FD करने वालों के लिए खुशखबरी, 36-60 महीने की FD पर 7.85% ब्याज, इस कंपनी का ऐलान
श्रीराम फाइनेंस की FD दरें 11 अक्टूबर से बदलेंगी, जानें नई ब्याज दरें
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (नई दिल्ली)। त्योहारी सीजन से पहले फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वालों के लिए अच्छी खबर है। श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड ने अपनी एफडी पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। कंपनी की ओर से घोषित नई दरें 11 अक्टूबर 2026 से लागू होंगी। इसके बाद चुनिंदा अवधि की FD पर निवेशकों को पहले की तुलना में अधिक ब्याज मिलेगा। सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को हो सकता है, जो 36 से 60 महीने की अवधि के लिए एफडी कराते हैं। इस अवधि में अब सालाना 7.85 प्रतिशत तक ब्याज मिलेगा।
कंपनी ने 12 महीने से लेकर 60 महीने तक की कई FD अवधि के लिए दरों में संशोधन किया है। वरिष्ठ नागरिकों, महिला निवेशकों और मैच्योर हो चुकी एफडी को दोबारा कराने वाले ग्राहकों के लिए अतिरिक्त ब्याज का लाभ भी जारी रहेगा। हालांकि, निवेश करने से पहले केवल ब्याज दर देखना पर्याप्त नहीं है। एफडी की शर्तों, समय से पहले पैसा निकालने के नियम और टैक्स से जुड़ी जानकारी भी समझना जरूरी है।
FD की नई ब्याज दरें 11 अक्टूबर से लागू
श्रीराम फाइनेंस ने अलग-अलग अवधि की FD पर ब्याज दरों में 0.15 से 0.40 प्रतिशत अंक तक की बढ़ोतरी की है। नई दरें 10 करोड़ रुपये तक की पात्र जमा राशि पर लागू होंगी। कंपनी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, 36 से 60 महीने की FD पर ब्याज दर 7.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.85 प्रतिशत सालाना कर दी गई है।
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12 महीने की FD पर अब 6.85 प्रतिशत के बजाय 7 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। वहीं, 15 महीने की डिजिटल FD पर दर 7.10 प्रतिशत से बढ़कर 7.50 प्रतिशत हो गई है। 18 से 23 महीने की अवधि के लिए ब्याज 7.05 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.25 प्रतिशत किया गया है।
इसी तरह, 24 से 35 महीने की एफडी पर अब 7.10 प्रतिशत के बजाय 7.50 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। ये संशोधित दरें 11 अक्टूबर से प्रभावी होंगी। निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि 15 महीने वाली विशेष एफडी केवल डिजिटल माध्यम से उपलब्ध है।
FD पर कितना मिलेगा ब्याज? यहां देखें नई दरें
श्रीराम फाइनेंस की संशोधित दरों को समझने के लिए पुरानी और नई ब्याज दरों की तुलना करना उपयोगी रहेगा। ये सालाना ब्याज दरें हैं। वास्तविक रिटर्न एफडी की चुनी गई योजना, ब्याज भुगतान के विकल्प और लागू शर्तों के आधार पर अलग हो सकता है। इसलिए खाता खोलने से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर उस तारीख की लागू दरों की पुष्टि जरूर करें।
FD में निवेश करने पर कितना फायदा होगा?
