जमुई कांड में मुख्य आरोपी का एनकाउंटर, मुठभेड़ में पुलिस ने मारी गोली, अबतक 6 गिरफ्तार
जमुई एनकाउंटर में मुख्य आरोपी नंदन यादव के पैर में गोली लगी
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त के साथ बदसलूकी के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। जमुई में मंगलवार को मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव को गिरफ्तार करने के दौरान पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने मौके से भागने की कोशिश की, जिसके बाद हुई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल नंदन यादव को इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जमुई पुलिस का कहना है कि वह मड़वा पहाड़ी के आसपास छिपा हुआ था।
जमुई में मामला 19 सितंबर की शाम का है, जब दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र और छात्रा को कथित तौर पर कुछ युवकों ने रास्ते में रोक लिया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की। वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कार्रवाई तेज की थी।
जमुई एनकाउंटर में मुख्य आरोपी घायल
जमुई पुलिस के मुताबिक, नंदन यादव की तलाश के दौरान उसके मड़वा पहाड़ी के आसपास मौजूद होने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की। जमुई में इसी दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की और पुलिस के साथ मुठभेड़ की स्थिति बनी। कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी।
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घायल आरोपी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उसकी हालत की निगरानी की जा रही है और इलाज के बाद उससे मामले को लेकर पूछताछ की जाएगी। ताजा रिपोर्टों में भी नंदन यादव के पैर में गोली लगने और अस्पताल में भर्ती होने की पुष्टि हुई है।
दूसरा आरोपी भी पुलिस कार्रवाई में घायल
पुलिस ने मामले में हरेराम नाम के एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, वह भी जंगल वाले इलाके में छिपा हुआ था और कार्रवाई के दौरान भागने की कोशिश कर रहा था। भागते समय गिरने से उसके पैर में चोट आई और बाद में उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और घटना के बाद आरोपियों ने कहां-कहां शरण ली थी।
वायरल वीडियो से खुला जमुई मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो से हुई। 19 सितंबर की शाम कोचिंग से लौट रहे दसवीं कक्षा के छात्र और छात्रा मड़वा पहाड़ी की तरफ गए थे। लौटते समय एक समूह ने कथित तौर पर दोनों को रोक लिया।
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पुलिस के अनुसार, युवकों ने दोनों के साथ अभद्रता की और छात्र के साथ मारपीट भी की। घटना का वीडियो बनाए जाने और बाद में उसके सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने वीडियो फुटेज का विश्लेषण कर संदिग्धों की पहचान शुरू की।
जमुई पुलिस ने बनाई SIT
घटना सामने आने के बाद जमुई पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान करने के लिए फुटेज की जांच की गई और इसी आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास किया गया।

प्रारंभिक कार्रवाई में तीन लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी। बाद में मुख्य आरोपी नंदन यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। अलग-अलग चरणों में गिरफ्तारी की संख्या बढ़ती गई है। आपके दिए विवरण के अनुसार अब तक छह लोगों की गिरफ्तारी बताई गई है।
वीडियो वायरल करने वाले पर भी कार्रवाई
पुलिस की जांच केवल घटना में शामिल लोगों तक सीमित नहीं रही। वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के मामले में रामाशीष चौधरी नाम के व्यक्ति की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है।
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जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि घटना का वीडियो किसने बनाया, किसने इसे आगे प्रसारित किया और सोशल मीडिया पर इसके प्रसार की पूरी कड़ी क्या थी। हालांकि नाबालिग पीड़ितों की पहचान और उनकी निजता से जुड़े विवरणों को सार्वजनिक करना कानूनी और नैतिक रूप से उचित नहीं है।
19 सितंबर को क्या हुआ था?
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, घटना 19 सितंबर की शाम करीब 7 बजे हुई। दोनों नाबालिग छात्र कोचिंग के बाद मड़वा पहाड़ी की ओर गए थे। वापस लौटने के दौरान उन्हें रास्ते में कथित तौर पर युवकों के एक समूह ने रोक लिया।
इसके बाद दोनों के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार और मारपीट की गई। घटना की रिकॉर्डिंग बाद में सोशल मीडिया पर सामने आई। वीडियो के प्रसार के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपियों की पहचान के लिए जांच शुरू की।
पुलिस के सामने अब कई सवाल
जांच में पुलिस के सामने अब कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। घटना में कुल कितने लोग शामिल थे? वीडियो किसने बनाया? आरोपियों ने वारदात के बाद कहां शरण ली? क्या सभी आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में थे? और घटना के पीछे तत्काल कारण क्या था?
इन सवालों के जवाब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों से हासिल करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने मामले में POCSO समेत संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है।
एनकाउंटर के बाद जांच का अगला चरण
मुख्य आरोपी के पुलिस कार्रवाई में घायल होने के बाद अब जांच का अगला चरण पूछताछ और अन्य आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करने पर केंद्रित रहेगा। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि घटना के बाद आरोपी किन स्थानों पर छिपे थे और उन्हें किसी व्यक्ति से मदद मिली थी या नहीं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के लिए पीड़ित दोनों नाबालिगों की सुरक्षा और पहचान की गोपनीयता बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। घटना के वीडियो को आगे प्रसारित करने से बचने की अपील भी की जा रही है।
नंदन यादव का इलाज जमुई सदर अस्पताल में चल रहा है। पुलिस की कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगने की बात अधिकारियों और ताजा रिपोर्टों में सामने आई है। वहीं अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगी।
राज कुमार की रिपोर्ट
