अनंत-नीरज विवाद पर नीतीश सख्त, कहा- चुनाव जीतना प्राथमिकता, बबाल जारी
अनंत सिंह नीरज विवाद पर नीतीश सख्त, चुनाव जीतना जदयू की प्राथमिकता
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहा विवाद अब जनता दल यूनाइटेड के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गया है। पटना स्नातक विधान परिषद सीट के चुनाव को लेकर दोनों नेताओं के बीच बढ़ी तनातनी के बीच जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और मंत्री श्रवण कुमार ने नीतीश कुमार से मुलाकात की। मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने कहा कि अनंत-नीरज विवाद की पूरी जानकारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के संज्ञान में है। फिलहाल पार्टी की प्राथमिकता आगामी विधान परिषद चुनाव में जीत हासिल करना है।
जदयू नेतृत्व की ओर से संकेत दिया गया है कि विवाद पर संगठन स्तर पर फैसला लिया जाएगा। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मोकामा विधायक के बयानों को लेकर पार्टी क्या कार्रवाई करेगी। जदयू ने विधान परिषद की सभी आठ सीटों पर एनडीए की जीत को प्राथमिकता बताया है।
अनंत सिंह ने नीरज के खिलाफ खोला मोर्चा
पटना स्नातक सीट से जदयू ने नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह ने उनके खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया। मोकामा विधायक ने जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज कुमार के समर्थन का ऐलान किया और कहा कि नीरज कुमार के साथ उनका विवाद व्यक्तिगत है, पार्टी से इसका संबंध नहीं है। उन्होंने नीरज को चुनाव में हराने के लिए पूरी ताकत लगाने की बात कही है।
देखिये निष्पक्ष ख़बर हमारे यूट्यूब चैनल पर भी: Prashant का तीखा तंज: शिक्षकों की बदहाली पर बोले,सत्ताधीशों ने भावी पीढ़ी का भविष्य अंधकार में धकेला
अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर पुराने मामलों को लेकर कई गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ साजिश की गई और उन्हें जेल भेजने में नीरज कुमार की भूमिका थी। इन आरोपों को नीरज कुमार ने खारिज किया है। दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।
अनंत के बयान पर पार्टी ने क्या कहा
जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि कौन क्या बोल रहा है, पार्टी सब देख रही है। उन्होंने कहा कि पूरी स्थिति पार्टी के संज्ञान में है। उनके मुताबिक जदयू की प्राथमिकता पटना स्नातक सहित विधान परिषद की सभी आठ सीटों पर एनडीए की जीत है।
खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े
मंत्री श्रवण कुमार ने भी कहा कि अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद से जुड़ी पूरी जानकारी नीतीश कुमार को दे दी गई है। उन्होंने कहा कि इस तरह का विवाद नहीं होना चाहिए, लेकिन मामला सामने आया है। अब पार्टी के बड़े नेता इस पर निर्णय लेंगे और निर्णय के बारे में बाद में जानकारी दी जाएगी।
नीरज को हराने की चुनौती से बढ़ा विवाद
अनंत सिंह ने नीरज कुमार को चुनाव में हराने और उनकी जमानत जब्त कराने की चुनौती दी है। उन्होंने यहां तक कहा कि वह नीरज के खिलाफ चुनावी मैदान में पूरी ताकत लगाएंगे। दोनों नेताओं के बीच बहस और व्यक्तिगत आरोपों का सिलसिला भी जारी है।
इसे भी पढ़ें: पटना के होटल में युवती से हैवानियत, मारपीट कर वीडियो बनाया, आरोपी की तलाश जारी
अनंत सिंह ने नीरज कुमार को सार्वजनिक बहस की चुनौती भी दी। उन्होंने दोनों नेताओं के बीच पुराने विवादों पर आमने-सामने चर्चा की बात कही। इस दौरान उन्होंने आर्थिक शर्त लगाने जैसी चुनौती भी दी। हालांकि, इस तरह के बयानों का राजनीतिक और कानूनी असर अलग विषय है और पार्टी नेतृत्व फिलहाल चुनावी लक्ष्य पर जोर दे रहा है।
नीरज कुमार ने भी दिया जवाब
