शेयर बाजार में Jio का IPO जल्द, 37,700 करोड़ का मेगा इश्यू आने की तैयारी, जानें प्राइस बैंड

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Jio IPO जल्द आएगा, 37,700 करोड़ जुटाने की तैयारी, जानें पूरी डिटेल

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (नईं दिल्ली)। Jio IPO को लेकर शेयर बाजार में हलचल तेज हो गई है। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली Jio Platforms भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े पब्लिक इश्यू में से एक लाने की तैयारी में है। कंपनी इस आईपीओ के जरिए करीब 4 अरब डॉलर यानी 37,700 करोड़ रुपये जुटाने की योजना पर काम कर रही है। अगर यह इश्यू तय योजना के मुताबिक आता है, तो यह देश के सबसे बड़े आईपीओ का नया रिकॉर्ड बना सकता है।

मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, Jio Platforms 12 अक्टूबर के बाद रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी RHP दाखिल कर सकती है। आईपीओ में 1,150 रुपये से 1,220 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय होने की संभावना जताई जा रही है। दशहरा के आसपास प्राइमरी मार्केट में इस मेगा इश्यू की हलचल देखने को मिल सकती है।

Jio IPO की पूरी टाइमलाइन क्या होगी?

सूत्रों के अनुसार, जियो आईपीओ की प्रक्रिया के लिए तारीखों का खाका लगभग तैयार है। एंकर निवेशकों के लिए बोली 19 अक्टूबर को खुल सकती है। इसके बाद 21 अक्टूबर से आम निवेशकों के लिए आईपीओ खुलने की संभावना है।

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रिटेल निवेशकों के पास 23 अक्टूबर तक शेयरों के लिए बोली लगाने का मौका मिल सकता है। बोली प्रक्रिया पूरी होने के बाद 26 अक्टूबर को शेयर अलॉटमेंट की उम्मीद है। वहीं, 28 अक्टूबर को Jio Platforms के शेयर घरेलू स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हो सकते हैं।

कंपनी की कोशिश पूरी प्रक्रिया को 30 अक्टूबर से पहले पूरा करने की है। हालांकि, इन तारीखों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

Jio का IPO तोड़ेगा पुराने रिकॉर्ड

37,700 करोड़ रुपये का प्रस्तावित इश्यू भारतीय शेयर बाजार में एक नया रिकॉर्ड बना सकता है। यह 2024 में आए Hyundai Motor India के 27,859 करोड़ रुपये के आईपीओ से काफी बड़ा होगा। Hyundai का इश्यू फिलहाल देश का सबसे बड़ा सफल आईपीओ माना जाता है।

इसके अलावा NSE का 22,562 करोड़ रुपये का प्रस्तावित इश्यू भी जियो के मुकाबले छोटा है। ऐसे में Jio Platforms का आईपीओ आकार के लिहाज से बाजार में नई मिसाल कायम कर सकता है।

Jio IPO में सिर्फ फ्रेश शेयर जारी होंगे

ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक, Jio Platforms इस आईपीओ में 27 करोड़ यानी 270 मिलियन तक नए इक्विटी शेयर जारी कर सकती है। ये शेयर पोस्ट-इश्यू इक्विटी कैपिटल का करीब 2.9 फीसदी हिस्सा होंगे।

इस इश्यू की खास बात यह है कि इसमें ऑफर फॉर सेल यानी OFS शामिल नहीं होगा। इसका मतलब मौजूदा निवेशक अपने शेयर बेचकर आईपीओ से बाहर नहीं निकलेंगे। पूरी राशि नए शेयर जारी करने से कंपनी के पास आएगी।

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रिलायंस समूह के लिए भी यह आईपीओ बेहद अहम माना जा रहा है। करीब दो दशक बाद समूह की किसी बड़ी कंपनी की सार्वजनिक बाजार में ऐसी बड़ी एंट्री होने जा रही है। इससे पहले 2006 में Reliance Petroleum की लिस्टिंग हुई थी।

Jio Platforms जुटाए पैसे से चुकाएगा कर्ज

आईपीओ से मिलने वाली रकम के इस्तेमाल को लेकर कंपनी ने अपने ड्राफ्ट पेपर में योजना बताई है। जुटाई गई राशि का बड़ा हिस्सा Reliance Jio Infocomm Limited यानी RJIL के कर्ज को कम करने में इस्तेमाल किया जाएगा।

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कंपनी करीब 27,500 करोड़ रुपये तक के कर्ज का प्रीपेमेंट करने की योजना बना रही है। इससे Jio Platforms की ऑपरेटिंग सब्सिडियरी पर वित्तीय दबाव कम हो सकता है।

बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। कंपनी RJIL को फंड ट्रांसफर करने के लिए इक्विटी शेयर, प्रेफरेंस शेयर, डिबेंचर या लोन जैसे विकल्पों का इस्तेमाल कर सकती है।

Jio में Meta और Google की बड़ी हिस्सेदारी

Jio Platforms में पहले से ही कई बड़े भारतीय और वैश्विक निवेशकों की हिस्सेदारी है। संस्थागत निवेशकों के पास कंपनी की करीब 30.9 फीसदी हिस्सेदारी बताई गई है।

Meta Platforms से जुड़ी Jaadhu Holdings के पास करीब 9.98 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं Google International के पास लगभग 7.73 फीसदी हिस्सा है।

इसके अलावा Saudi Arabia का Public Investment Fund, Silver Lake, Vista Equity, General Atlantic और KKR से जुड़ी संस्थाओं समेत कई बड़े वैश्विक निवेशक भी Jio Platforms में हिस्सेदारी रखते हैं। Abu Dhabi Investment Authority से जुड़े निवेश फंड भी कंपनी के प्रमुख निवेशकों में शामिल हैं।

निवेशकों की नजर अब प्राइस बैंड और लिस्टिंग पर

Jio IPO का आकार, संभावित प्राइस बैंड और बाजार में इसकी मजबूत ब्रांड पहचान इसे निवेशकों के लिए खास बना रही है। हालांकि, आईपीओ में निवेश से पहले कंपनी के आधिकारिक दस्तावेज, वैल्यूएशन, वित्तीय प्रदर्शन और जोखिमों को समझना जरूरी होगा।

बाजार की नजर इस बात पर है कि Jio Platforms कब RHP दाखिल करती है और प्राइस बैंड की अंतिम घोषणा क्या होती है। अगर तय कार्यक्रम के अनुसार प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में भारतीय प्राइमरी मार्केट की सबसे बड़ी हलचलों में Jio IPO सबसे आगे रह सकता है।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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