अनंत-नीरज विवाद पर JDU की बड़ी बैठक, नीतीश ने लिया फीडबैक, जानें पूरा मामला
JDU बैठक में अनंत सिंह-नीरज विवाद पर मंथन, नीतीश ने लिया फीडबैक
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव के बीच अनंत सिंह और नीरज कुमार के विवाद ने JDU के शीर्ष नेतृत्व का ध्यान खींचा है। पटना स्नातक सीट से JDU प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ मोकामा विधायक अनंत सिंह के खुलकर सामने आने के बाद पार्टी में अंदरूनी समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। इसी बीच बुधवार को नीतीश कुमार के 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर JDU की अहम बैठक हुई। इसमें आठों MLC सीटों की चुनावी स्थिति और अलग-अलग क्षेत्रों से मिले जमीनी फीडबैक पर चर्चा की गई।
JDU बैठक में आठों MLC सीटों का लिया गया फीडबैक
बैठक में JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, मंत्री श्रवण कुमार और MLC संजय गांधी मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवारों के नामांकन के दौरान मिले फीडबैक और चुनावी तैयारियों की जानकारी नीतीश कुमार को दी।
बैठक को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि विधान परिषद चुनाव के बीच पार्टी सभी आठ सीटों पर अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी है। नेताओं ने क्षेत्रवार चुनावी माहौल, संगठन की सक्रियता और उम्मीदवारों को मिल रहे समर्थन की जानकारी शीर्ष नेतृत्व के सामने रखी।
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संजय झा पहले भी कह चुके हैं कि पार्टी नेताओं ने सभी सीटों की चुनावी स्थिति से नीतीश कुमार को अवगत कराया है। ऐसे में बुधवार की बैठक को चुनावी रणनीति की समीक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।
JDU के सामने अनंत सिंह को साधने की चुनौती
पटना स्नातक सीट पर JDU ने अपने मौजूदा MLC और वरिष्ठ नेता नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है। लेकिन मोकामा विधायक अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान किया था।
अनंत सिंह के इस रुख से JDU के सामने अपने ही विधायक को साधने की चुनौती पैदा हो गई। मामला सार्वजनिक होने के बाद पार्टी नेतृत्व ने इसे गंभीरता से लिया और दोनों नेताओं के बीच विवाद को खत्म करने की कोशिश शुरू हुई।
JDU ने ललन सिंह को सौंपी थी जिम्मेदारी
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद को सुलझाने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री और JDU के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को दी गई थी। संजय झा ने कहा था कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालने के लिए ललन सिंह को अधिकृत किया गया है।

ललन सिंह ने अनंत सिंह से मुलाकात के बाद कहा था कि अनंत अब नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक बयान नहीं देंगे और उनके खिलाफ प्रचार भी नहीं करेंगे। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं बताया गया कि अनंत सिंह नीरज के पक्ष में प्रचार करेंगे।
अनंत सिंह की नाराजगी पर क्या बोले ललन सिंह?
ललन सिंह के मुताबिक अनंत सिंह की नाराजगी पार्टी के पुराने घटनाक्रम और विधानसभा चुनाव के दौरान उनके खिलाफ हुए कथित दुष्प्रचार से जुड़ी थी। उन्होंने कहा था कि अनंत सिंह JDU में थे, हैं और आगे भी रहेंगे।
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ललन सिंह ने यह भी माना था कि उस समय पार्टी की प्रदेश इकाई से चूक हुई थी और अनंत सिंह की शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उनके हस्तक्षेप के बाद विवाद को शांत करने की दिशा में रास्ता बना।
JDU नेतृत्व ने ललन सिंह की पहल को सराहा
ललन सिंह की पहल के बाद JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उनके प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि ललन सिंह ने पार्टी हित को ध्यान में रखते हुए काम किया है और उनके हस्तक्षेप से विवाद के समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता तैयार हुआ है।
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बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी अनंत सिंह-नीरज विवाद को लेकर कहा था कि मामला अब समाधान की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने ललन सिंह के बयान को स्पष्ट और पारदर्शी बताते हुए उनकी पहल को सकारात्मक बताया।
नीरज के समर्थन में JDU का रुख साफ
विवाद के बीच स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने भी कार्यकर्ताओं से NDA के अधिकृत उम्मीदवार को जिताने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि नीरज कुमार NDA के अधिकृत उम्मीदवार हैं और उन्हें पूरी ताकत के साथ जिताया जाना चाहिए।
इस बयान से पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार के पक्ष में पार्टी नेतृत्व का रुख साफ माना गया। यानी JDU के लिए उम्मीदवार को लेकर कोई बदलाव नहीं है, लेकिन अनंत सिंह की नाराजगी को संभालना पार्टी की प्राथमिकता बनी हुई है।
JDU के लिए आगे की राह आसान नहीं
बुधवार की बैठक के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अनंत सिंह को पूरी तरह नीरज कुमार के पक्ष में लाने में JDU नेतृत्व कितना सफल होता है। ललन सिंह की बातचीत के बाद अनंत के सार्वजनिक विरोध पर फिलहाल विराम जरूर लगा है, लेकिन उन्होंने नीरज के समर्थन में प्रचार करने की बात नहीं कही है।
पटना स्नातक सीट पर चुनावी मुकाबला इसलिए भी दिलचस्प हो गया है क्योंकि यहां JDU के भीतर का यह विवाद सीधे चुनावी समीकरणों पर असर डाल सकता है। अब पार्टी की नजर जमीनी स्तर पर संगठन की सक्रियता और उम्मीदवार के समर्थन में जुटने वाले कार्यकर्ताओं पर है।
आठों MLC सीटों को लेकर हुई बैठक में नीतीश कुमार ने चुनावी फीडबैक लिया है। आने वाले दिनों में JDU किस तरह अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट करती है, यही पटना स्नातक सीट समेत पूरे चुनाव में पार्टी की रणनीति का अहम हिस्सा होगा।
राज कुमार की रिपोर्ट
