बिहार में अर्नब तूफान एक्टिव, भारी बारिश का अलर्ट, पटना की सड़कों पर भरा पानी
में अर्नब का असर, भारी बारिश से पटना समेत कई जिलों में पानी
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में अर्नब तूफान का असर राज्य के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। बंगाल की खाड़ी से विकसित मौसम प्रणाली के प्रभाव के बीच पिछले दो दिनों से बिहार के अधिकांश जिलों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। राजधानी पटना में भी लगातार बारिश के कारण कई सड़कों पर पानी जमा हो गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवा की गतिविधियां बने रहने का पूर्वानुमान जताया है। 24 सितंबर को अर्नब तूफान राज्य के सभी 38 जिलों में मौसम संबंधी चेतावनी दी गई, जबकि 19 जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया।
अर्नब के असर से कई जिलों में बारिश
अर्नब तूफान के कारण मौसम में अचानक आए बदलाव का असर गोपालगंज, नालंदा, खगड़िया, पटना, बेगूसराय, छपरा समेत कई जिलों में दिखा। कई जगह सुबह से ही बारिश शुरू हो गई, जबकि कुछ इलाकों में बादल छाए रहने के बाद तेज बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक बिहार के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
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अर्नब तूफान से बंगाल की खाड़ी से जुड़े मौसम सिस्टम के कारण पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। मौजूदा सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए कमजोर होने की प्रक्रिया में है, लेकिन इसके प्रभाव से बिहार समेत आसपास के इलाकों में नमी और अस्थिरता बनी हुई है।
पटना में बारिश से सड़कों पर पानी
राजधानी पटना में पिछले 24 घंटे से रुक-रुककर बारिश हो रही है। बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार अर्नब तूफान से पटना में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना बनी हुई है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
पटना में बारिश के कारण दिन के तापमान में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना कम है। इससे उमस से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि बारिश रुकने के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से दोबारा उमस महसूस हो सकती है। गुरुवार को भी पटना में बारिश दर्ज की गई थी और मौसम में बदलाव बुधवार रात से ही दिखाई देने लगा था।
कोसी नदी को लेकर बढ़ी चिंता
अर्नब तूफान से ही नेपाल में हो रही बारिश के कारण कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जल संसाधन विभाग ने इंजीनियरों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। तटबंधों की निगरानी बढ़ाने के साथ लोगों को माइकिंग के जरिए भी सावधान किया जा रहा है।
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सहरसा जिले में कोसी के बढ़ते जलस्तर का असर तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों पर पड़ सकता है। नवहट्टा, महिषी, सिमरी बख्तियारपुर और सलखुआ प्रखंड के लोगों से सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की गई है। नाविकों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
गंडक में भी बढ़ रहा जलप्रवाह
अर्नब तूफान के कारण उत्तर बिहार में गंडक नदी के जलस्तर पर भी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। बगहा और वाल्मीकिनगर क्षेत्र में गुरुवार से रुक-रुककर बारिश हो रही है। स्थानीय स्तर पर जारी जानकारी के अनुसार वाल्मीकिनगर गंडक बराज का जलप्रवाह 23 सितंबर के करीब 54 हजार क्यूसेक से बढ़कर शुक्रवार को लगभग 97 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया।
जलप्रवाह में और वृद्धि होने की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
बिहार अर्नब तूफान और मानसून की वापसी
बिहार में बारिश के पीछे सिर्फ अर्नब तूफान से मौसम प्रणाली जिम्मेदार नहीं है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन बिहार से इसकी पूरी तरह वापसी में अभी समय लग सकता है। हालिया मौसम अपडेट के अनुसार बिहार से मानसून की वापसी अक्टूबर मध्य तक संभव है।
इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से जुड़ा डीप डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और कमजोर हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम 24 सितंबर की शाम तक डिप्रेशन में बदल सकता है और इसके बाद अगले 24 घंटे में और कमजोर होने की संभावना है।
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ऊपरी वायुमंडल में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव भी मौसम को प्रभावित कर रहा है। अलग-अलग मौसम प्रणालियों के कारण वातावरण में नमी बढ़ रही है, जिससे बिहार के कई हिस्सों में बादल, बारिश, गरज और तेज हवा की स्थिति बन रही है।
24 सितंबर तक 36 फीसदी कम बारिश
इस मानसून सीजन में बिहार अब तक सामान्य से कम बारिश वाला राज्य बना हुआ है। अर्नब तूफान से 24 सितंबर तक राज्य में करीब 949.4 मिलीमीटर बारिश सामान्य मानी गई थी, जबकि वास्तविक बारिश लगभग 612 मिलीमीटर के आसपास रही। इस हिसाब से राज्य में सामान्य से करीब 36 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।

अर्नब तूफान के कारण हालांकि पिछले 24 घंटे में कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। खगड़िया में करीब 74 मिलीमीटर, कटिहार में 67 मिलीमीटर, बांका में 65 मिलीमीटर और पटना तथा मुंगेर में लगभग 62 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कई अन्य स्थानों पर भी 40 से 50 मिलीमीटर या उससे अधिक बारिश हुई।
खगड़िया में पुरानी छत गिरी
अर्नब तूफान के कारण लगातार बारिश के बीच खगड़िया के परबत्ता प्रखंड के डुमरिया खुर्द गांव में एक मकान की पुरानी छत गिर गई। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। लगातार बारिश के कारण पुराने और कमजोर मकानों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।
औरंगाबाद में बदला मौसम
औरंगाबाद में भी मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। गुरुवार को रुक-रुककर बारिश के बाद शुक्रवार सुबह घने बादल छाए रहे। तेज ठंडी हवाओं के कारण लोगों को मौसम में ठंडक महसूस हुई। बारिश और बादल के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
बारिश का असर खेती पर भी पड़ा है। पिछले कुछ दिनों से बारिश कम होने के कारण कई खेतों में नमी घटने लगी थी। अब हुई बारिश से धान की फसल को फायदा मिलने की उम्मीद किसानों ने जताई है।
समस्तीपुर में 39 एमएम बारिश
समस्तीपुर में भी पिछले 24 घंटे से तेज पूर्वा हवा के साथ रुक-रुककर बारिश हो रही है। जिले में करीब 39 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण अधिकतम तापमान करीब 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे तक मौसम का यह मिजाज बने रहने की संभावना है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट के साथ लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है।
27 सितंबर तक मौसम पर नजर
मौसम विभाग के अनुसार बिहार में अगले कुछ दिनों तक बारिश, आंधी और वज्रपात की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। 25 और 26 सितंबर को भी बारिश तथा गरज-चमक की संभावना जताई गई है। मौजूदा मौसम सिस्टम कमजोर जरूर हो रहा है, लेकिन उसका प्रभाव तत्काल खत्म नहीं होगा।
राज्य में 27 सितंबर तक मौसम में बदलाव जारी रहने की संभावना है। ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलस्तर पर नजर रखने की जरूरत है। बारिश के दौरान खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के पास जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
राज कुमार की रिपोर्ट
