चिराग पासवान का बड़ा दांव? UP की 403 सीटों पर तैयारी, NDA से गठबंधन पर कही बड़ी बात
चिराग पासवान ने यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी की बात कही है। NDA से गठबंधन पर बोले- समय आने पर जरूर बात करेंगे।
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। उत्तर प्रदेश की राजनीति में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की एंट्री को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बड़ा संकेत दिया है। चिराग पासवान ने कहा है कि उनकी पार्टी यूपी विधानसभा चुनाव में सक्रिय रूप से भागीदारी करेगी और पार्टी की तैयारी प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि पार्टी वास्तव में कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। वहीं एनडीए के साथ गठबंधन के सवाल पर चिराग ने कहा कि समय आने पर इस मुद्दे पर जरूर बातचीत होगी।
चिराग पासवान का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपनी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं। चिराग के बयान से साफ है कि एलजेपी (रामविलास) अब बिहार के बाहर अपने राजनीतिक विस्तार को लेकर गंभीर है। पार्टी के लिए यूपी को खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यहां रामविलास पासवान को मानने वाला एक बड़ा वर्ग होने का दावा किया जाता है।
चिराग पासवान की नजर यूपी की 403 सीटों पर
लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी यूपी विधानसभा चुनाव में सक्रिय भागीदारी निभाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी की तैयारी सभी 403 सीटों को ध्यान में रखकर चल रही है।
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हालांकि, सभी सीटों पर संगठनात्मक तैयारी और सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने में अंतर है। चिराग के बयान को फिलहाल पार्टी के विस्तार और संगठन मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। चुनाव के नजदीक आने पर सीटों की संख्या और उम्मीदवारों को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।
चिराग पासवान और NDA पर क्या है रणनीति?
यूपी चुनाव में एनडीए के साथ गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि समय आने पर बातचीत की जाएगी। उनके इस बयान को गठबंधन के विकल्प खुले रखने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
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बिहार में एनडीए के सहयोगी के रूप में एलजेपी (रामविलास) की भूमिका रही है। ऐसे में यूपी में भी भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ तालमेल की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है। हालांकि, अभी सीटों के बंटवारे या किसी औपचारिक गठबंधन का ऐलान नहीं हुआ है।
चिराग पासवान ने पार्टी के विस्तार की बताई वजह
चिराग पासवान ने कहा कि बिहार के अलावा दूसरे राज्यों में भी उनकी पार्टी की भूमिका और भागीदारी रही है। इसी क्रम में अब उत्तर प्रदेश में पार्टी का विस्तार करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने रामविलास पासवान के राजनीतिक प्रभाव का भी उल्लेख किया। चिराग के मुताबिक यूपी में उनके पिता को मानने वाले काफी लोग हैं। ऐसे में पार्टी इस सामाजिक आधार को राजनीतिक संगठन में बदलने की कोशिश कर सकती है।
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यह रणनीति एलजेपी (रामविलास) के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी की पहचान लंबे समय तक बिहार की राजनीति से जुड़ी रही है। दूसरे बड़े राज्य में संगठन विस्तार पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी मजबूत करने का अवसर दे सकता है।
रामविलास पासवान की स्मृति में पार्क और प्रतिमा
लखनऊ के कार्यक्रम में चिराग पासवान ने अपने पिता रामविलास पासवान की स्मृति से जुड़े एक अन्य मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामविलास पासवान की स्मृति में पार्क बनवाने और उनकी प्रतिमा लगाने का भरोसा दिया है।
रामविलास पासवान को राष्ट्रीय राजनीति में लंबे समय तक प्रभावशाली दलित नेता के रूप में देखा गया। ऐसे में उनकी स्मृति से जुड़े कार्यक्रम और प्रतीकात्मक कदम चिराग पासवान की राजनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
लखनऊ में जुटे NDA और सहयोगी दलों के नेता
रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल और राज्य सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के जरिए चिराग पासवान ने एक तरफ अपने पिता को श्रद्धांजलि दी, वहीं दूसरी तरफ यूपी में पार्टी की राजनीतिक सक्रियता का संदेश भी दिया। इससे प्रदेश की राजनीति में एलजेपी (रामविलास) की संभावित भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
चिराग पासवान ने विपक्ष पर भी साधा निशाना
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रदर्शन पर भी चिराग पासवान ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के बजाय हंगामा और राजनीति करना चाहता है। चिराग ने कहा कि समाधान संवाद के जरिए निकलेगा।
हालांकि, चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की अपनी अलग दलील है। ऐसे में चिराग का बयान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रही राजनीतिक बहस का हिस्सा माना जा रहा है।
अखिलेश यादव पर चिराग पासवान का हमला
चिराग पासवान ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक राजनीति के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान अखिलेश यादव के पास पीडीए के लिए एक अच्छा मौका था।

चिराग ने सवाल किया कि उस समय उन्होंने क्या संदेश दिया। उनके इस बयान से साफ है कि यूपी की सामाजिक समीकरण वाली राजनीति में एलजेपी (रामविलास) अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है।
पिता को याद कर भावुक हुए चिराग
कार्यक्रम से पहले चिराग पासवान ने अपने पिता रामविलास पासवान को याद करते हुए सोशल मीडिया पर बचपन की एक तस्वीर साझा की। तस्वीर में वह अपनी बड़ी बहन के साथ पिता के गले लगते दिखाई दे रहे हैं।
चिराग ने लिखा कि पार्टी की जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्हें अब समझ आता है कि उनके पिता ने पार्टी, परिवार और लाखों लोगों की उम्मीदों की कितनी बड़ी जिम्मेदारी उठाई थी। उन्होंने भावुक होकर कहा कि काश वह एक बार फिर अपने पिता को गले लगा पाते।
रामविलास पासवान का निधन 8 अक्टूबर 2020 को हुआ था। 74 वर्ष की उम्र में दिल्ली में उनका निधन हुआ। उन्होंने वर्ष 2000 में लोक जनशक्ति पार्टी की स्थापना की थी और पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष रहे।
यूपी में चिराग की एंट्री से क्या बदलेगा समीकरण?
उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीटें हैं और यहां चुनावी मुकाबला मुख्य रूप से बड़े राजनीतिक दलों और गठबंधनों के बीच होता है। ऐसे में एलजेपी (रामविलास) की सक्रियता फिलहाल छोटी राजनीतिक ताकत की तरह दिखाई दे सकती है, लेकिन पार्टी यदि अपने संगठन और सामाजिक आधार को मजबूत करती है तो कुछ सीटों पर उसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि चिराग पासवान यूपी में अकेले चुनाव लड़ेंगे या एनडीए के साथ मिलकर मैदान में उतरेंगे। चिराग ने गठबंधन को लेकर दरवाजा बंद नहीं किया है। इसलिए आने वाले समय में भाजपा और एलजेपी (रामविलास) के बीच सीटों और भूमिका को लेकर बातचीत महत्वपूर्ण हो सकती है।
चिराग पासवान ने 403 सीटों पर तैयारी की बात कहकर यूपी की राजनीति में अपनी पार्टी की महत्वाकांक्षा साफ कर दी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि चुनाव करीब आने पर यह तैयारी कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारने की रणनीति में बदलती है और एनडीए के साथ गठबंधन को लेकर क्या तस्वीर सामने आती है।
राज कुमार की रिपोर्ट
