सीएम बनने के सवाल पर बोले चिराग पासवान, कहा- मेरे पास उससे बड़ी पदवी, जवाब वायरल
चिराग पासवान से CM बनने पर सवाल, बोले- चिराग भैया बड़ी पदवी
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। चिराग पासवान से पटना में युवाओं के संवाद कार्यक्रम के दौरान बिहार का मुख्यमंत्री बनने को लेकर सवाल पूछा गया। एक युवती ने उनसे जानना चाहा कि अगर वह बिहार के मुख्यमंत्री बनते हैं तो राज्य के लिए क्या करेंगे। इस पर केंद्रीय मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने से बड़ी पदवी युवाओं ने उन्हें ‘चिराग भैया’ बनाकर दे दी है। उनका यह जवाब अब चर्चा में है।
गुरुवार को पटना के वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से ‘Youth BOLE TO’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें चिराग पासवान ने युवाओं के साथ सीधे सवाल-जवाब किए। कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, करियर, कौशल विकास और बिहार के भविष्य से जुड़े मुद्दे उठे।
चिराग से CM बनने पर पूछा सवाल
युवा संवाद के दौरान जब एक युवती ने चिराग पासवान से मुख्यमंत्री बनने की स्थिति में उनकी प्राथमिकताओं के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री बनने से बड़ी पदवी युवाओं ने उन्हें ‘चिराग भैया’ बनाकर दे दी है।
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चिराग का यह जवाब कार्यक्रम में मौजूद युवाओं के बीच चर्चा का विषय बना। मुख्यमंत्री पद को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने अपने जवाब को व्यक्तिगत जुड़ाव और युवाओं के साथ संबंध के संदर्भ में रखा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने इस मौके पर मुख्यमंत्री पद की कोई औपचारिक दावेदारी या चुनावी घोषणा नहीं की।
पटना में युवाओं से करीब 50 मिनट संवाद
पटना के वेटरनरी कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा और समर्थक मौजूद रहे। चिराग पासवान ने करीब 50 मिनट तक युवाओं के सवाल सुने और अलग-अलग मुद्दों पर जवाब दिया। कार्यक्रम का प्रारूप भाषण से ज्यादा सीधे संवाद पर आधारित रहा।

‘Youth BOLE TO’ कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और तकनीक जैसे विषयों पर अपनी बात रखने का मंच देना बताया गया था। कार्यक्रम से पहले भी पार्टी की ओर से कहा गया था कि युवा अपने करियर और भविष्य से जुड़े सवाल सीधे चिराग पासवान के सामने रख सकेंगे।
चिराग बोले- बाहर पढ़ें, अनुभव लेकर लौटें
संवाद के दौरान चिराग पासवान ने युवाओं को उच्च शिक्षा और पेशेवर अनुभव हासिल करने के लिए दूसरे शहरों या राज्यों में जाने की बात कही। साथ ही उन्होंने युवाओं से अनुभव हासिल करने के बाद बिहार लौटकर राज्य के विकास में योगदान देने की अपील की।
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उन्होंने कहा कि युवा बाहर जाकर पढ़ाई करें, व्यापार करें और अपने क्षेत्र में अनुभव हासिल करें, लेकिन उस अनुभव को लेकर बिहार वापस आएं। उनके मुताबिक बिहार के युवाओं की क्षमता अलग-अलग क्षेत्रों में दिखाई देती है, लेकिन इसके बावजूद राज्य विकास की दौड़ में पीछे क्यों रह गया, यह सवाल महत्वपूर्ण है।
युवाओं के रोजगार पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम में युवाओं की ओर से रोजगार और नौकरी से जुड़े सवाल भी उठाए गए। एक सवाल डिग्री होने के बावजूद नौकरी नहीं मिलने से जुड़ा था। चिराग पासवान ने कहा कि इस सवाल को केवल व्यवस्था से नहीं, बल्कि युवाओं को खुद से भी पूछना चाहिए।
उन्होंने युवाओं को अपनी क्षमता और हुनर पहचानने की सलाह दी। उनका कहना था कि स्किल को अपनी ताकत बनाकर व्यवस्था का हिस्सा बनने की जरूरत है। चिराग ने अपने व्यक्तिगत अनुभव का भी उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने फिल्मों में जाने की कोशिश की थी, लेकिन वहां सफल नहीं हो सके। इसके बाद जिस क्षेत्र में हैं, वहां मन लगाकर मेहनत करने की बात कही।
चिराग ने राजनीति में युवाओं की भागीदारी की बात कही
युवा संवाद के दौरान राजनीति में युवाओं की भागीदारी का मुद्दा भी उठा। चिराग पासवान ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को राजनीति में आना चाहिए। उनके अनुसार, अगर युवा अपनी डिग्री और ज्ञान के साथ राजनीति में आएंगे तो वे राजनीतिक व्यवस्था में योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने युवाओं को केवल नौकरी की तलाश तक सीमित रहने के बजाय अपनी क्षमता के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में अवसर तलाशने की बात कही। कार्यक्रम में उद्यमिता, तकनीक और बदलते रोजगार के अवसरों पर भी चर्चा हुई।
भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं पर सवाल
युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवाल भी चिराग के सामने रखे। भर्तियां रुकी होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों को उचित मंच पर लगातार उठाने की जरूरत है।
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उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की जरूरत पर भी जोर दिया। चिराग के मुताबिक अगर किसी कारण से परीक्षा रद्द होती है तो परीक्षार्थियों को यात्रा, रहने और भोजन पर हुए खर्च की भरपाई जैसे मुद्दों पर भी विचार होना चाहिए।
चिराग ने AI और नई तकनीक पर भी बात की
युवाओं के भविष्य को लेकर चिराग पासवान ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने युवाओं को बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुसार अपने कौशल को विकसित करने की सलाह दी।
उनका कहना था कि आने वाले समय में नई तकनीक से रोजगार और काम के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। ऐसे में युवाओं के लिए जरूरी है कि वे पारंपरिक शिक्षा के साथ तकनीकी कौशल पर भी ध्यान दें।
चिराग ने बिहार में विकास को लेकर रखी बात
चिराग पासवान ने बिहार के विकास को लेकर युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बिहारी युवा अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि इतनी क्षमता के बावजूद बिहार विकास के मामले में पीछे क्यों है।

उन्होंने युवाओं से राज्य में रहकर बिहार के विकास में योगदान देने की अपील की। उनका जोर इस बात पर रहा कि बाहर से शिक्षा और अनुभव हासिल करने के बाद युवा वापस बिहार आएं और यहां काम करने के अवसर तलाशें।
छात्रों की समस्याओं पर खुलकर चर्चा की जरूरत
संवाद के दौरान छात्रों की समस्याओं और मानसिक दबाव से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख हुआ। चिराग ने हालिया IIT मुंबई की घटना का संदर्भ देते हुए छात्रों से अपनी परेशानियों को परिवार और दोस्तों के साथ साझा करने की बात कही। उन्होंने कहा कि समस्याओं पर खुलकर चर्चा जरूरी है।
पटना में आयोजित ‘Youth BOLE TO’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बनने के सवाल से लेकर रोजगार, शिक्षा, भर्ती, परीक्षा व्यवस्था और तकनीकी कौशल तक कई मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री पद के सवाल पर चिराग पासवान का ‘चिराग भैया’ वाला जवाब कार्यक्रम के चर्चित हिस्सों में रहा, जबकि युवाओं के साथ उनके संवाद का मुख्य फोकस शिक्षा, रोजगार और बिहार के विकास पर रहा।
राज कुमार की रिपोर्ट
