प्रदेश में फिर अचानक बदला मौसम, आंधी के साथ बारिश का अलर्ट, पटना में छाए काले बादल
बिहार का मौसम बदला, कई जिलों में आंधी-बारिश, पटना में छाए बादल
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। बिहार में एक बार फिर मौसम ने अचानक करवट ली है। शनिवार सुबह कई जिलों में तेज हवा, गरजते बादलों और बारिश के कारण मौसम का मिजाज बदल गया। बेगूसराय में तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जबकि समस्तीपुर, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, खगड़िया, बेतिया, सुपौल और लखीसराय में भी बारिश दर्ज की गई। राजधानी पटना में सुबह से काले बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलती रहीं।
मौसम में आए इस बदलाव के बीच आपदा प्रबंधन विभाग ने दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सीतामढ़ी और वैशाली के लिए अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज हवा, आकाशीय बिजली और मध्यम दर्जे की बारिश की आशंका जताई गई है। दूसरी ओर, मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राज्य में मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही हैं और 15 अक्टूबर तक अधिकांश इलाकों में बारिश की संभावना कम रहने का अनुमान है।
बिहार में मौसम का अचानक बदलाव, कई जिलों में बारिश
शनिवार सुबह उत्तर बिहार के कई जिलों में मौसम तेजी से बदला। आसमान में काले बादल छाने के साथ तेज हवा चलने लगी और कुछ इलाकों में बारिश शुरू हो गई। अचानक बदले मौसम से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका ने सतर्कता भी बढ़ा दी।
निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: जन सुराज का शक्ति प्रदर्शन:Dr. Rajnish Ranjan के नामांकन में पहुंचे PK, कोसी सीट पर बदला चुनावी गणित
बेगूसराय में आंधी के साथ तेज बारिश हुई। हवा की रफ्तार इतनी अधिक बताई गई कि बारिश की धार भी हवा के साथ तिरछी बहती दिखाई दी। समस्तीपुर में सुबह से झमाझम बारिश हुई और आसमान में घने बादल छाए रहे। मधुबनी तथा मुजफ्फरपुर में भी गरज के साथ बारिश होने की जानकारी सामने आई।
खगड़िया और बेतिया में बारिश से मौसम सुहावना हुआ, जबकि सुपौल में हल्की बारिश के साथ हवा चलने से लोगों को ठंडक महसूस हुई। लखीसराय में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी के बीच बादलों की गड़गड़ाहट सुनाई दी।
मौसम अलर्ट: इन पांच जिलों में विशेष सतर्कता
आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सीतामढ़ी और वैशाली के लिए अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी दी गई है। इन क्षेत्रों में तेज हवा, आकाशीय बिजली और मध्यम बारिश की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े
आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। बारिश या आंधी के समय सुरक्षित पक्के भवन में रहना बेहतर है। किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
हालांकि, मौसम संबंधी अलर्ट की अवधि और उसकी श्रेणी में बदलाव हो सकता है। इसलिए संबंधित जिले के प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा आधिकारिक सूचना पर नजर रखना जरूरी है।
पटना में मौसम का हाल: काले बादल, तेज हवा
राजधानी पटना में शनिवार सुबह आसमान में काले बादल छाए रहे। तेज हवा चलने से मौसम में बदलाव महसूस किया गया। हालांकि, उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार पटना में व्यापक बारिश की संभावना कम बताई गई थी। शहर के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहने के बावजूद दिन के समय गर्मी का असर बना रह सकता है।
इसे भी पढ़ें : प्रदेश में 10 के बाद साफ होगा मौसम, 18 जिलों में अलर्ट जारी
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पटना में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में फिलहाल बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। ऐसे में लोगों को सुबह और शाम के मौसम में राहत मिल सकती है, लेकिन दिन के समय गर्मी पूरी तरह खत्म होने के आसार नहीं हैं।
पटना में रहने वाले लोगों के लिए यह समझना जरूरी है कि आसपास के जिलों में बारिश होने का मतलब यह नहीं है कि राजधानी में भी उसी तीव्रता से बारिश होगी। स्थानीय मौसम में अंतर के कारण जिलेवार पूर्वानुमान अधिक उपयोगी होता है।
भागलपुर में गंगा का कटाव, कई घर नदी में समाए
बिहार में मौसम बदलने के बीच भागलपुर जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात नवगछिया के राघोपुर के पास गंगा नदी में भीषण कटाव हुआ। इसके कारण कई घर नदी में समा गए। घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और कुछ परिवार सुरक्षा की चिंता में अपने घर खाली करने लगे।
गंगा के किनारे रहने वाले परिवारों के लिए कटाव लंबे समय से गंभीर समस्या रहा है। नदी के किनारे की मिट्टी कमजोर होने और पानी के तेज बहाव के कारण जमीन अचानक धंस सकती है। इससे मकानों, खेतों और ग्रामीण रास्तों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है।
ऐसी स्थिति में प्रशासन के लिए प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, जोखिम वाले घरों की पहचान और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था करना महत्वपूर्ण है। प्रभावित लोगों को कटाव वाले किनारों से दूरी बनाए रखनी चाहिए और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
मानसून की वापसी शुरू, लेकिन बिहार में अभी पूरी तरह विदाई नहीं
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। फिलहाल वापसी रेखा सुपौल से होकर गुजरने की जानकारी दी गई है। अगले तीन से चार दिनों के दौरान पूर्वी भारत के कुछ और हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने का अनुमान है।
हालांकि, बिहार के बाकी हिस्सों से मानसून पूरी तरह कब विदा होगा, इसकी तारीख अभी स्पष्ट नहीं है। मानसून की वापसी एक क्रमिक प्रक्रिया है और इसकी गति अलग-अलग क्षेत्रों में अलग हो सकती है।
राज्य में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने का अनुमान जरूर है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि कहीं भी अचानक बारिश नहीं होगी। स्थानीय मौसमी प्रणालियों के कारण कुछ जिलों में गरज के साथ बारिश या तेज हवा की स्थिति बन सकती है।
बिहार में 15 अक्टूबर तक कैसा रहेगा मौसम?
उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार 10 से 15 अक्टूबर के बीच बिहार के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य रहने और बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बड़े बदलाव का अनुमान नहीं है।
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया है कि उत्तर बांग्लादेश से उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ होते हुए तेलंगाना तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय होने की जानकारी है।

इन मौसमी प्रणालियों के बावजूद बिहार में व्यापक बारिश की संभावना फिलहाल कम बताई गई है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर बादल, गरज और बारिश की घटनाओं से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
बिहार में मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए लोगों को अगले कुछ दिनों तक स्थानीय पूर्वानुमान पर ध्यान देना चाहिए। आंधी और बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले में काम करने से बचें। तेज हवा में कमजोर पेड़ों, बिजली के तारों और अस्थायी निर्माणों से दूरी बनाए रखें।
गंगा किनारे कटाव प्रभावित इलाकों में रहने वाले परिवारों को भी विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। जमीन में दरार या किनारे के धंसने के संकेत दिखने पर जोखिम वाले स्थान से दूर जाना और प्रशासन को सूचना देना जरूरी है।
बिहार में फिलहाल मानसून की विदाई की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, लेकिन कुछ जिलों में स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण आंधी और बारिश की स्थिति बन रही है। पटना समेत अन्य शहरों में अगले दिनों का वास्तविक मौसम स्थानीय पूर्वानुमान और आधिकारिक चेतावनियों के आधार पर ही स्पष्ट होगा।
राज कुमार की रिपोर्ट
