पटना और आरा में सब इंस्पेक्टर के ठिकानों पर EOU की छापेमारी, आय से अधिक संपत्ति का मामला, मचा हड़कंप
EOU ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में आरा और पटना में SI अमित कुमार गुप्ता के ठिकानों पर छापेमारी की। जमीन-मकान के दस्तावेज खंगाले।
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। बिहार में भ्रष्टाचार के ऊपर प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर बुधवार को EOU ने बड़ी कार्रवाई की। EOU ने आरा और पटना में बुधवार सुबह सब इंस्पेक्टर अमित कुमार गुप्ता के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। आर्थिक अपराध इकाई की टीम आय से अधिक संपत्ति के मामले में यह कार्रवाई कर रही है। अमित कुमार गुप्ता फिलहाल भभुआ में मोबाइल सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। EOU की टीम आरा के अवधपुरी स्थित उनके तीन मंजिला मकान और पटना के दानापुर क्षेत्र के आंसुपुर स्थित फ्लैट में जांच कर रही है।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसी को अमित कुमार गुप्ता की संपत्ति उनके ज्ञात आय के स्रोतों की तुलना में काफी अधिक होने का संदेह है। सूत्रों के अनुसार, अधिकारी के पास करीब 5 से 6 करोड़ रुपये की संपत्ति होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, संपत्ति की वास्तविक स्थिति और आय से अधिक संपत्ति की राशि का अंतिम आकलन छापेमारी और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
आरा के मकान में सुबह-सुबह पहुंची EOU टीम
बुधवार सुबह EOU की टीम अचानक आरा शहर के अवधपुरी इलाके में स्थित अमित कुमार गुप्ता के तीन मंजिला मकान पर पहुंची। टीम के पहुंचते ही परिसर को अपने नियंत्रण में लेकर तलाशी की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों ने मकान के अलग-अलग कमरों और परिसर के हिस्सों की बारीकी से जांच की।
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तलाशी के दौरान जमीन और मकान से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय लेन-देन से संबंधित कागजात और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अधिकारी और उनके परिवार के नाम पर कितनी संपत्तियां हैं और इन्हें खरीदने के लिए धन का स्रोत क्या रहा है।
घर में खड़ी इलेक्ट्रिक कार की भी जांच
EOU की कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मकान परिसर में खड़ी इलेक्ट्रिक कार की भी जांच की। टीम संपत्ति और चल-अचल सामान से जुड़े दस्तावेजों का मिलान कर रही है। छापेमारी के दौरान घर में मौजूद अन्य सामान और रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच एजेंसी आमतौर पर अधिकारी की घोषित आय, नौकरी से प्राप्त वेतन और अन्य वैध आय के स्रोतों की तुलना में अर्जित संपत्तियों का आकलन करती है। इसी प्रक्रिया के तहत जमीन, मकान, वाहन, बैंकिंग लेन-देन और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है।
EOU की दूसरी टीम ने पटना में संभाला मोर्चा
आरा के साथ-साथ EOU की दूसरी टीम पटना जिले के दानापुर इलाके में भी कार्रवाई कर रही है। टीम आंसुपुर स्थित फ्लैट नंबर 609 में तलाशी ले रही है। दोनों स्थानों पर एक साथ जांच किए जाने से कार्रवाई का दायरा व्यापक नजर आ रहा है।
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पटना स्थित फ्लैट से भी संपत्ति और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि अधिकारी के नाम या उनसे जुड़े लोगों के नाम पर कौन-कौन सी संपत्तियां दर्ज हैं। इन संपत्तियों के खरीद मूल्य और आय के स्रोत के बीच भी मिलान किया जा रहा है।
अमित कुमार गुप्ता के पास करोड़ों की संपत्ति का दावा
सूत्रों के मुताबिक, अमित कुमार गुप्ता के पास 5 से 6 करोड़ रुपये तक की संपत्ति होने की जानकारी जांच के दौरान सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कोइलवर इलाके में उनके नाम करीब 12 कट्ठा जमीन है। वहीं आरा शहर में भी करीब 2.6 कट्ठा जमीन होने की बात कही जा रही है।

बताया जा रहा है कि आरा शहर वाली जमीन पर मकान का निर्माण कराया जा रहा है। इन संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी EOU की जांच के दायरे में हैं। हालांकि, स्थानीय स्तर पर बताई जा रही जमीन की मात्रा और कीमत की आधिकारिक पुष्टि छापेमारी पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
2014 बैच के मोबाइल सब इंस्पेक्टर हैं अधिकारी
अमित कुमार गुप्ता के बारे में बताया गया है कि वह 2014 बैच के मोबाइल सब इंस्पेक्टर हैं। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग भभुआ में है। आरोप है कि नौकरी में आने के बाद उन्होंने जमीन, मकान और अन्य चल-अचल संपत्तियां अर्जित कीं।
EOU अब यह जांच कर रही है कि नौकरी के दौरान उनकी आय कितनी रही और इसके मुकाबले अर्जित संपत्तियों का मूल्य कितना है। जांच में बैंक खातों, संपत्ति के दस्तावेज, खरीद-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है।
आय के ज्ञात स्रोतों से 150 प्रतिशत से अधिक संपत्ति का आरोप
शुरुआती जानकारी में अधिकारी पर आय के ज्ञात स्रोतों से करीब 150 प्रतिशत से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप बताया जा रहा है। यह आरोप जांच का विषय है और छापेमारी से मिले दस्तावेजों तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

EOU की कार्रवाई का उद्देश्य संपत्तियों के स्रोत और अधिकारी की वैध आय के बीच संबंध की जांच करना है। यदि जांच के दौरान संपत्ति और आय में अंतर से संबंधित ठोस साक्ष्य मिलते हैं, तो उसके आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया की जाएगी।
छापेमारी पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
आरा और पटना में EOU की तलाशी जारी है। टीम घर और फ्लैट में मौजूद दस्तावेजों की जांच कर रही है। जमीन, मकान, वाहन और वित्तीय लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड को भी जांच में शामिल किया गया है।
छापेमारी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जांच एजेंसी को कितनी संपत्ति और कितने महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। बरामद रिकॉर्ड के आधार पर संपत्तियों का मूल्यांकन और आय के स्रोतों से उनका मिलान किया जाएगा।
आरा और पटना में एक साथ हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भी चर्चा तेज है। फिलहाल EOU की जांच जारी है और विस्तृत जानकारी एजेंसी की कार्रवाई पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
