चक्रवात मुरासु का कहर! आंध्र तट से टकराया, 120 की रफ्तार से हवाएं, ओडिशा में 1.6 लाख लोग सुरक्षित
मुरासु तूफान से आंध्र में तबाही, ओडिशा में 1.6 लाख लोग सुरक्षित
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (नई दिल्ली)। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान मुरासु आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद कई राज्यों में अपना असर दिखा रहा है। सोमवार देर रात से मंगलवार सुबह के बीच ओंगोल के पास तूफान ने तट पार किया। इस दौरान करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं और कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा, प्रकाशम, बापटला और गुंटूर समेत कई जिलों में जलभराव की स्थिति बन गई। तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए और सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ।
तूफान का असर केवल आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं है। ओडिशा में भी भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव की तैयारी की गई है। राज्य के पांच जिलों से करीब 1.6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 37 टीमें पांच राज्यों में तैनात की गई हैं। इनमें 13 टीमें आंध्र प्रदेश में राहत और बचाव कार्यों के लिए लगाई गई हैं।
मुरासु तूफान से आंध्र प्रदेश में भारी नुकसान
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में मुरासु के पहुंचने के बाद तेज हवाओं और बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। ओंगोल के पास कोथापटनम बीच इलाके में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं। विजयवाड़ा में कई सड़कें पानी में डूब गईं, जबकि गुंटूर और प्रकाशम जिले के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी।
निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: NDA में गठबंधन का सियासी खेल?JDU की सीट पर BJP का कब्जा
तेज हवाओं के कारण हजारों पेड़ उखड़ने और सैकड़ों बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। समुद्र में उठती ऊंची लहरों और खराब मौसम के कारण नावों को भी नुकसान हुआ। कई जगहों पर सड़कें डूबने से वाहन फंस गए और सामान्य आवाजाही प्रभावित हुई।
मौसम विभाग ने गुंटूर, बापटला, कृष्णा, नेल्लोर और प्रकाशम जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा जताया है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और बचाव की तैयारी की गई है।
मुरासु के कारण 4 ट्रेनें डायवर्ट, रेल सेवा प्रभावित
चक्रवात के असर से आंध्र प्रदेश में रेल परिचालन भी प्रभावित हुआ है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए विजयवाड़ा-ओंगोल-गुडूर रेल सेक्शन पर ट्रेनों की आवाजाही रोकने का फैसला लिया गया। दक्षिण तटीय रेलवे (SCR) ने कई ट्रेनों के रूट बदल दिए हैं। कुछ ट्रेनों को रास्ते में रोककर भी चलाया जा रहा है।
खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े
जिन चार ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है, उनमें 12625 केरल एक्सप्रेस, 18638 हटिया एक्सप्रेस, 22863 सुपरफास्ट एक्सप्रेस और 04131 स्पेशल ट्रेन शामिल हैं।
तिरुवनंतपुरम से नई दिल्ली जाने वाली केरल एक्सप्रेस को रेनिगुंटा, येर्रागुंटला, नंद्याल, गुंटूर और विजयवाड़ा के रास्ते चलाया जा रहा है। वहीं, बेंगलुरु से हटिया जाने वाली हटिया एक्सप्रेस को भी बदले हुए मार्ग से चलाने की जानकारी दी गई है।
हावड़ा से बेंगलुरु जाने वाली 22863 सुपरफास्ट एक्सप्रेस को गुंटूर, नंद्याल, येर्रागुंटला और रेनिगुंटा के रास्ते डायवर्ट किया गया है। कानपुर सेंट्रल से बेंगलुरु जाने वाली 04131 स्पेशल ट्रेन भी इसी मार्ग से चलेगी। यह ट्रेन चिराला, ओंगोल और नेल्लोर स्टेशन पर नहीं रुकेगी। यात्रियों को यात्रा से पहले रेलवे की ओर से जारी ताजा सूचना जांचने की सलाह दी गई है।
ओडिशा में मुरासु का असर, 1.6 लाख लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए
चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए ओडिशा प्रशासन ने भी बड़े स्तर पर एहतियाती कदम उठाए हैं। राज्य के पांच जिलों से करीब 1.6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। पुरी जिले में सोमवार सुबह से भारी बारिश होने और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की सूचना है।

