1 अक्टूबर से बदलेंगे 5 बड़े नियम, जेब पर पड़ेगा असर, जानें बड़ा अपडेट

अक्टूबर

1 अक्टूबर से LPG, बैंक, Aadhaar और प्रॉपर्टी टैक्स के नियम बदलेंगे

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। सितंबर का महीना खत्म होने के साथ ही 1 अक्टूबर से कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इन बदलावों का असर बैंक ग्राहकों, एलपीजी उपभोक्ताओं, किसानों, संपत्तिधारकों और बच्चों के आधार से जुड़े काम पर पड़ सकता है। कुछ मामलों में समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर अतिरिक्त शुल्क या ब्याज का भुगतान करना पड़ सकता है। वहीं, कुछ व्यवस्थाओं को डिजिटल बनाने की तैयारी है, जिससे लोगों के लिए सेवाओं का इस्तेमाल आसान होने की उम्मीद है।

ऐसे में अगर आप बैंक खाता, एलपीजी कनेक्शन, बच्चों का आधार, जमीन-मकान से जुड़े टैक्स या खेती के लिए खाद खरीदते हैं तो 1 अक्टूबर से जुड़े इन बदलावों की जानकारी आपके लिए जरूरी हो सकती है।

अक्टूबर में LPG से जुड़ा अहम बदलाव

अक्टूबर से घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन से जुड़ी प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। सब्सिडी का लाभ लेने वाले पात्र उपभोक्ताओं को निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जिन उपभोक्ताओं का बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन पहले ही पूरा हो चुका है, उन्हें दोबारा यह प्रक्रिया कराने की जरूरत नहीं होगी।

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एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी रहने की बात कही गई है। हालांकि, पात्र उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ लेने के लिए जरूरी शर्तों और अपने रिकॉर्ड की स्थिति की जांच कर लेनी चाहिए।

अक्टूबर में SBI ग्राहकों के लिए कैश निकासी

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट यानी BSBDA से जुड़े ग्राहकों के लिए नकद निकासी शुल्क का प्रावधान महत्वपूर्ण है। दिए गए नियमों के मुताबिक महीने में चार बार तक नकद निकासी मुफ्त रहेगी। इसके बाद प्रत्येक निकासी पर 15 रुपये और लागू GST का शुल्क लग सकता है।

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इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है जो महीने में कई बार खाते से नकद राशि निकालते हैं। ऐसे ग्राहकों के लिए बैंकिंग लेनदेन की योजना बनाना जरूरी होगा, ताकि अनावश्यक शुल्क से बचा जा सके।

अक्टूबर से बल्क FD की सीमा में बदलाव

बैंकों में बड़ी रकम वाली फिक्स्ड डिपॉजिट यानी बल्क एफडी को लेकर भी बदलाव प्रस्तावित है। नई व्यवस्था के तहत 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की एफडी को बल्क डिपॉजिट की श्रेणी में माना जाएगा। पहले यह सीमा 2 करोड़ रुपये थी।

बल्क डिपॉजिट की नई सीमा का असर खासतौर पर बड़े निवेशकों और संस्थागत ग्राहकों पर पड़ सकता है। अलग-अलग शाखाओं में ऐसी एफडी पर ब्याज दरों से जुड़ी पारदर्शिता के प्रावधान भी महत्वपूर्ण होंगे।

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र में अक्टूबर से सख्ती

जन्म और मृत्यु का पंजीकरण समय पर कराना जरूरी है। जन्म या मृत्यु की घटना के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने पर प्रक्रिया सामान्य और नि:शुल्क रहती है। निर्धारित अवधि बीतने के बाद देरी के आधार पर अतिरिक्त अनुमति और शुल्क या जुर्माने की व्यवस्था लागू हो सकती है।

एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने पर जन्म पंजीकरण के लिए संबंधित सक्षम अधिकारी की अनुमति की आवश्यकता पड़ सकती है। इसलिए परिवारों के लिए जरूरी है कि बच्चे के जन्म या परिवार में मृत्यु होने के बाद प्रमाण पत्र का पंजीकरण समय पर करा लिया जाए।

बच्चों के Aadhaar अपडेट पर लगेगी फीस

बच्चों के आधार में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट को लेकर भी अभिभावकों को ध्यान देना होगा। दी गई जानकारी के अनुसार 30 सितंबर के बाद मुफ्त अपडेट की सुविधा समाप्त होने की बात कही गई है। इसके बाद फिंगरप्रिंट, फोटो और अन्य जरूरी बायोमेट्रिक अपडेट के लिए निर्धारित शुल्क देना पड़ सकता है।

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जिन बच्चों का जरूरी आधार अपडेट अभी बाकी है, उनके अभिभावक समय रहते प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं। आधार से जुड़े किसी भी अपडेट के लिए निर्धारित केंद्र और आधिकारिक शुल्क की जानकारी लेना जरूरी है।

अक्टूबर में किसानों के लिए डिजिटल खाद व्यवस्था

किसानों के लिए उर्वरक की खरीद-बिक्री व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में भी बदलाव की तैयारी है। खाद बिक्री आवेदन प्रणाली के जरिए उर्वरक की बिक्री और खरीद प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से व्यवस्थित करने की कवायद की जा रही है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य उर्वरक की उपलब्धता और बिक्री प्रक्रिया पर बेहतर निगरानी रखना तथा रिकॉर्ड को डिजिटल माध्यम से व्यवस्थित करना है। किसानों को खाद खरीदते समय जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया की जानकारी रखनी होगी।

पटना में प्रॉपर्टी टैक्स पर बढ़ेगा बोझ

पटना नगर निगम क्षेत्र के संपत्तिधारकों के लिए संपत्ति कर से जुड़ी समयसीमा भी अहम है। 30 सितंबर तक संपत्ति कर जमा करने की अंतिम तारीख बताई गई है। इसके बाद बकाया मूल राशि पर हर महीने 1.5 प्रतिशत की दर से ब्याज लगने का प्रावधान बताया गया है।

इसका मतलब है कि समय पर टैक्स जमा नहीं करने वाले संपत्तिधारकों पर देनदारी बढ़ सकती है। इसलिए मकान, दुकान या अन्य संपत्ति के मालिकों को अपने टैक्स रिकॉर्ड की जांच कर समयसीमा के भीतर भुगतान करना जरूरी होगा।

1 अक्टूबर से पहले इन कामों पर दें ध्यान

अक्टूबर की शुरुआत में बैंकिंग, LPG, Aadhaar, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, उर्वरक और प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़े बदलाव आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, किसी भी शुल्क या समयसीमा को लेकर अंतिम कदम उठाने से पहले संबंधित बैंक, विभाग, नगर निकाय या आधिकारिक पोर्टल से ताजा जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।

समय पर जरूरी प्रक्रिया पूरी करने से अतिरिक्त शुल्क, ब्याज और दस्तावेजी परेशानी से बचा जा सकता है। खासकर LPG सब्सिडी, बच्चों के आधार अपडेट और पटना में संपत्ति कर से जुड़े मामलों में 30 सितंबर से पहले अपनी स्थिति जांच लेना उपयोगी रहेगा।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट