भ्रष्टाचार पर EOU की कार्रवाई, भवन निर्माण के अफसर पर शिकंजा, पटना और वैशाली के ठिकानों पर छापेमारी

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बिहार EOU की बड़ी कार्रवाई, GM के चार ठिकानों पर छापेमारी

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU ने बड़ी कार्रवाई की है। बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक (तकनीकी) कमलेश कुमार से जुड़े चार ठिकानों पर मंगलवार सुबह एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया गया। यह कार्रवाई पटना और वैशाली में की जा रही है।

EOU के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कमलेश कुमार के खिलाफ उनकी ज्ञात और वैध आय से करीब 3 करोड़ 12 लाख 51 हजार रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिले हैं। यह राशि उनकी ज्ञात आय से करीब 103.30 प्रतिशत अधिक बताई गई है।

EOU की इस कार्रवाई के बाद भवन निर्माण निगम से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी मामला चर्चा में है। फिलहाल तलाशी अभियान जारी है और टीम संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच कर रही है।

बिहार EOU ने चार ठिकानों पर एक साथ शुरू की तलाशी

आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारियों के अनुसार, कमलेश कुमार के खिलाफ गोपनीय सत्यापन के बाद आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आया। इसके आधार पर EOU थाना में 21 सितंबर 2026 को कांड संख्या 24/26 दर्ज किया गया। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संशोधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। इसके बाद विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी अधिपत्र प्राप्त किया गया और 22 सितंबर की सुबह अलग-अलग टीमों को कार्रवाई के लिए भेजा गया।

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रिपोर्टों के मुताबिक, चार स्थानों पर पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष टीमें तलाशी ले रही हैं। कार्रवाई का उद्देश्य कथित तौर पर अर्जित संपत्ति और उसके स्रोत से जुड़े दस्तावेजों की जांच करना है।

पटना में इन जगहों पर पहुंची EOU की टीम

EOU की टीम पटना में कमलेश कुमार से जुड़े दो आवासीय ठिकानों और उनके कार्यालय तक पहुंची। इनमें एसके पुरी स्थित मनमोहन अपार्टमेंट का फ्लैट, राजीव नगर रोड नंबर-25सी स्थित मेघा बिल्डिंग और बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड स्थित उनका कार्यालय कक्ष शामिल बताया गया है। चौथा ठिकाना वैशाली जिले के जंदाहा थाना क्षेत्र में स्थित उनका पैतृक आवास है।

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इस तरह पटना और वैशाली में कुल चार स्थानों पर एक साथ तलाशी की जा रही है। अलग-अलग टीमों के पहुंचने से कार्रवाई का दायरा भी स्पष्ट होता है कि जांच केवल किसी एक आवास तक सीमित नहीं है।

राजीव नगर के मेघा बिल्डिंग में ताला मिलने की सूचना

राजीव नगर रोड नंबर-25सी स्थित मेघा बिल्डिंग भी EOU की कार्रवाई का हिस्सा है। यहां टीम सुबह पहुंची, लेकिन आवास पर ताला लगा मिला। इसके बाद अधिकारियों को वहां इंतजार करना पड़ा। रिपोर्टों में बताया गया है कि यह मकान G+5 संरचना वाला है और टीम यहां भी संबंधित दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के लिए पहुंची है।

हालांकि किसी बंद परिसर में आगे की तलाशी किस प्रक्रिया के तहत पूरी की जाएगी, इसकी विस्तृत जानकारी कार्रवाई समाप्त होने के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल EOU की टीम मामले से जुड़े सभी ठिकानों पर जांच कर रही है।

3 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक संपत्ति का आरोप

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु कथित आय से अधिक संपत्ति है। EOU की प्रारंभिक जांच के अनुसार, कमलेश कुमार ने अपनी ज्ञात और वैध आय के स्रोतों की तुलना में करीब 3 करोड़ 12 लाख 51 हजार रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की है। जांच एजेंसी ने इसे उनकी ज्ञात आय से करीब 103.30 प्रतिशत अधिक बताया है।

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यहां यह समझना जरूरी है कि यह आंकड़ा जांच एजेंसी की प्रारंभिक जांच और प्राथमिकी में लगाए गए आरोप से संबंधित है। अंतिम कानूनी निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगा।

EOU खंगाल रही संपत्ति और वित्तीय रिकॉर्ड

तलाशी के दौरान EOU की टीम संपत्ति से संबंधित कागजात और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इसमें जमीन, मकान, बैंक खाते, निवेश और अन्य परिसंपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा सकती है। जांच एजेंसी का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित अतिरिक्त संपत्ति किन स्रोतों से अर्जित हुई।

ऐसे मामलों में जांच एजेंसी आमतौर पर अधिकारी की घोषित आय, ज्ञात संपत्ति और खर्च का तुलनात्मक आकलन करती है। इसके बाद यह देखा जाता है कि संपत्ति और आय के बीच कोई ऐसा अंतर है या नहीं, जिसकी कानूनी जांच जरूरी हो।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

कमलेश कुमार के खिलाफ EOU थाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह मामला कथित रूप से पद का उपयोग करते हुए ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने से संबंधित है।

FIR दर्ज होने के बाद विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट लिया गया। इसी वारंट के आधार पर EOU की टीमों ने मंगलवार सुबह एक साथ कार्रवाई शुरू की।

तलाशी पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल जांच एजेंसी की कार्रवाई जारी है। तलाशी पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि टीमों को किन-किन दस्तावेजों, संपत्ति के कागजात या अन्य साक्ष्यों का पता चला। EOU की ओर से विस्तृत जानकारी तलाशी और दस्तावेजों के मूल्यांकन के बाद जारी किए जाने की संभावना है।

जांच का अगला चरण कथित अतिरिक्त संपत्ति के स्रोत और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की पड़ताल हो सकता है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की भूमिका सामने आती है, तो एजेंसी उस दिशा में भी कार्रवाई आगे बढ़ा सकती है।

बिहार में EOU की कार्रवाई पर नजर

बिहार में आर्थिक अपराध इकाई आय से अधिक संपत्ति के मामलों में समय-समय पर सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करती रही है। कमलेश कुमार से जुड़े मामले में भी जांच एजेंसी ने पहले सत्यापन, फिर FIR और इसके बाद न्यायालय से तलाशी अधिपत्र लेने की प्रक्रिया अपनाई है।

इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि EOU की जांच अभी शुरुआती चरण में है। चार ठिकानों पर तलाशी के बाद सामने आने वाले दस्तावेज और अन्य साक्ष्य आगे की जांच की दिशा तय करेंगे। कमलेश कुमार पर लगाए गए आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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