अनंत सिंह के आरोपों के जवाब में नीरज कुमार ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अनंत सिंह के राजनीतिक सफर और जदयू से उनके पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया था। नीरज कुमार ने नीतीश कुमार के साथ अनंत सिंह के पुराने राजनीतिक संबंधों का भी हवाला दिया।
AK-47 से जुड़े आरोपों पर नीरज कुमार ने कहा कि यदि अनंत सिंह के पास कोई सबूत है तो उन्हें अदालत में जाना चाहिए। उन्होंने आरोपों को लेकर कोर्ट में साक्ष्य पेश करने की चुनौती भी दी। दोनों नेताओं की बयानबाजी के बीच जदयू के भीतर विवाद खत्म करने की कोशिशें भी हुई हैं।
अनंत-नीरज विवाद की जड़ 2015 तक जाती है
दोनों नेताओं के बीच मौजूदा विवाद को समझने के लिए 2015 के मोकामा विधानसभा चुनाव का घटनाक्रम महत्वपूर्ण माना जाता है। उस समय जदयू ने अनंत सिंह को टिकट नहीं दिया था और नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया था। अनंत सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा और नीरज कुमार को 18,348 वोटों के अंतर से हराया था। चुनावी आंकड़ों के अनुसार अनंत सिंह को 54,005 और नीरज कुमार को 35,657 वोट मिले थे।

उस चुनाव के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी हुई थी। चुनाव के बाद दोनों की राजनीतिक राह भी अलग-अलग दौर से गुजरी। यही पुराना राजनीतिक टकराव समय-समय पर फिर सामने आता रहा है।
AK-47 मामले के बाद भी बढ़ी थी तल्खी
2019 में अनंत सिंह के पैतृक आवास से AK-47 और अन्य हथियार बरामद होने का मामला सामने आया था। इस मामले के बाद नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर राजनीतिक हमला तेज किया। अनंत सिंह ने भी इस प्रकरण को लेकर नीरज कुमार पर आरोप लगाए। दोनों पक्षों के दावों को लेकर समय-समय पर अलग-अलग राजनीतिक बयान सामने आते रहे हैं। मौजूदा विवाद में भी अनंत सिंह ने इसी पुराने प्रकरण का हवाला दिया है।
2025 में जदयू में लौटे अनंत सिंह
अनंत सिंह 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले जदयू में वापस लौटे। बाद में पार्टी ने उन्हें मोकामा से उम्मीदवार बनाया और उन्होंने चुनाव जीत दर्ज की। मौजूदा विवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस समय अनंत सिंह और नीरज कुमार दोनों एक ही पार्टी से जुड़े हैं, जबकि पटना स्नातक सीट पर दोनों की राजनीतिक पसंद अलग-अलग दिखाई दे रही है।
नीरज कुमार को जदयू ने फिर दिया टिकट
विवाद के बीच जदयू ने नीरज कुमार को पटना स्नातक सीट से दोबारा उम्मीदवार बनाया है। पार्टी की ओर से विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों के लिए चार उम्मीदवारों की घोषणा की गई, जिसमें नीरज कुमार का नाम भी शामिल है।
ऐसे में अनंत सिंह का विरोध अब सीधे जदयू के घोषित उम्मीदवार के खिलाफ है। पार्टी नेतृत्व के सामने चुनौती यह है कि अंदरूनी विवाद को नियंत्रित रखते हुए चुनावी अभियान को आगे बढ़ाया जाए। फिलहाल नीतीश कुमार के साथ हुई बैठक के बाद पार्टी नेताओं ने साफ किया है कि अंतिम निर्णय शीर्ष नेतृत्व करेगा और प्राथमिकता चुनाव में जीत है।
विवाद के बीच पार्टी की परीक्षा
अनंत-नीरज विवाद सिर्फ दो नेताओं की बयानबाजी तक सीमित नहीं रह गया है। यह अब जदयू संगठन और उसके चुनावी प्रबंधन से भी जुड़ गया है। 7 सितंबर को पार्टी कार्यालय में दोनों पक्षों के बीच विवाद सुलझाने की कोशिश भी की गई थी, लेकिन इसके बाद भी सार्वजनिक बयानबाजी जारी रही।
अब निगाह इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद को किस तरह संभालता है। एक तरफ अनंत सिंह अपने रुख पर कायम हैं, वहीं नीरज कुमार भी सार्वजनिक रूप से जवाब दे रहे हैं। दूसरी ओर जदयू नेतृत्व ने फिलहाल संगठनात्मक निर्णय को अपने स्तर पर रखने और चुनावी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने का संकेत दिया है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
