आधार ऐप में आया TOTP फीचर, SMS OTP की झंझट होगी खत्म, जानें कैसे करेगा काम
आधार ऐप के TOTP फीचर से SMS OTP का इंतजार किए बिना 8 अंकों का कोड जनरेट करें। जानें इस्तेमाल करने का तरीका और जरूरी सावधानियां।
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( नई दिल्ली)। आधार से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए TOTP फीचर उपयोगी साबित हो सकता है। मोबाइल पर SMS के जरिए OTP नहीं मिलने या नेटवर्क की समस्या के कारण वेरिफिकेशन अटकने पर यह सुविधा विकल्प देती है। TOTP यानी टाइम-बेस्ड वन-टाइम पासवर्ड की मदद से यूजर आधार ऐप के जरिए एक अस्थायी कोड जनरेट कर सकते हैं।
यह कोड सीमित समय के लिए मान्य होता है और SMS का इंतजार किए बिना पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने में मदद कर सकता है। UIDAI की ओर से पहले भी mAadhaar ऐप में TOTP सुविधा दी जा चुकी है। अब यूजर्स के लिए यह समझना जरूरी है कि यह फीचर कैसे काम करता है, इसे कहां इस्तेमाल किया जा सकता है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
आधार ऐप में TOTP फीचर क्या है?
TOTP का पूरा नाम Time-based One-Time Password है। यह एक अस्थायी सुरक्षा कोड होता है, जो समय के आधार पर जनरेट किया जाता है। UIDAI के पहले जारी किए गए विवरण के अनुसार, आधार TOTP आठ अंकों का कोड होता है, जो हर 30 सेकंड में बदल जाता है।
SMS OTP में यूजर के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजा जाता है। इसके विपरीत, TOTP ऐप के जरिए जनरेट किया जाता है। इस कारण कमजोर नेटवर्क, SMS डिलीवरी में देरी या मैसेज नहीं आने जैसी स्थितियों में यह उपयोगी हो सकता है।
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हालांकि, यह सुविधा हर वेबसाइट या ऑनलाइन सेवा पर अपने आप काम नहीं करती। जिस प्लेटफॉर्म पर आधार सत्यापन किया जा रहा है, वहां TOTP स्वीकार करने का विकल्प उपलब्ध होना जरूरी है।
SMS OTP के मुकाबले TOTP कैसे अलग है?
आधार से जुड़ी कई सेवाओं में मोबाइल पर आने वाला OTP इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन कभी-कभी नेटवर्क की समस्या, मोबाइल ऑपरेटर की तकनीकी दिक्कत या SMS में देरी के कारण यूजर को परेशानी होती है। ऐसी स्थिति में बार-बार OTP मंगाने के बावजूद काम पूरा नहीं हो पाता।
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TOTP में कोड ऐप के माध्यम से जनरेट होता है। इसलिए कोड प्राप्त करने के लिए हर बार SMS का इंतजार नहीं करना पड़ता। यह सुविधा उन लोगों के लिए खास तौर पर मददगार हो सकती है, जिन्हें आधार से संबंधित ऑनलाइन काम नियमित रूप से करना पड़ता है।
सुरक्षा के लिहाज से भी इसमें एक अलग व्यवस्था है, क्योंकि कोड सामान्य SMS के रूप में प्राप्त नहीं होता। हालांकि, इससे फोन के सुरक्षित इस्तेमाल की जरूरत खत्म नहीं होती। यदि किसी दूसरे व्यक्ति को आपके फोन और ऐप तक पहुंच मिल जाती है, तो आपकी डिजिटल सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
आधार ऐप में TOTP कैसे जनरेट करें?
TOTP इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले अपने मोबाइल में UIDAI का आधिकारिक ऐप इंस्टॉल करें। ध्यान रखें कि नए Aadhaar App और पुराने mAadhaar ऐप के इंटरफेस में अंतर हो सकता है। इसलिए स्क्रीन पर दिखने वाले विकल्प ऐप के संस्करण के अनुसार अलग हो सकते हैं।
TOTP जनरेट करने के लिए सामान्य तौर पर इन चरणों का पालन करें:
1. अपने फोन में आधिकारिक आधार ऐप या संबंधित सेवा के लिए समर्थित mAadhaar ऐप खोलें।
2. आवश्यक पंजीकरण और लॉग-इन प्रक्रिया पूरी करें।
3. ऐप में उपलब्ध TOTP या Generate TOTP विकल्प तलाशें।
4. विकल्प मिलने पर उस पर टैप करें।
5. स्क्रीन पर दिखाई देने वाला आठ अंकों का कोड देखें।
6. संबंधित आधार सेवा के वेरिफिकेशन पेज पर TOTP का विकल्प चुनें।
7. कोड को निर्धारित समय के भीतर दर्ज करके सत्यापन पूरा करें।
UIDAI के पहले जारी निर्देशों में mAadhaar ऐप से आठ अंकों का TOTP जनरेट करने और उसका 30 सेकंड के भीतर इस्तेमाल करने की प्रक्रिया बताई गई है।
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यदि आपके ऐप में TOTP का विकल्प नहीं दिखता है, तो ऐप को अपडेट करके देखें और UIDAI की आधिकारिक जानकारी से सुविधा की उपलब्धता की पुष्टि करें।
क्या बिना इंटरनेट और नेटवर्क के भी बनेगा TOTP?