नई दरों का असर समझने के लिए 1 लाख रुपये की एफडी का उदाहरण लिया जा सकता है। अगर कोई निवेशक 36 से 60 महीने की पात्र अवधि के लिए 1 लाख रुपये जमा करता है, तो घोषित दर 7.85 प्रतिशत सालाना होगी। साधारण ब्याज के आधार पर एक साल का अनुमानित ब्याज 7,850 रुपये बैठता है।
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हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर एफडी में एक साल बाद इतनी ही रकम खाते में आएगी। ब्याज भुगतान मासिक, तिमाही, सालाना या मैच्योरिटी पर मिलने वाली योजना के अनुसार अलग हो सकता है। संचयी एफडी में ब्याज को दोबारा जोड़कर गणना की जा सकती है, जबकि गैर-संचयी एफडी में निर्धारित अंतराल पर ब्याज भुगतान किया जा सकता है।
इसलिए एफडी कराने से पहले यह तय करना जरूरी है कि आपको नियमित आमदनी चाहिए या मैच्योरिटी पर एकमुश्त रकम। इसी आधार पर सही अवधि और ब्याज भुगतान का विकल्प चुनना अधिक उपयोगी होगा।
वरिष्ठ नागरिकों को FD पर अतिरिक्त ब्याज
श्रीराम फाइनेंस की एफडी में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पात्र निवेशकों को अतिरिक्त ब्याज का लाभ मिलेगा। कंपनी की घोषित शर्तों के अनुसार, वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य दर के ऊपर 0.50 प्रतिशत अंक अतिरिक्त ब्याज दिया जाएगा।
महिला जमाकर्ताओं को भी अतिरिक्त लाभ मिलेगा। उनके लिए सामान्य ब्याज दर के ऊपर 0.05 प्रतिशत अंक अतिरिक्त ब्याज का प्रावधान है। इसके अलावा, मैच्योर हो चुकी एफडी को दोबारा कराने वाले पात्र ग्राहकों को 0.15 प्रतिशत अंक अतिरिक्त ब्याज मिल सकता है।

यहां एक बात समझना जरूरी है कि ये अतिरिक्त लाभ लागू नियमों और पात्रता की शर्तों के अधीन हैं। अगर कोई निवेशक एक से अधिक अतिरिक्त लाभ के लिए पात्र है, तो उसे मिलने वाली अंतिम दर की पुष्टि कंपनी से करनी चाहिए। केवल सामान्य दर और अतिरिक्त ब्याज को जोड़कर निवेश का फैसला नहीं लेना चाहिए।
RBI के फैसले के बाद FD दरों पर नजर
एफडी की ब्याज दरों में बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में बढ़ोतरी की है। रेपो रेट में बदलाव का असर बैंकिंग व्यवस्था की उधारी लागत और जमा दरों पर पड़ सकता है। हालांकि, इसका प्रभाव हर बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी पर एक जैसा या एक ही समय में हो, यह जरूरी नहीं है।
वित्तीय संस्थान अपनी जरूरत, धन की उपलब्धता और बाजार की परिस्थितियों के अनुसार एफडी की दरों में संशोधन करते हैं। ऐसे में श्रीराम फाइनेंस की दरें बढ़ने के बाद दूसरे संस्थानों की ब्याज दरों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।
एफडी उन लोगों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकती है, जो पहले से तय ब्याज दर के आधार पर बचत करना चाहते हैं। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के मुकाबले एफडी का रिटर्न सामान्यतः अधिक अनुमानित होता है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि हर एफडी पूरी तरह जोखिम-मुक्त है। बैंक और NBFC की जमा योजनाओं के नियम और सुरक्षा व्यवस्था अलग-अलग हो सकती है।
FD कराने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
एफडी चुनते समय सबसे पहले यह देखें कि जमा राशि कितने समय तक निवेश में रख सकते हैं। अगर बीच में पैसे की जरूरत पड़ सकती है, तो पूरी बचत लंबी अवधि के लिए जमा करना उचित नहीं हो सकता। समय से पहले एफडी बंद कराने पर ब्याज में कटौती या अन्य शर्तें लागू हो सकती हैं।
दूसरा, कंपनी की क्रेडिट रेटिंग, जमा योजना की शर्तों और भुगतान व्यवस्था को समझें। श्रीराम फाइनेंस एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) है, स्मॉल फाइनेंस बैंक नहीं। NBFC की एफडी को बैंक एफडी के समान मानकर नहीं चलना चाहिए। पात्र बैंक जमा पर लागू DICGC बीमा सुरक्षा सामान्य तौर पर NBFC की एफडी पर लागू नहीं होती।
तीसरा, ब्याज से होने वाली आमदनी पर टैक्स के प्रभाव को भी समझें। एफडी का ब्याज आपकी कर स्थिति के अनुसार कर योग्य हो सकता है। निवेश करने से पहले अपनी जरूरत, उपलब्ध बचत और जोखिम उठाने की क्षमता के हिसाब से फैसला लें।
श्रीराम फाइनेंस की नई दरें 11 अक्टूबर 2026 से लागू होंगी और 36 से 60 महीने की पात्र एफडी पर सालाना 7.85 प्रतिशत ब्याज सबसे प्रमुख आकर्षण है। फिर भी निवेश से पहले आधिकारिक दरों और सभी शर्तों की पुष्टि करना जरूरी है।
राज कुमार की रिपोर्ट
