यमुना एक्सप्रेसवे बस हादसा: ‘मरना है तो मरो, नहीं रोकेंगे बस’, जलने की बदबू के बाद भी नहीं रोकी बस; 9 की मौत

यमुना एक्सप्रेसवे

यमुना एक्सप्रेसवे बस हादसा: ‘मरना है तो मरो, नहीं रोकेंगे

निष्कर्ष भारत संवाददाता नोएडा। उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने की घटना को लेकर यात्रियों की शिकायत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का आरोप है कि बस के ड्राइवर और कंडक्टर को आग लगने से पहले ही बस के कैबिन की ओर से जलने जैसी बदबू आने की जानकारी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद बस नहीं रोकी गई। कुछ देर बाद ड्राइवर की सीट के पास से आग की तेज लपटें निकलने लगीं और देखते ही देखते बस धुएं और आग से घिर गई।

यमुना एक्सप्रेसवे इस हादसे में नौ यात्रियों की मौत होने की बात शिकायत में कही गई है। वहीं कई यात्री झुलस गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। मामले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

दिल्ली से राठ जा रही थी बस

पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, हमीरपुर जिले के राठ थाना क्षेत्र के मोहल्ला खुशीपुरा निवासी सुनील कुमार बुधवार रात दिल्ली के कश्मीरी गेट से बस संख्या BR32PA8647 में सवार हुए थे। बस राज कल्पना ट्रेवल्स की बताई गई है और यात्रियों को राठ जाना था।

शिकायत के अनुसार बस में करीब 30 से 35 यात्री सवार थे। रात करीब 11:30 बजे बस नोएडा से आगरा की ओर जाने वाले मार्ग पर यमुना एक्सप्रेसवे यमुना एक्सप्रेसवे के करीब 33 किलोमीटर बिंदु के पास पहुंची।

इसी दौरान यात्रियों को ड्राइवर कैबिन की तरफ से जलने जैसी बदबू महसूस हुई। कुछ यात्रियों ने इसकी जानकारी ड्राइवर और कंडक्टर को दी।

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यात्रियों का आरोप- शिकायत के बावजूद नहीं रोकी बस

सुनील कुमार की शिकायत के अनुसार, यात्रियों द्वारा जलने की बदबू की जानकारी दिए जाने के बावजूद ड्राइवर ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। आरोप है कि ड्राइवर ने कहा कि बस में इस तरह की बदबू आती रहती है।

यात्रियों का कहना है कि उस समय बस को रोककर जांच नहीं की गई। शिकायत में ड्राइवर और कंडक्टर पर कैबिन में बीड़ी या सिगरेट पीने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

‘मरना है तो मरो…’ कहने का आरोप

शिकायत में सुनील कुमार ने ड्राइवर और कंडक्टर पर यात्रियों के साथ यमुना एक्सप्रेसवे कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और धमकी देने का आरोप भी लगाया है।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, जब यात्रियों ने बस रोकने की बात कही तो ड्राइवर और कंडक्टर ने कथित तौर पर कहा, ‘मरना है तो मरो, बस नहीं रोकेंगे।’

यह कथन शिकायत में लगाए गए आरोप का हिस्सा है। यमुना एक्सप्रेसवे पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होगा कि घटना से पहले वास्तव में क्या बातचीत हुई थी और बस को रोकने या जांचने को लेकर ड्राइवर-कंडक्टर ने क्या प्रतिक्रिया दी थी।

ड्राइवर की सीट के पास से निकलीं आग की लपटें

सुनील कुमार के अनुसार, कुछ ही देर बाद ड्राइवर की सीट के पास से अचानक आग की तेज लपटें निकलने लगीं। इसके बाद बस में सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई।

यात्रियों ने शोर मचाकर बस रोकने के लिए कहा। इस दौरान आग तेजी से फैलने लगी और कुछ ही समय में बस के अंदर धुआं भर गया।

बस रुकने के बाद यात्रियों ने किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश की। शिकायतकर्ता सुनील कुमार समेत कई यात्री बस से बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन कुछ यात्री आग और धुएं के कारण अंदर फंस गए।यमुना एक्सप्रेसवे

आग में झुलसे कई यात्री

यमुना एक्सप्रेसवे हादसे में कई यात्रियों के झुलसने की जानकारी सामने आई है। घायलों को उपचार के लिए कैलाश अस्पताल, जेवर ले जाया गया।

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सुनील कुमार के मुताबिक, अस्पताल पहुंचने के बाद उन्हें जानकारी मिली कि नौ यात्रियों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी और पहचान की प्रक्रिया अलग से की जा रही है।

घटना के बाद यात्रियों और उनके परिजनों में शोक का माहौल है। हादसे ने बसों में अग्नि सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।यमुना एक्सप्रेसवे

ड्राइवर और कंडक्टर के खिलाफ केस दर्ज

घटना के संबंध में सुनील कुमार ने जेवर थाने में शिकायत दर्ज कराई।यमुना एक्सप्रेसवे शिकायत के आधार पर पुलिस ने बस के ड्राइवर और कंडक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया है।

शिकायत में दोनों पर लापरवाही से बस चलाने और यात्रियों द्वारा जलने की बदबू की जानकारी दिए जाने के बावजूद बस नहीं रोकने का आरोप लगाया गया है।

पुलिस अब यमुना एक्सप्रेसवे हादसे के कारणों की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बस में आग किस वजह से लगी, आग लगने से पहले क्या स्थिति थी और यात्रियों की शिकायत के बाद बस क्यों नहीं रोकी गई।

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हादसे की जांच में जुटी पुलिस

यमुना एक्सप्रेसवे यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए इस बस अग्निकांड के बाद पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, बस की स्थिति और हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।

फिलहाल ड्राइवर और कंडक्टर के खिलाफ दर्ज शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बस में आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी और हादसे से पहले यात्रियों की शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई थी।

यह घटना एक बार फिर लंबी दूरी की बसों में फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण सवाल सामने लाती है।

Nishkarsh Bharat

पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट

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