परविंदर अवाना बने जूनियर सेलेक्शन कमिटी के चेयरमैन, अंडर-19 एशिया कप के लिए चुनेंगे टीम इंडिया

परविंदर अवाना

परविंदर अवाना को मिली जूनियर चयन समिति की कमान

निष्कर्ष भारत, संवाददाता- भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज परविंदर अवाना को जूनियर पुरुष चयन समिति का चेयरमैन नियुक्त किया है। शुक्रवार को सामने आई इस नियुक्ति के साथ ही अवाना के सामने भारतीय क्रिकेट के युवा खिलाड़ियों को चुनने और भविष्य के सितारों को तैयार करने की अहम जिम्मेदारी आ गई है। खास बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के लिए केवल दो टी20 मुकाबले खेलने वाले अवाना का घरेलू क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड रहा है।

बीसीसीआई ने क्रिकेट एडवाइजरी कमिटी (CAC) की चयन प्रक्रिया के बाद जूनियर चयन समिति के नए सदस्यों की नियुक्ति की है। परविंदर अवाना को समिति की कमान सौंपी गई है, जबकि कृष्णा दास, राकेश पटेल और एन. अर्जुन यादव को सदस्य बनाया गया है। अब यह समिति भारतीय जूनियर पुरुष टीम के चयन से जुड़े अहम फैसले लेगी।

डोडा गणेश के नाम की भी थी चर्चा

जूनियर चयन समिति के चेयरमैन पद को लेकर इससे पहले पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज डोडा गणेश के नाम की चर्चा मीडिया रिपोर्ट्स में हुई थी। हालांकि, बीसीसीआई ने इस जिम्मेदारी के लिए परविंदर अवाना को चुना है। क्रिकेट एडवाइजरी कमिटी ने इंटरव्यू और चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद समिति के सदस्यों के नामों पर फैसला लिया।

बीसीसीआई के अनुसार, सीएसी ने चयन प्रक्रिया के बाद परविंदर अवाना को चेयरमैन और कृष्णा दास, राकेश पटेल तथा एन. अर्जुन यादव को समिति का सदस्य नियुक्त किया है। नई समिति का काम जूनियर पुरुष क्रिकेट टीमों के लिए योग्य खिलाड़ियों का चयन करना होगा।

घरेलू क्रिकेट में परविंदर अवाना का शानदार रिकॉर्ड

परविंदर अवाना भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा मुकाबले नहीं खेल सके, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उन्होंने अपनी गेंदबाजी से खास पहचान बनाई। दिल्ली की ओर से फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलते हुए अवाना ने 62 मैचों में 191 विकेट हासिल किए। यह रिकॉर्ड उनके अनुभव और विकेट लेने की क्षमता को दर्शाता है।

निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: बिहार में आज MLC चुनाव, वोटर्स ने बताया किन मुद्दों पर दे रहे वोट

अवाना दिल्ली के अलावा इंडिया ए और रेस्ट ऑफ इंडिया की टीमों का भी हिस्सा रहे। उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में किंग्स इलेवन पंजाब, जिसे अब पंजाब किंग्स के नाम से जाना जाता है, का प्रतिनिधित्व किया। तेज गेंदबाज के तौर पर उनके अनुभव ने उन्हें घरेलू क्रिकेट में पहचान दिलाई।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अवाना को भारत की ओर से केवल दो टी20 मुकाबले खेलने का मौका मिला। हालांकि, उनका क्रिकेट अनुभव सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों तक सीमित नहीं रहा। घरेलू स्तर पर लंबे समय तक खेलने के बाद उन्होंने कोचिंग के क्षेत्र में भी काम किया और युवा खिलाड़ियों के साथ अपना अनुभव साझा किया।

कोचिंग से चयन समिति तक का सफर

क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद परविंदर अवाना ने कोचिंग में कदम रखा। वह दिल्ली की अंडर-16, अंडर-19 और अंडर-23 टीमों के साथ काम कर चुके हैं। इसके अलावा, वह दिल्ली की सीनियर टीम के गेंदबाजी कोच के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

जूनियर क्रिकेट के अलग-अलग आयु वर्गों के खिलाड़ियों के साथ काम करने का उनका अनुभव नई जिम्मेदारी में उपयोगी साबित हो सकता है। चयन समिति के चेयरमैन के रूप में उन्हें खिलाड़ियों की प्रतिभा, प्रदर्शन, फिटनेस और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखकर टीम चयन से जुड़े फैसले लेने होंगे।

खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े

हालांकि, चयन समिति के चेयरमैन की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके दिल्ली की सीनियर टीम के गेंदबाजी कोच पद से जुड़े दायित्वों में बदलाव होगा। दोनों भूमिकाओं के बीच हितों के टकराव से बचने के लिए उन्हें कोचिंग की जिम्मेदारी छोड़नी पड़ सकती है।

अंडर-19 एशिया कप से शुरू होगी बड़ी जिम्मेदारी

परविंदर अवाना की अगुवाई में जूनियर चयन समिति के सामने शुरुआती बड़ी चुनौती अंडर-19 पुरुष एशिया कप के लिए भारतीय टीम चुनने की होगी। यह टूर्नामेंट नवंबर से शुरू होने वाला है। ऐसे में नई समिति को कम समय में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन करके मजबूत टीम तैयार करनी होगी।

अंडर-19 क्रिकेट भारतीय टीम के भविष्य के खिलाड़ियों को पहचानने का अहम मंच माना जाता है। इसी स्तर से कई युवा खिलाड़ी आगे चलकर सीनियर टीम तक पहुंचने का रास्ता बनाते हैं। ऐसे में चयन समिति की भूमिका केवल मौजूदा प्रदर्शन के आधार पर टीम चुनने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बड़े मंच के लिए तैयार करने की जिम्मेदारी भी होगी।

अब देखना होगा कि परविंदर अवाना के नेतृत्व में नई जूनियर चयन समिति भारतीय अंडर-19 टीम के लिए किस तरह के खिलाड़ियों पर भरोसा जताती है और एशिया कप में टीम का प्रदर्शन कैसा रहता है। अवाना के घरेलू क्रिकेट और कोचिंग अनुभव की असली परीक्षा इसी तरह के बड़े चयन फैसलों में होगी।

बीसीसीआई के इस फैसले से परविंदर अवाना को भारतीय जूनियर क्रिकेट में अहम भूमिका निभाने का मौका मिला है। उनके सामने युवा प्रतिभाओं की पहचान करने और भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए मजबूत टीम तैयार करने की चुनौती होगी।

Nishkarsh Bharat

भूमि आर्या की रिपोर्ट