पटना में नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, 80 लीटर शराब जब्त, रैपर बरामद

नकली शराब

नकली शराब फैक्ट्री का खुलासा, 80 लीटर शराब और रैपर बरामद

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। नकली शराब के कारोबार के खिलाफ उत्पाद विभाग की कार्रवाई में बड़ी बरामदगी हुई है। फुलवारीशरीफ के गोपालपुर थाना क्षेत्र स्थित जकड़िया पुर में शुक्रवार देर रात एक मकान में चल रही कथित नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में 80 लीटर तैयार शराब के अलावा बड़ी संख्या में खाली बोतलें, ढक्कन, रैपर और होलोग्राम बरामद किए गए। कार्रवाई की भनक लगते ही मौके पर मौजूद लोग फरार हो गए।

उत्पाद विभाग की टीम ने मकान को सील कर दिया है और बरामद नकली शराब समेत पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को जब्त कर लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि मकान में शराब तैयार करने के साथ उसकी पैकिंग की व्यवस्था भी की गई थी। अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि इस नेटवर्क से कौन-कौन लोग जुड़े थे और तैयार शराब की सप्लाई कहां की जानी थी।

नकली शराब की सूचना पर बनाई गई थी विशेष टीम

उत्पाद निरीक्षक अजीत कुमार के अनुसार, विभाग को सूचना मिली थी कि जकड़िया पुर स्थित एक मकान में बड़े पैमाने पर नकली शराब तैयार की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद छापेमारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया।

टीम ने शुक्रवार देर रात बताए गए मकान को घेरकर कार्रवाई शुरू की। अचानक हुई छापेमारी से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, कार्रवाई शुरू होने से पहले या उसके दौरान मौके पर मौजूद लोग वहां से भागने में सफल रहे।

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इसके बाद उत्पाद विभाग की टीम ने मकान की तलाशी शुरू की। अलग-अलग स्थानों पर रखी शराब और पैकिंग से जुड़ी सामग्री को देखकर अधिकारियों ने उसे जब्त कर लिया।

80 लीटर तैयार शराब के साथ मिलीं सैकड़ों बोतलें

तलाशी के दौरान मकान से 80 लीटर तैयार नकली शराब बरामद की गई। इसके अलावा 94 बोतलों में भरी शराब भी मिली। विभाग को 700 खाली बोतलें, 1000 ढक्कन, 2000 रैपर और 500 होलोग्राम भी मिले हैं।

बरामद सामान की मात्रा ने जांच टीम का ध्यान खींचा है। खाली बोतलों, ढक्कनों, रैपर और होलोग्राम की मौजूदगी से विभाग को आशंका है कि यहां शराब को तैयार करने के बाद बोतलों में भरकर पैक करने की प्रक्रिया भी चल रही थी।

उत्पाद विभाग अब बरामद सामान की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि इसे किस ब्रांड या किस बाजार में खपाने की तैयारी थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि शराब तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री कहां से लाई जाती थी।

नकली शराब बनाने और पैकिंग का सामान बरामद

छापेमारी में सिर्फ तैयार नकली शराब ही नहीं, बल्कि बड़ी मात्रा में पैकिंग सामग्री भी मिली है। 700 खाली बोतलें, 1000 ढक्कन और 2000 रैपर बरामद होने के बाद विभाग इस पूरे मामले को संगठित तरीके से जोड़कर देख रहा है।

इसके अलावा 500 होलोग्राम भी बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी अब यह पता लगाएगी कि इन होलोग्राम का इस्तेमाल किस तरह किया जाना था और इन्हें कहां से मंगाया गया था।

शराब की बोतलों पर रैपर और होलोग्राम लगाने का उद्देश्य उत्पाद की पहचान से जुड़ा हो सकता है। ऐसे में विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि बरामद सामग्री का इस्तेमाल किन बोतलों में किया जाना था और क्या इसके जरिए असली ब्रांड के नाम पर शराब बाजार में पहुंचाने की तैयारी थी।

कार्रवाई से पहले ही फरार हो गए आरोपी

छापेमारी के दौरान मौके पर कोई आरोपी हाथ नहीं लगा। उत्पाद विभाग के पहुंचने की भनक लगते ही वहां मौजूद लोग फरार हो गए। अब अधिकारियों की टीम मकान और उससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।

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उत्पाद निरीक्षक अजीत कुमार के मुताबिक, फरार लोगों की पहचान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी जा रही है। विभाग यह जानने की कोशिश कर रहा है कि इस अवैध गतिविधि में कितने लोग शामिल थे और उनका काम किस स्तर पर बंटा हुआ था।

जांच में मकान मालिक की भूमिका को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है। विभाग यह स्पष्ट करना चाहता है कि मकान का इस्तेमाल किसकी जानकारी में किया जा रहा था और वहां शराब बनाने की गतिविधि कब से चल रही थी।

नकली शराब कहां सप्लाई होती थी, जांच जारी

उत्पाद विभाग की जांच अब केवल बरामदगी तक सीमित नहीं है। अधिकारियों का फोकस उस नेटवर्क तक पहुंचने पर है जिसके जरिए कथित तौर पर तैयार नकली शराब बाजार तक पहुंचाई जा सकती थी।

जांच टीम यह पता कर रही है कि नकली शराब के लिए कच्चा माल और पैकिंग सामग्री कहां से आती थी। इसके साथ ही तैयार शराब को किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।

अगर जांच में सप्लाई नेटवर्क का पता चलता है तो कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है। विभाग बरामद रैपर और होलोग्राम के आधार पर भी सुराग जुटाने की कोशिश कर रहा है।

मकान को किया गया सील

कार्रवाई के बाद उत्पाद विभाग ने उस मकान को सील कर दिया है जहां से शराब और पैकिंग सामग्री बरामद हुई। इससे जांच के दौरान बरामद सामान और मौके से जुड़े अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

अधिकारियों के मुताबिक, जब्त सामग्री का रिकॉर्ड तैयार किया गया है। आगे की जांच में बरामद शराब और अन्य सामान को मामले के साक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा।

मकान को सील किए जाने के बाद विभाग अब उससे जुड़े दस्तावेज और लोगों की जानकारी जुटा रहा है। मकान के मालिकाना हक और वहां रहने या आने-जाने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी एकत्र की जा रही है।

नकली शराब नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश

उत्पाद विभाग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती फरार आरोपियों तक पहुंचने और पूरे नेटवर्क का पता लगाने की है। अधिकारियों की टीम यह जांच कर रही है कि जकड़िया पुर में पकड़ा गया ठिकाना केवल शराब की पैकिंग के लिए इस्तेमाल हो रहा था या यहां शराब तैयार करने की पूरी प्रक्रिया भी चल रही थी।

बरामद 80 लीटर तैयार शराब के साथ बड़ी संख्या में खाली बोतल, ढक्कन, रैपर और होलोग्राम मिलने से जांच का दायरा बढ़ गया है। विभाग यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि तैयार शराब को किन माध्यमों से बाजार तक पहुंचाया जाता था।

उत्पाद विभाग ने शराब और अन्य सामग्री जब्त कर मकान को सील कर दिया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस कथित नकली शराब कारोबार में कितने लोग शामिल थे और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा था।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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