तेजस्वी ने बिहार सरकार को घेरा, बोले- प्रदेश में डबल इंजन फेल, बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करें केंद्र सरकार
तेजस्वी यादव ने बाढ़ पर सरकार को घेरा, केंद्र से मांगा विशेष पैकेज
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। तेजस्वी यादव ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर रविवार को राज्य सरकार और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बिहार में बाढ़ की स्थिति भयावह है, लेकिन डबल इंजन की सरकार राहत पहुंचाने में विफल साबित हो रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से बिहार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और राज्य को विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग की।
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बाढ़ से बिहार के कई हिस्सों में गंभीर स्थिति बनी हुई है और ऐसे समय में राज्य को केंद्र से अपेक्षित मदद मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा गया है, लेकिन अब तक केंद्र की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।
बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में आई बाढ़ सामान्य आपदा नहीं है और इसकी व्यापकता को देखते हुए केंद्र सरकार को इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करना चाहिए। उनका कहना था कि राज्य सरकार के संसाधन सीमित हैं और इतनी बड़ी आपदा से निपटने के लिए केंद्र की अतिरिक्त सहायता जरूरी है।
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उन्होंने केंद्र से बिहार के लिए विशेष पैकेज जारी करने की भी मांग की। तेजस्वी के मुताबिक बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत और पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए बड़े स्तर पर आर्थिक संसाधनों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को केंद्र से तत्काल मदद मिलनी चाहिए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को गति दी जा सके।
तेजस्वी बोले- डबल इंजन सरकार फेल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव ने बिहार की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने डबल इंजन सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार में दोनों इंजन काम करने के बजाय संकट में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति में सरकार राहत पहुंचाने में अपेक्षित रूप से सफल नहीं हो रही है।
तेजस्वी ने राज्य के वित्तीय प्रबंधन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि बिहार सरकार का खजाना खाली हो चुका है और अब इमरजेंसी फंड से पैसे निकाले जा रहे हैं। हालांकि, ये दावे विपक्ष के नेता के राजनीतिक आरोप हैं। सरकार की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया इस बयान में सामने नहीं आई है।
प्रधानमंत्री को पत्र लिखने का दावा
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के साथ विशेष आर्थिक सहायता की मांग भी रखी है।

तेजस्वी के अनुसार, बिहार जैसे बाढ़ प्रभावित राज्य के लिए केंद्र की ओर से अतिरिक्त सहायता महत्वपूर्ण है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतनी बड़ी आपदा के दौरान राज्य को मदद की जरूरत है, तो केंद्र सरकार की तरफ से अपेक्षित प्रतिक्रिया अब तक क्यों नहीं आई। इस मुद्दे को लेकर तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी राजनीतिक निशाना साधा और केंद्र से बिहार के लिए तत्काल राहत पैकेज की मांग दोहराई।
2007 की बाढ़ का दिया उदाहरण
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में वर्ष 2007 की बाढ़ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय केंद्र में यूपीए की सरकार थी और तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी बिहार आए थे। उनके मुताबिक उस दौरान बाढ़ राहत के लिए आर्थिक मदद भी उपलब्ध कराई गई थी।
तेजस्वी ने कहा कि तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव उन्हें बिहार लेकर आए थे। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने मौजूदा केंद्र सरकार से भी बिहार की बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए उसी तरह सक्रिय भूमिका निभाने की मांग की।
आरजेडी नेता का कहना था कि बिहार लंबे समय से बाढ़ की समस्या से प्रभावित रहा है और हर साल बड़ी आबादी को इसका सामना करना पड़ता है। ऐसे में राहत के साथ-साथ स्थायी समाधान की दिशा में भी केंद्र और राज्य सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए।
तेजस्वी ने केंद्र पर गुजरात को लेकर साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने गुजरात का उदाहरण देते हुए केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि क्या प्रधानमंत्री बिहार को देश से अलग समझते हैं। उनका आरोप था कि बिहार में इतनी बड़ी आपदा के बावजूद केंद्र की ओर से अपेक्षित सहायता नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों को भी केंद्र सरकार से उसी तरह की संवेदनशीलता और सहायता की उम्मीद है, जैसी देश के दूसरे राज्यों में किसी बड़ी आपदा के दौरान दिखाई जाती है।
तेजस्वी ने इस मुद्दे को बिहार के हितों से जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत दिलाना राजनीतिक बयानबाजी से ऊपर का विषय है और केंद्र को तत्काल कदम उठाना चाहिए।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी हमला
तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा। उन्होंने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री को लेकर तीखी टिप्पणी की। उनका आरोप था कि बिहार में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति के बावजूद सरकार प्रभावी तरीके से काम नहीं कर पा रही है।
उन्होंने राज्य सरकार के साथ-साथ बिहार से केंद्र में प्रतिनिधित्व करने वाले सांसदों और मंत्रियों पर भी सवाल उठाए। तेजस्वी ने कहा कि बिहार के लोगों ने बड़ी संख्या में सांसदों को चुनकर संसद भेजा है और राज्य से कई केंद्रीय मंत्री भी हैं, लेकिन बाढ़ जैसी स्थिति में बिहार के लिए पर्याप्त सहायता लाने में वे सफल नहीं हो रहे हैं।
तेजस्वी ने केंद्रीय मंत्रियों पर कसा तंज
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने बिहार के केंद्रीय मंत्रियों को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि बिहार के 30 से ज्यादा सांसद हैं और सात केंद्रीय मंत्री हैं। इसके बावजूद राज्य को पर्याप्त सहायता नहीं मिल रही है।

तेजस्वी ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कुछ केंद्रीय मंत्रियों की पहचान उनके विभाग या राजनीतिक संदर्भ से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि आखिर बिहार के लिए सहायता लाने की जिम्मेदारी कौन निभाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के हितों के लिए केंद्र पर प्रभाव डालने में राज्य के सांसद और मंत्री विफल रहे हैं। उनके इस बयान को आगामी राजनीतिक बहस के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बाढ़ का मुद्दा बिहार में सरकार और विपक्ष के बीच पहले से ही प्रमुख राजनीतिक विषय बना हुआ है।
राहत और विशेष पैकेज पर बढ़ सकता है सियासी दबाव
बाढ़ की स्थिति को लेकर तेजस्वी यादव के बयान के बाद केंद्र और राज्य सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ने की संभावना है। विपक्ष लगातार यह मांग कर रहा है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज किए जाएं और केंद्र की ओर से अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाए।
तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग के साथ यह भी स्पष्ट किया कि बिहार को विशेष पैकेज की जरूरत है। उनका कहना है कि आपदा का असर केवल तत्काल राहत तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सड़क, पुल, मकान, खेती और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है। इसलिए राहत के साथ पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए भी पर्याप्त धन की जरूरत होगी।
तेजस्वी यादव के बयान ने बिहार में बाढ़ और सरकारी राहत व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि केंद्र और राज्य सरकार इस मांग पर क्या प्रतिक्रिया देती है और बाढ़ प्रभावित बिहार के लिए अतिरिक्त सहायता को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
