीएसपी आशीष कुमार और एसपी अमित रंजन भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस की ओर से अतिरिक्त बल की तैनाती और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने की कार्रवाई की जा रही है।
पूर्व विधायक ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
पूर्व विधायक राजकिशोर कुशवाहा ने दावा किया कि बैद्यनाथ महतो को पहले से धमकियां मिल रही थीं। उनका आरोप है कि पिछली फायरिंग के बाद पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
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पूर्व विधायक ने पुलिस और थाना स्तर पर लापरवाही के आरोप भी लगाए। उनका कहना है कि पिछली घटना के बाद एसपी ने ग्रामीणों से मुलाकात की थी और थाना प्रभारी को जांच के निर्देश दिए थे। उनके अनुसार, सीतामढ़ी पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ा भी था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
28 अगस्त की फायरिंग से जुड़ा है हत्या का मामला?
शनिवार की हत्या के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इसका संबंध 28 अगस्त को हुई फायरिंग से है। पहली घटना के बाद से ही बैद्यनाथ महतो की सुरक्षा और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे।

पुलिस इसी एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों की ओर से अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी की जा रही है।
सीतामढ़ी में तनाव, आरोपियों की तलाश जारी
हत्या के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। हत्या के कारण और वारदात में शामिल लोगों की पहचान को लेकर जांच जारी है।
फिलहाल पुलिस ने लोगों से संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, ग्रामीणों की मांग है कि हत्या में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और पहले हुई फायरिंग की घटना में भी कार्रवाई की जाए।
पुलिस के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक ओर बैद्यनाथ महतो की हत्या के आरोपियों को पकड़ना है, वहीं दूसरी ओर घटना के बाद उपजे तनाव को नियंत्रित रखना है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ ही हत्या की असली वजह और वारदात में शामिल अपराधियों की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।
अमन कुमार की रिपोर्ट
