पटना में नल-जल अनुरक्षकों का बड़ा प्रदर्शन, 6 सूत्री मांगों को लेकर CM कार्यालय की ओर बढ़े हजारों कर्मी

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CM कार्यालय के बाहर नल जल अनुरक्षकों का पटना में प्रदर्शन

निष्कर्ष भारत, संवाददाता पटना। CM कार्यालय के बाहर जल अनुरक्षक प्रदर्शन सोमवार को राजधानी पटना में जोरदार तरीके से हुआ। बिहार प्रदेश नल जल अनुरक्षक संघ के बैनर तले राज्य के अलग-अलग जिलों से पहुंचे हजारों अनुरक्षक गांधी मैदान में जुटे। छह सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर कूच किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी मांगें जल्द पूरी करने की आवाज उठाई।

संघ की ओर से पहले ही राज्य के करीब 1 लाख 23 हजार नल जल अनुरक्षकों से आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई थी। संघ का कहना है कि हर घर तक नल का जल पहुंचाने वाली योजना के संचालन और रखरखाव में अनुरक्षकों की अहम भूमिका है, लेकिन लंबे समय से उनकी सेवा और पारिश्रमिक से जुड़ी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

छह सूत्री मांगों को लेकर सड़क पर उतरे अनुरक्षक

CM कार्यालय के बाहर नल जल अनुरक्षकों के प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य उनकी छह सूत्री मांगों को सरकार के सामने मजबूती से रखना है। संघ की प्रमुख मांग है कि नल जल अनुरक्षकों को सरकारी कर्मी का दर्जा दिया जाए। इसके साथ ही अनुरक्षकों के लिए 18 हजार रुपये मासिक वेतन निर्धारित करने की मांग भी की जा रही है।

संघ का कहना है कि अनुरक्षक गांव और पंचायत स्तर पर नल जल योजना के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी निभाते हैं। पानी की आपूर्ति से जुड़ी समस्या आने पर व्यवस्था को सुचारु करने में भी उनकी भूमिका रहती है। इसके बावजूद सेवा शर्तों और पारिश्रमिक को लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ है।

प्रदर्शनकारियों ने छह सूत्री मांगों के समाधान के साथ सरकार की ओर से पहले लिए गए निर्णयों को प्रभावी तरीके से लागू करने की मांग भी उठाई।

CM कार्यालय की ओर बढ़े हजारों कर्मी

गांधी मैदान में जुटने के बाद प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री CM कार्यालय के घेराव के लिए आगे बढ़े। इस दौरान बड़ी संख्या में नल जल अनुरक्षक सड़क पर दिखाई दिए। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और सरकार से तत्काल निर्णय लेने की मांग की।

प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में प्रशासनिक हलचल भी बढ़ी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया जा रहा है, लेकिन ठोस समाधान नहीं होने के कारण आंदोलन को तेज करने का फैसला लिया गया है।

संघ की ओर से कहा गया है कि आंदोलन का उद्देश्य सरकार तक अनुरक्षकों की समस्याओं को मजबूती से पहुंचाना है, ताकि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय हो सके।

CM से सरकारी कर्मी का दर्जा देने की मांग

CM कार्यालय के नल जल अनुरक्षक संघ की सबसे प्रमुख मांग सरकारी कर्मी का दर्जा देने को लेकर है। संघ का कहना है कि अनुरक्षक लंबे समय से नल जल योजना के संचालन और रखरखाव से जुड़े काम कर रहे हैं। ऐसे में उनकी सेवाओं को नियमित सरकारी व्यवस्था के तहत मान्यता मिलनी चाहिए।

इसके अलावा 18 हजार रुपये मासिक वेतन की मांग भी आंदोलन का प्रमुख मुद्दा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि काम की जिम्मेदारियों के अनुरूप पारिश्रमिक निर्धारित किया जाना चाहिए।

संघ ने छह सूत्री मांगों पर सरकार से स्पष्ट और ठोस पहल की मांग की है। इसके साथ ही पहले लिए गए सरकारी फैसलों को जमीन पर लागू करने की बात भी कही गई है।

22वें दिन भी जारी है भूख हड़ताल

संघ के प्रदेश अध्यक्ष गणेश चौधरी के अनुसार, नल जल अनुरक्षक अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल भी कर रहे हैं। सोमवार को भूख हड़ताल का 22वां दिन बताया गया। संघ का कहना है कि लगातार आंदोलन के बावजूद मांगों का समाधान नहीं होने के कारण अनुरक्षकों में नाराजगी बनी हुई है।

गणेश चौधरी ने अनुरक्षकों से आंदोलन में एकजुट होकर शामिल होने की अपील की थी। उनका कहना है कि मांगों को निर्णायक स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रदेशभर के अनुरक्षकों की सहभागिता जरूरी है। संघ का दावा है कि बड़ी संख्या में अनुरक्षक आंदोलन में शामिल होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं।

नल जल योजना में अनुरक्षकों की भूमिका

CM कार्यालय के बाहर नल जल योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घरों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इस पूरी व्यवस्था को स्थानीय स्तर पर सुचारु रखने में नल जल अनुरक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण बताई जाती है।

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CM कार्यालय के अनुरक्षकों के जिम्मे पानी की आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्थाओं के संचालन और रखरखाव से संबंधित काम रहते हैं। किसी स्थान पर तकनीकी समस्या या जलापूर्ति में बाधा आने पर व्यवस्था को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी भी स्थानीय स्तर पर जुड़े कर्मियों की होती है।

इसी भूमिका को आधार बनाकर संघ सरकारी कर्मी का दर्जा और निश्चित मासिक वेतन की मांग कर रहा है। संघ का कहना है कि उनकी सेवाओं को देखते हुए सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

CM कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के बाद नल जल अनुरक्षक संघ ने साफ किया है कि जब तक छह सूत्री मांगों को लेकर ठोस पहल नहीं होती, आंदोलन जारी रखने की रणनीति अपनाई जाएगी। संघ का कहना है कि अनुरक्षकों की समस्याओं का समाधान बातचीत और सरकार के स्तर पर निर्णय के जरिए होना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में सरकारी कर्मी का दर्जा, 18 हजार रुपये मासिक वेतन, छह सूत्री मांगों का समाधान और पूर्व में लिए गए सरकारी निर्णयों को प्रभावी रूप से लागू करना शामिल है।

गांधी मैदान से CM कार्यालय की ओर निकले प्रदर्शन के बाद अब अनुरक्षकों की नजर सरकार की अगली पहल पर है। आंदोलन के जरिए सरकार पर मांगों को लेकर जल्द निर्णय लेने का दबाव बढ़ा है। अब देखना होगा कि सरकार और नल जल अनुरक्षक संघ के बीच इस मुद्दे पर आगे क्या पहल होती है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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