TOTP की खासियत यह है कि कोड जनरेट करने के लिए हर बार SMS या मोबाइल नेटवर्क की जरूरत नहीं होती। हालांकि, इसका सही तरीके से काम करना ऐप के सेटअप, डिवाइस की समय व्यवस्था और संबंधित सेवा पर निर्भर करता है।
पहली बार ऐप डाउनलोड करने, पंजीकरण करने या प्रोफाइल सेटअप के लिए इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए यह समझना सही नहीं होगा कि आधार ऐप की सभी सुविधाएं बिना इंटरनेट के इस्तेमाल की जा सकती हैं।
फोन की तारीख और समय सही होना भी जरूरी है। यदि डिवाइस की घड़ी वास्तविक समय से अलग चल रही है, तो कोड का सत्यापन असफल हो सकता है। बेहतर होगा कि मोबाइल की सेटिंग में Automatic Date and Time का विकल्प चालू रखें।
आधार TOTP किन सेवाओं में आएगा काम?
TOTP का इस्तेमाल उन आधार सेवाओं में किया जा सकता है, जहां यह विकल्प उपलब्ध कराया गया हो। उदाहरण के लिए, UIDAI के आधार हैंडबुक में e-Aadhaar डाउनलोड करने के लिए SMS OTP के स्थान पर TOTP इस्तेमाल करने का उल्लेख है।
इससे यूजर को OTP मिलने में परेशानी होने पर एक वैकल्पिक तरीका मिल सकता है। लेकिन यह मानना गलत होगा कि हर बैंक, सरकारी पोर्टल या निजी वेबसाइट पर TOTP का विकल्प उपलब्ध होगा।

यदि संबंधित वेबसाइट केवल SMS OTP से सत्यापन की सुविधा देती है, तो वहां ऐप से जनरेट किया गया TOTP काम नहीं करेगा। इसलिए प्रक्रिया शुरू करने से पहले वेरिफिकेशन पेज पर उपलब्ध विकल्प जरूर देखें।
TOTP इस्तेमाल करते समय इन सावधानियों का रखें ध्यान
आधार से जुड़ी डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करते समय सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। TOTP एक अस्थायी कोड है, इसलिए इसे किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए।
अपने फोन में स्क्रीन लॉक और ऐप की सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय रखें। किसी अनजान लिंक से आधार ऐप डाउनलोड न करें और न ही किसी व्यक्ति के कहने पर अपना कोड साझा करें। यदि कोई फोन करके खुद को बैंक, सरकारी विभाग या UIDAI का अधिकारी बताता है और TOTP मांगता है, तो सावधान रहें।
कोड जनरेट करने के बाद उसे समय रहते दर्ज करें। निर्धारित अवधि समाप्त होने पर नया कोड इस्तेमाल करना पड़ सकता है। साथ ही, ऐप में लॉग-इन संबंधी जानकारी और फोन की सुरक्षा का ध्यान रखें।
आधार ऐप का TOTP फीचर क्यों है महत्वपूर्ण?
डिजिटल सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के बीच पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को आसान बनाना जरूरी है। TOTP की मदद से SMS पर निर्भरता कम करने और OTP मिलने में देरी जैसी समस्याओं से निपटने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, यह सुविधा तभी उपयोगी होगी, जब संबंधित सेवा इसे स्वीकार करती हो और यूजर का ऐप सही तरीके से सेटअप हो। इसलिए आधार से जुड़ा कोई जरूरी काम करने से पहले ऐप में उपलब्ध विकल्पों और संबंधित वेबसाइट के निर्देशों की जांच करना बेहतर रहेगा।
आधार ऐप का TOTP फीचर SMS OTP का उपयोगी विकल्प है, लेकिन यह हर स्थिति में SMS OTP को पूरी तरह खत्म नहीं करता। सही जानकारी, सुरक्षित फोन और संबंधित सेवा के समर्थन के साथ इसका इस्तेमाल डिजिटल वेरिफिकेशन को अधिक सुविधाजनक बना सकता है।
राज कुमार की रिपोर्ट