रायगढ़ा जिले में सभी 11 फायर स्टेशन की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। NDRF, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) और फायर सर्विस के 300 से अधिक बचाव दलों को तैनात किया गया है। मौसम विभाग ने गंजाम और गजपति जिलों में भारी बारिश, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है।
लोगों को समुद्र तट और निचले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन की प्राथमिकता संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित रखना और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत पहुंचाना है।
चेन्नई में 11 सेंटीमीटर बारिश, समुद्र में ऊंची लहरें
मुरासु का असर तमिलनाडु में भी दिखाई दे रहा है। चेन्नई में पिछले 24 घंटे के दौरान माधवरम में सबसे ज्यादा 11 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। एन्नोर पोर्ट और नुंगमबक्कम में 10-10 सेंटीमीटर बारिश हुई। शहर के 22 सबवे में से दो में पानी भरने की सूचना है।
जलभराव से निपटने के लिए चेन्नई नगर निगम ने पंप और फील्ड टीमों को तैनात किया है। तिरुवल्लूर जिले के पझावेर्काडु इलाके में समुद्र में करीब छह फीट ऊंची लहरें उठ रही हैं। इसके अलावा चेन्नई और आंध्र प्रदेश के कई एयरपोर्ट से उड़ानों पर भी असर पड़ा है। आंध्र प्रदेश के तीन एयरपोर्ट से 19 और चेन्नई से 11 उड़ानें रद्द की गई हैं।
अमित शाह ने चंद्रबाबू नायडू से की बात
तूफान से पैदा हुए हालात को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से बातचीत की। उन्होंने राज्य को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद देने का भरोसा दिया।
अमित शाह के मुताबिक, NDRF और SDRF की टीमें पहले से प्रभावित इलाकों में तैनात हैं और लोगों की सहायता कर रही हैं। केंद्र सरकार ने राज्य के साथ मजबूती से खड़े रहने की बात कही है। तूफान के असर को देखते हुए राहत और बचाव कार्यों के लिए केंद्रीय एजेंसियों को सक्रिय रखा गया है।
एक सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में दूसरा चक्रवात
मुरासु एक सप्ताह के भीतर बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ दूसरा चक्रवाती तूफान है। इससे पहले 28 अक्टूबर को चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों को प्रभावित किया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अर्नब के दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली थीं और दोनों राज्यों में छह लोगों की मौत हुई थी।
उस तूफान के कारण आंध्र प्रदेश में 31 घरों को नुकसान पहुंचा था और करीब 57 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था। रेल और हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई थीं। करीब 50 ट्रेनें और विजयवाड़ा तथा विशाखापट्टनम एयरपोर्ट से 21 उड़ानें रद्द की गई थीं। कई जिलों में स्कूल भी बंद रखने पड़े थे।
मुरासु नाम भारत की ओर से दिया गया है। तमिल भाषा में ‘मुरासु’ का अर्थ युद्ध का नगाड़ा होता है। लगातार दो चक्रवातों के कारण बंगाल की खाड़ी और आसपास के तटीय राज्यों में मौसम संबंधी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
पांच राज्यों में NDRF की टीमें तैनात
मुरासु के प्रभाव को देखते हुए पांच राज्यों में NDRF की कुल 37 टीमें तैनात की गई हैं। इनमें आंध्र प्रदेश के लिए 13 टीमें शामिल हैं। इसके अलावा तमिलनाडु से 90 जवानों वाली NDRF की तीन टीमों को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर, प्रकाशम और मार्कापुरम में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए भेजा गया है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भी तूफान के प्रभाव की आशंका जताई गई है। ऐसे में संबंधित राज्यों में मौसम की निगरानी और प्रशासनिक तैयारियां जारी हैं।
फिलहाल आंध्र प्रदेश और ओडिशा के प्रभावित इलाकों में राहत कार्य, बिजली और सड़क व्यवस्था बहाल करने तथा लोगों को सुरक्षित रखने पर जोर दिया जा रहा है। मौसम की स्थिति सामान्य होने तक तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की जरूरत है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
