मसौढ़ी में भूमिहीनों के लिए बड़ी पहल, 3 डिसमिल जमीन का आवेदन शुरू, लगी लाइन
मसौढ़ी में 3 डिसमिल जमीन के लिए आवेदन शुरू, उमड़ी भीड़
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना जिले के मसौढ़ी अंचल में इन दिनों एक अलग ही तस्वीर देखने को मिल रही है। अंचल कार्यालय और पंचायत स्तर पर लगाए गए विशेष शिविरों में सुबह से ही लोगों की भीड़ जुट रही है। हाथों में आवेदन पत्र, जरूरी दस्तावेज और आंखों में अपने घर की उम्मीद लिए बड़ी संख्या में भूमिहीन परिवार इन शिविरों तक पहुंच रहे हैं। यह भीड़ किसी सरकारी सहायता राशि या प्रमाण पत्र के लिए नहीं, बल्कि अपने जीवन के सबसे बड़े सपने यानी जमीन पाने की उम्मीद में जुट रही है।
बसेरा अभियान 2.0 के तहत सरकार की ओर से भूमिहीन परिवारों को तीन डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। आवेदन लेने का काम शुरू होते ही मसौढ़ी के अलग-अलग पंचायतों से लोग बड़ी संख्या में अंचल कार्यालय और शिविरों तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान लंबे समय से बिना जमीन के रह रहे परिवारों को स्थायी आवास का आधार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मसौढ़ी में आवेदन केंद्रों पर उमड़ रही भीड़
गुरुवार को मसौढ़ी अंचल कार्यालय और विभिन्न पंचायतों में लगाए गए शिविरों में बड़ी संख्या में महिलाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंद परिवारों की मौजूदगी देखी गई। कई लोग सुबह से अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। धूप और गर्मी के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ।
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कई परिवारों का कहना है कि वे वर्षों से सरकारी जमीन, नहर किनारे, आहर-पइन के आसपास या अस्थायी झोपड़ियों में रह रहे हैं। ऐसे में तीन डिसमिल जमीन मिलने की संभावना उनके लिए नई उम्मीद लेकर आई है। लोगों का मानना है कि यदि जमीन मिल जाती है, तो वे अपने परिवार के लिए स्थायी घर बना सकेंगे।
मसौढ़ी बसेरा अभियान 2.0 क्या है?
बसेरा अभियान 2.0 राज्य सरकार की एक ऐसी पहल है, जिसका उद्देश्य भूमिहीन और आवासविहीन परिवारों को जमीन उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को तीन डिसमिल जमीन मुफ्त में देने का प्रावधान किया गया है।
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प्रशासन की ओर से निर्धारित प्रारूप में आवेदन लिए जा रहे हैं। आवेदन के साथ पहचान पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज जमा कराए जा रहे हैं। आवेदन प्रक्रिया को सरल और व्यवस्थित बनाने के लिए पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए गए हैं, ताकि लोगों को अंचल कार्यालय तक बार-बार नहीं आना पड़े।
मसौढ़ी में 1000 से अधिक आवेदन
मसौढ़ी के अंचल अधिकारी ऋषिकेश कुमार ने बताया कि अभियान के तहत आवेदन लेने की प्रक्रिया 10 नवंबर तक चलेगी। अब तक 1000 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ सकती है।
उन्होंने बताया कि सभी आवेदनों की बारीकी से जांच की जाएगी। इसके बाद पात्र परिवारों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही जमीन आवंटन की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
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प्रशासन के अनुसार, जिन परिवारों के पास रहने के लिए जमीन नहीं है और जो निर्धारित मानकों को पूरा करते हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ दिया जाएगा।
मसौढ़ी में सत्यापन की विशेष व्यवस्था
आवेदन प्रक्रिया के साथ-साथ प्रशासन ने सत्यापन के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। अंचल निरीक्षक, राजस्व कर्मचारी, अमीन और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके।
प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने और सही लाभार्थियों तक योजना पहुंचाने के लिए सभी आवेदनों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों की टीम आवेदन के बाद संबंधित परिवारों के निवास स्थान और सामाजिक स्थिति का भी सत्यापन करेगी।
भूमिहीन परिवारों के लिए बड़ी राहत
मसौढ़ी के कई परिवार वर्षों से नहर, आहर, पइन और सरकारी जमीन के किनारे अस्थायी झोपड़ियों में रह रहे हैं। ऐसे परिवारों के लिए यह योजना बड़ी राहत साबित हो सकती है।

स्थायी जमीन नहीं होने के कारण इन परिवारों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बारिश और बाढ़ के समय झोपड़ियां क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जबकि मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव रहता है। जमीन मिलने के बाद ऐसे परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना या अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर पक्का घर बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
मसौढ़ी में लोगों की बढ़ी उम्मीद
अभियान शुरू होने के बाद लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। कई परिवारों का कहना है कि वे वर्षों से अपने नाम पर जमीन होने का इंतजार कर रहे थे। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब उन्हें उम्मीद जगी है कि उनका सपना पूरा हो सकता है।
हालांकि, प्रशासन ने साफ किया है कि फिलहाल केवल आवेदन लिए जा रहे हैं। जमीन का वास्तविक आवंटन पात्रता जांच और सत्यापन के बाद ही किया जाएगा। इसलिए सभी आवेदकों को सही दस्तावेज जमा करने और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने तक इंतजार करना होगा।
बसेरा अभियान से बदल सकती है तस्वीर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह अभियान प्रभावी तरीके से लागू होता है, तो मसौढ़ी समेत अन्य इलाकों में भूमिहीन परिवारों की स्थिति में बड़ा बदलाव आ सकता है। जमीन मिलने से लोगों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, साथ ही स्थायी आवास का रास्ता भी खुलेगा।
मसौढ़ी में आवेदन प्रक्रिया जारी है और लोगों की भीड़ यह संकेत दे रही है कि अपने घर और जमीन का सपना आज भी हजारों परिवारों के लिए सबसे बड़ी जरूरत है। आने वाले दिनों में सत्यापन और आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह अभियान कई परिवारों के जीवन में नई शुरुआत का आधार बन सकता है।
राज कुमार की रिपोर्ट
