पटना में KYP केंद्र संचालकों का प्रदर्शन, 1731 केंद्र फिर चालू करने की मांग, खूब हुआ हंगामा
पटना में KYP केंद्र संचालकों का हंगामा, 1731 केंद्र खोलने की मांग
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। बिहार में बंद पड़े 1731 कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) केंद्रों को दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर सोमवार को पटना में केंद्र संचालकों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। बिहार कौशल विकास मिशन से जुड़े पूर्व KYP केंद्र संचालक नियोजन भवन के मुख्य द्वार के पास बड़ी संख्या में जुटे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में 200 से अधिक संचालकों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
प्रदर्शनकारियों ने पुरानी प्रशिक्षण व्यवस्था बहाल करने, सभी पूर्व संचालित केंद्रों को फिर से खोलने और केंद्रों की इंटेक क्षमता पहले की तरह रखने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान नियोजन भवन के बाहर माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने पर पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने संचालकों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने भीड़ को हटाने की कोशिश की, जबकि प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठकर नारेबाजी करते रहे।
पटना में KYP केंद्र संचालकों का प्रदर्शन क्यों?
प्रदर्शन कर रहे पूर्व केंद्र संचालकों का कहना है कि करीब छह महीने पहले बिना पर्याप्त सूचना के उनके केंद्र बंद कर दिए गए थे। इसके बाद से संचालकों के सामने रोजगार और केंद्रों के संचालन का संकट खड़ा हो गया है। उनका आरोप है कि विभागीय स्तर पर बातचीत के दौरान पुराने KYP केंद्रों को चालू रखने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में जारी अधिसूचना में केवल 871 केंद्रों पर KYP डिजिटल मित्र कार्यक्रम शुरू करने की बात सामने आई।
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संचालकों के मुताबिक, राज्य में पहले से संचालित 1731 केंद्रों को दोबारा शुरू करने के बजाय सीमित केंद्रों पर नई व्यवस्था लागू करने से बड़ी संख्या में पुराने संचालक प्रभावित हुए हैं। वे चाहते हैं कि सरकार इस मामले में जल्द निर्णय ले और सभी पूर्व संचालित केंद्रों को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया स्पष्ट करे।
हालांकि, प्रदर्शनकारियों के आरोपों और विभागीय आश्वासन से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। विभाग की ओर से इन मांगों पर अंतिम निर्णय या विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
KYP डिजिटल मित्र कार्यक्रम को लेकर विवाद
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख आपत्ति 871 केंद्रों पर KYP डिजिटल मित्र कार्यक्रम शुरू करने से जुड़ी है। उनका कहना है कि यदि पहले से संचालित केंद्रों को बंद रखकर नई व्यवस्था सीमित स्थानों पर लागू की जाती है, तो पुराने केंद्र संचालकों के सामने आर्थिक संकट और बेरोजगारी की समस्या बढ़ सकती है।
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केंद्र संचालक पुरानी प्रशिक्षण व्यवस्था को बहाल करने के साथ सभी 1731 केंद्रों को दोबारा चालू करने की मांग कर रहे हैं। वे यह भी चाहते हैं कि पहले की तरह प्रशिक्षण के लिए विद्यार्थियों की इंटेक क्षमता बहाल की जाए, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को कौशल विकास कार्यक्रम से जोड़ा जा सके।
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यह विवाद केवल केंद्रों के संचालन तक सीमित नहीं है। इसके साथ उन लोगों की आजीविका भी जुड़ी है, जिन्होंने KYP प्रशिक्षण केंद्रों के संचालन में समय और संसाधन लगाए थे। संचालकों का कहना है कि नई व्यवस्था को लागू करते समय पुराने केंद्रों और उनसे जुड़े लोगों के भविष्य पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
KYP केंद्र बंद होने से युवाओं की परेशानी का दावा
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि KYP केंद्र बंद रहने से युवाओं को कौशल प्रशिक्षण हासिल करने में कठिनाई हो रही है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि करीब छह महीने पहले केंद्र बंद होने के बाद से युवा अपने जरूरी कागजात लेकर इधर-उधर भटक रहे हैं। उसने सरकार से सभी 1731 पूर्व KYP केंद्रों को दोबारा चालू करने की मांग की।
केंद्र संचालकों का कहना है कि कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था प्रभावित होने से उन युवाओं को परेशानी हो सकती है, जो रोजगार के लिए कंप्यूटर और अन्य जरूरी कौशल सीखना चाहते हैं। हालांकि, प्रशिक्षण पाने वाले युवाओं की वास्तविक संख्या और बंद केंद्रों के कारण सेवाओं पर पड़े प्रभाव से संबंधित विस्तृत आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध होने पर स्थिति का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।
नियोजन भवन के बाहर नारेबाजी, पुलिस से नोकझोंक
पटना में प्रदर्शन के दौरान केंद्र संचालकों ने नियोजन भवन के मुख्य द्वार के पास जुटकर नारेबाजी की। भीड़ बढ़ने के बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन संचालक अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठाते रहे।
प्रदर्शन के दौरान कुछ नारे भी लगाए गए, जिनमें सरकार और संबंधित विभाग के प्रति नाराजगी जाहिर की गई। प्रदर्शनकारियों ने अपने आंदोलन के जरिए बंद केंद्रों को दोबारा खोलने का दबाव बनाने की कोशिश की। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई नोकझोंक के बाद स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।

पूर्व केंद्र संचालकों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे डॉ. आनंद ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 1731 KYP केंद्रों के बंद होने से संचालकों की आजीविका प्रभावित हुई है। उनकी मांग है कि सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करे और सभी पुराने केंद्रों को दोबारा संचालित करने के लिए ठोस कदम उठाए।
सरकार के फैसले पर टिकी KYP केंद्र संचालकों की नजर
KYP केंद्र संचालकों के प्रदर्शन के बाद अब सबकी नजर संबंधित विभाग के अगले कदम पर है। संचालक चाहते हैं कि सरकार जल्द बातचीत करे और केंद्रों को दोबारा खोलने के लिए स्पष्ट समयसीमा तय करे। इसके साथ ही प्रशिक्षण व्यवस्था, इंटेक क्षमता और पुराने केंद्रों की भूमिका को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जा रही है।
यदि सरकार सभी मांगों पर विचार करती है, तो इससे पुराने केंद्र संचालकों और प्रशिक्षण की प्रतीक्षा कर रहे युवाओं को राहत मिलने की संभावना बन सकती है। वहीं, किसी निर्णय में देरी होने पर आंदोलन आगे भी जारी रह सकता है।
पटना में हुआ यह प्रदर्शन बिहार की कौशल प्रशिक्षण व्यवस्था और KYP केंद्रों के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है। केंद्र संचालकों की मांगों पर विभाग क्या रुख अपनाता है और 1731 केंद्रों को दोबारा चालू करने पर कोई निर्णय लिया जाता है या नहीं, इस पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी।
राज कुमार की रिपोर्ट
