बिहार में मानसून की विदाई के बीच होगी बारिश, इन 8 जिलों पर नजर, बढ़ेगी बूढ़ी गंडक की हलचल

मानसून

बिहार में मानसून की विदाई के बीच 8 जिलों में बारिश के आसार हैं। नेपाल में भूस्खलन के बाद बूढ़ी गंडकी में बाढ़ से बैराज पर नजर है।

निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के बीच मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। राज्य के पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों के आठ जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, पड़ोसी देश नेपाल में भूस्खलन के बाद बूढ़ी गंडकी नदी का बहाव बाधित होने से अचानक बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। इसका असर पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि नगर बैराज तक पहुंचने की आशंका है। हालांकि, जल संसाधन विभाग के अनुसार, फिलहाल बिहार के भारतीय क्षेत्र में किसी बड़े प्रभाव की आशंका नहीं है। इसके बावजूद नदी के जलस्तर और बैराज से पानी के बहाव पर नजर रखी जा रही है।

मौसम के इस बदलाव के बीच राज्य में मानसून की वापसी की प्रक्रिया भी जारी है। पटना समेत कई जिलों में तापमान 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। दूसरी ओर, गंगा और गंडक नदी के जलस्तर से जुड़े घटनाक्रम ने नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

बिहार में मानसून: इन 8 जिलों में हल्की बारिश के आसार

मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, बिहार के आठ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। इनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर और कैमूर शामिल हैं। इन जिलों में बादल छाने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।

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राज्य के बाकी जिलों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 30 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। ऐसे में दिन के समय हल्की गर्मी और सुबह-शाम अपेक्षाकृत राहत महसूस हो सकती है।

बीते 24 घंटे के दौरान सुबह के समय मुंगेर और खगड़िया में बारिश दर्ज की गई। मानसून की वापसी के दौर में होने वाली ऐसी बारिश स्थानीय मौसमी परिस्थितियों पर निर्भर करती है। इसलिए बारिश की संभावना वाले जिलों में मौसम के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी है।

नेपाल में भूस्खलन से बूढ़ी गंडकी में अचानक बाढ़

नेपाल के गोरखा जिले के चुमनुब्री क्षेत्र में 11 अक्टूबर की सुबह भूस्खलन के कारण बूढ़ी गंडकी नदी का बहाव बाधित हो गया। इसके बाद नदी में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, नेपाल के जगत क्षेत्र में पांच से सात मकान बह गए हैं।

अब तक किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। नेपाल प्रशासन ने नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। पानी बढ़ने की आशंका के बीच सुरक्षा एजेंसियां भी स्थिति पर नजर रख रही हैं।

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बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक पानी बढ़ने की खबर के बाद बिहार में भी संभावित प्रभाव को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। हालांकि, नेपाल में आई बाढ़ और बिहार में गंडक नदी के जलस्तर पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन अलग-अलग स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर किया जा रहा है।

वाल्मीकि नगर बैराज तक पहुंच सकता है बाढ़ का पानी

जल संसाधन विभाग के अनुसार, मिट्टी मिला बाढ़ का पानी नेपाल के देवघाट से गुजर रहा है। यह स्थान वाल्मीकि नगर बैराज से करीब 80 किलोमीटर ऊपर बताया गया है। यहां गंडक नदी का जलस्तर लगभग 27 सेंटीमीटर बढ़ा है। आगे इसमें 50 से 100 सेंटीमीटर तक वृद्धि की संभावना जताई गई है।

विभाग के अनुमान के मुताबिक, पानी की यह लहर करीब छह घंटे में वाल्मीकि नगर बैराज तक पहुंच सकती है। इससे बैराज से निकलने वाले पानी के बहाव में लगभग 25 हजार क्यूसेक की बढ़ोतरी हो सकती है।

फिलहाल बैराज से पानी का बहाव करीब 50 हजार क्यूसेक बताया गया है। अनुमान के अनुसार, इसमें वृद्धि होने पर यह लगभग 75 हजार क्यूसेक तक पहुंच सकता है। हालांकि, यह अनुमानित आंकड़ा है और वास्तविक बहाव परिस्थितियों के अनुसार बदल सकता है।

जल संसाधन विभाग का कहना है कि फिलहाल बिहार के भारतीय क्षेत्र में किसी बड़े प्रभाव की आशंका नहीं है। फिर भी नदी के जलस्तर और पानी के बहाव की निगरानी की जा रही है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

पटना में आज कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी पटना में मौसम साफ रहने का अनुमान है। दोपहर के बाद आसमान में आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं। अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

दिन में हल्की धूप निकलने से मौसम गर्म महसूस हो सकता है, जबकि सुबह और रात के समय तापमान अपेक्षाकृत कम रहने की उम्मीद है। फिलहाल पटना में बारिश की संभावना कम बताई गई है। हालांकि, स्थानीय मौसमी बदलाव के कारण शाम के समय आसमान की स्थिति बदल सकती है।

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राजधानी के लोगों को फिलहाल भारी बारिश जैसी स्थिति का अनुमान नहीं है, लेकिन मौसम में बदलाव को देखते हुए ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखना बेहतर रहेगा।

बिहार से मानसून की वापसी जारी, अगले दो दिन अहम

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा फिलहाल सुपौल से होकर गुजर रही है। अगले दो दिनों में पूर्वी भारत के कुछ और हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन सकती हैं। इससे बिहार के शेष हिस्सों से भी मानसून की विदाई की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।

मानसून की वापसी का अर्थ यह नहीं है कि राज्य में बारिश पूरी तरह बंद हो जाएगी। स्थानीय स्तर पर बनने वाली मौसमी परिस्थितियों के कारण कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। यही वजह है कि मानसून की विदाई के दौरान भी मौसम विभाग के पूर्वानुमान महत्वपूर्ण बने रहते हैं।

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना

उधर, मलेशिया और इंडोनेशिया के बीच समुद्री क्षेत्र में चक्रवाती हवाओं का एक घेरा बनने की जानकारी है। इसके अगले 24 घंटों में अंडमान सागर तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसके प्रभाव से 13 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है।

हालांकि, इसका बिहार के मौसम पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले दिनों की मौसमी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इससे राज्य में बारिश बढ़ेगी या मौसम सामान्य बना रहेगा।

गंगा कटाव से भागलपुर में दो मंजिला मकान नदी में समाया

बिहार में नदियों के बदलते रुख के बीच भागलपुर जिले से कटाव की घटना भी सामने आई है। राघोपुर पंचायत के छोटी अलालपुर में गंगा नदी के कटाव के कारण दो मंजिला मकान नदी में समा गया। यह घटना नदी किनारे बसे इलाकों में कटाव के खतरे को उजागर करती है।

मानसून की वापसी के दौरान भी नदियों के जलस्तर और कटाव की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। नेपाल में बाढ़ जैसी स्थिति, वाल्मीकि नगर बैराज पर संभावित बढ़ोतरी और भागलपुर में कटाव की घटना के बीच प्रशासन के लिए निगरानी महत्वपूर्ण बनी हुई है।

बिहार में मानसून की विदाई के बीच आठ जिलों में हल्की बारिश के आसार हैं। वहीं, बूढ़ी गंडकी और गंडक नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल बड़े प्रभाव की आशंका नहीं जताई गई है, लेकिन नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट