दिल्ली में हुई जनसुराज की एंट्री? प्रशांत किशोर ने बताया प्लान, विरोधी हुए परेशान
दिल्ली में हुई जनसुराज की एंट्री? प्रशांत किशोर ने बताया प्लान, विरोधी हुए परेशान
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (नई दिल्ली)। बिहार की राजनीति में सक्रिय जनसुराज अब दिल्ली में संगठन विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा कर रहा है। दिल्ली में जनसुराज समर्थकों के साथ बैठक के बाद पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने राजधानी में संगठन खड़ा करने की संभावनाओं पर अपनी रणनीति स्पष्ट की है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि दिल्ली में पार्टी की औपचारिक यूनिट शुरू करने का अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।
प्रशांत किशोर के मुताबिक, दिल्ली में जनसुराज से जुड़े लोगों की संख्या बिहार के बाहर सबसे अधिक है। लंबे समय से समर्थक उनसे दिल्ली आकर बातचीत करने का आग्रह कर रहे थे। इसी सिलसिले में बैठक आयोजित की गई, जिसमें दिल्ली में संगठन से जुड़े लोगों की भूमिका और उन्हें व्यवस्थित करने पर चर्चा हुई।
दिल्ली में जनसुराज की एंट्री पर अभी फैसला नहीं
दिल्ली में जनसुराज के विस्तार को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। कुछ रिपोर्टों में पार्टी के दिल्ली में संगठन खड़ा करने और आगामी चुनावों में सक्रिय होने की संभावनाएं बताई गई थीं।
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हालांकि प्रशांत किशोर ने इस मामले में जल्दबाजी से इनकार किया है। उनका कहना है कि अगर जनसुराज को दिल्ली में लाना है तो पहले वहां की समस्याओं को समझना होगा। इसके बाद ही संगठन, नेतृत्व और काम करने की रणनीति तैयार की जाएगी।
यानी दिल्ली में बैठक और समर्थकों से संवाद को संगठन विस्तार की प्रक्रिया की शुरुआत के तौर पर देखा जा सकता है, लेकिन इसे पार्टी की अंतिम लॉन्चिंग नहीं कहा गया है।
छह महीने तक चलेगा विचार-विमर्श
प्रशांत किशोर ने कहा कि दिल्ली को लेकर कम से कम छह महीने तक चर्चा और विचार-विमर्श किया जाएगा। इस दौरान दिल्ली में जनसुराज से जुड़े लोगों से बातचीत होगी और यह समझने की कोशिश की जाएगी कि राजधानी के लिए किस तरह का संगठन और नेतृत्व तैयार किया जा सकता है।
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उनके मुताबिक केवल किसी राज्य में राजनीतिक विकल्प मौजूद होने या वहां समस्याएं होने से किसी राजनीतिक दल को विस्तार नहीं करना चाहिए। जनसुराज तभी किसी दूसरे राज्य में जाएगा, जब वहां की समस्याओं के समाधान के लिए उसके पास स्पष्ट विजन और उसे लागू करने वाले लोग मौजूद हों।
यही वजह है कि पार्टी दिल्ली में संगठन बनाने से पहले स्थानीय परिस्थितियों को समझने पर जोर दे रही है।
जनसुराज ने बनाया NRP चैप्टर
दिल्ली में जनसुराज से जुड़े लोगों को एकजुट करने के लिए NRP यानी नॉन रेसिडेंट बिहारी चैप्टर की बात भी सामने आई है। प्रशांत किशोर ने बताया कि दिल्ली में जनसुराज से जुड़े बिहार के अलावा अन्य राज्यों के लोग भी इस समूह में शामिल हुए हैं।
इसका उद्देश्य दिल्ली में मौजूद समर्थकों और पार्टी से जुड़े लोगों को एक व्यवस्थित मंच देना है। बैठक में इसी नेटवर्क की भूमिका और भविष्य में इसे किस तरह संगठित किया जाए, इस पर चर्चा हुई।

प्रशांत किशोर के मुताबिक दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग जनसुराज से जुड़े हुए हैं और लंबे समय से उनसे बातचीत की इच्छा जता रहे थे। इसी मांग के बाद उन्होंने दिल्ली पहुंचकर समर्थकों से संवाद किया।
50 बैठकों के बाद होगा बड़ा फैसला
दिल्ली में जनसुराज के विस्तार को लेकर प्रशांत किशोर ने एक और महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि कम से कम 50 बैठकों के बाद ही वह यह निर्णय ले पाएंगे कि राजधानी में पार्टी को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाना है या नहीं।
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इन बैठकों के जरिए दिल्ली की अलग-अलग समस्याओं, स्थानीय लोगों की जरूरतों और संगठन के लिए उपलब्ध लोगों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि पार्टी के पास किसी योजना को जमीन पर लागू करने के लिए पर्याप्त समय और संसाधन हैं या नहीं।
इससे साफ है कि जनसुराज दिल्ली को लेकर फिलहाल संगठनात्मक तैयारी और विचार-विमर्श के चरण में है।
दिल्ली की समस्याओं पर विजन जरूरी
प्रशांत किशोर ने कहा कि जनसुराज किसी राज्य में सिर्फ इसलिए नहीं जाना चाहता कि वहां राजनीतिक विकल्प मौजूद है। उनके मुताबिक किसी भी नए राज्य में प्रवेश करने से पहले वहां की स्थानीय समस्याओं के लिए स्पष्ट ब्लूप्रिंट होना चाहिए।
उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि जनसुराज ने राज्य को बेहतर बनाने के लिए अपना ब्लूप्रिंट लोगों के सामने रखा है। इसी तरह दिल्ली के लिए भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप योजना तैयार करनी होगी।
उनका कहना है कि केवल योजना बनाना पर्याप्त नहीं है। उसे लागू करने के लिए लोगों की टीम, समय और संसाधन भी जरूरी होंगे।
जनसुराज का विस्तार सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं
प्रशांत किशोर ने यह भी संकेत दिया कि दूसरे राज्यों में विस्तार का विकल्प बंद नहीं है। उन्होंने कहा कि विकल्प पूरे देश में खुले हुए हैं, लेकिन किसी भी राज्य में संगठन शुरू करने का फैसला वहां की जरूरतों और पार्टी की तैयारी के आधार पर होगा।
दिल्ली को लेकर इसलिए ज्यादा चर्चा हो रही है क्योंकि बिहार के बाहर जनसुराज से जुड़े लोगों की मौजूदगी यहां ज्यादा बताई जा रही है। हालिया रिपोर्टों में भी दिल्ली में पार्टी के संभावित संगठनात्मक विस्तार और समर्थकों की सक्रियता का उल्लेख किया गया है।
आगामी चुनावों को लेकर भी चर्चा
दिल्ली में जनसुराज के विस्तार की चर्चा ऐसे समय हो रही है, जब राजधानी में भविष्य के स्थानीय और विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार बनी रहती हैं। कुछ रिपोर्टों में पार्टी के संभावित चुनावी विस्तार की बात कही गई है, जबकि प्रशांत किशोर ने अपने बयान में फिलहाल संगठन और विजन तैयार करने की प्रक्रिया पर जोर दिया है।
इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि जनसुराज दिल्ली में निश्चित रूप से किसी आगामी चुनाव में उतरने जा रहा है। फिलहाल पार्टी के स्तर पर समर्थकों को जोड़ने, संगठन की संभावनाएं तलाशने और दिल्ली के लिए ब्लूप्रिंट तैयार करने की प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है।
बिहार के बाद दिल्ली पर नजर
जनसुराज ने बिहार में अपने राजनीतिक आधार को मजबूत करने के बाद अब दूसरे राज्यों में संगठन विस्तार की संभावनाओं पर विचार शुरू किया है। दिल्ली में समर्थकों के साथ बैठक इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
प्रशांत किशोर ने छह महीने के विचार-विमर्श और कम से कम 50 बैठकों की बात कहकर संकेत दिया है कि दिल्ली में अंतिम निर्णय तत्काल नहीं लिया जाएगा। पहले स्थानीय मुद्दों, नेतृत्व, संगठन, समय और संसाधनों पर चर्चा होगी। इसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि जनसुराज को दिल्ली में औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया जाए या नहीं।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
