शिक्षकों के लिए बड़ा अलर्ट, प्रोफाइल अपडेट नहीं तो सितंबर का रुकेगा वेतन, आदेश जारी

शिक्षकों

बिहार में प्रोफाइल अपडेट नहीं तो शिक्षकों का सितंबर वेतन रुक सकता है

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)।  बिहार में शिक्षक प्रोफाइल अपडेट को लेकर शिक्षा विभाग ने अब सख्ती बढ़ा दी है। सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर सभी शिक्षकों का प्रोफाइल शत-प्रतिशत त्रुटिरहित करने का निर्देश दिया गया है। जिले में कुल 17,383 शिक्षकों में से 3,393 शिक्षकों का प्रोफाइल अभी तक अपडेट नहीं होने की बात सामने आई है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में प्रोफाइल दुरुस्त नहीं करने और शत-प्रतिशत सही प्रोफाइल का घोषणा पत्र उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में संबंधित शिक्षक, प्रधान शिक्षक, प्रधानाध्यापक और संबंधित पदाधिकारी का सितंबर महीने का भुगतान रोका जा सकता है।

शिक्षा विभाग ने जारी किया सख्त निर्देश

ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर टीचरों की जानकारी अपडेट करने को लेकर जिला शिक्षा विभाग की ओर से संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किया गया है। डीपीओ स्थापना शशि चंदन चौधरी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और प्रखंड संसाधन केंद्र के लेखापालों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।

विभाग का जोर केवल प्रोफाइल अपडेट कराने पर नहीं, बल्कि उसमें दर्ज प्रत्येक जानकारी को सही कराने पर है। विद्यालय, पद, शिक्षक से संबंधित जरूरी विवरण और अन्य सूचनाएं पोर्टल पर सही तरीके से दर्ज होना आवश्यक बताया गया है।

शिक्षकों के प्रोफाइल में गलती मिली तो जिम्मेदारी तय

विभाग ने स्पष्ट किया है कि टीचरों के प्रोफाइल में किसी तरह की गलती या अधूरी जानकारी मिलने पर संबंधित स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। विद्यालय प्रधान को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके विद्यालय में कार्यरत सभी शिक्षकों की जानकारी ई-शिक्षाकोष पर सही तरीके से प्रदर्शित हो रही है।

इस प्रक्रिया में शिक्षक की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होगी। विभाग की ओर से शत-प्रतिशत त्रुटिरहित प्रोफाइल को लेकर घोषणा पत्र मांगा गया है। यानी केवल ऑनलाइन जानकारी अपडेट करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि संबंधित स्तर से उसकी शुद्धता की पुष्टि भी करनी होगी।

शिक्षकों का सितंबर वेतन रुकने की चेतावनी

इस पूरे निर्देश का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वेतन भुगतान से जुड़ा है। विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय तक प्रोफाइल में सुधार नहीं करने और घोषणा पत्र उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित शिक्षक का सितंबर महीने का भुगतान रोका जा सकता है।

निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: IIT Mumbai में छात्र की मौत से IIT पटना में जांच की मांग…

इसके साथ ही केवल शिक्षक ही नहीं, बल्कि संबंधित प्रधान शिक्षक, प्रधानाध्यापक और जिम्मेदार पदाधिकारी पर भी कार्रवाई की बात कही गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यालय स्तर पर सभी शिक्षकों के प्रोफाइल की जांच समय रहते पूरी कर ली जाए।

शिक्षकों के लिए क्यों जरूरी है प्रोफाइल अपडेट?

ई-शिक्षाकोष पर दर्ज शिक्षकों की जानकारी आगामी सामान्य स्थानांतरण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है। विभाग शिक्षकवार और विद्यालयवार उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी कर रहा है।

यदि किसी शिक्षक की पदस्थापना, विद्यालय, पद या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी गलत दर्ज है तो स्थानांतरण से जुड़े आंकड़ों में भी अंतर आ सकता है। इससे किसी विद्यालय की वास्तविक स्थिति और उपलब्ध पदों का आकलन प्रभावित हो सकता है। इसी वजह से शिक्षा विभाग सामान्य स्थानांतरण शुरू होने से पहले पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी को दुरुस्त कराने पर जोर दे रहा है।

मई और अगस्त में भी मिला था मौका

शिक्षकों को प्रोफाइल सुधारने का अवसर इससे पहले भी दिया जा चुका है। विभाग की ओर से मई में शिक्षकों और छात्रों के प्रोफाइल से संबंधित जानकारी अपडेट करने का निर्देश दिया गया था।

खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े

इसके बाद अगस्त में भी प्रोफाइल में आवश्यक संशोधन का मौका दिया गया। जिन शिक्षकों की जानकारी में बदलाव की जरूरत थी, उन्हें आवेदन और डीसीएफ की मूल प्रति संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में जमा कराने के लिए कहा गया था।

इसके बावजूद हजारों शिक्षकों के प्रोफाइल में सुधार लंबित रहने के बाद विभाग ने अब जिम्मेदारी तय करने का रुख अपनाया है।

शिक्षकों को घोषणा पत्र देना होगा

नई व्यवस्था में प्रोफाइल की शुद्धता को लेकर घोषणा पत्र महत्वपूर्ण हो गया है। संबंधित विद्यालय प्रधान को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके विद्यालय में कार्यरत सभी शिक्षकों की जानकारी ई-शिक्षाकोष पर सही तरीके से उपलब्ध है।

घोषणा पत्र में प्रोफाइल की जानकारी शत-प्रतिशत त्रुटिरहित होने की पुष्टि की जानी है। यदि बाद में प्रोफाइल में गलती पाई जाती है तो संबंधित शिक्षक और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा जा सकता है।

शिक्षकों के सामान्य स्थानांतरण से पहले तैयारी

शिक्षा विभाग की पूरी कवायद आगामी सामान्य स्थानांतरण प्रक्रिया से जुड़ी हुई है। विभागीय कार्यक्रम के अनुसार समायोजन और पारस्परिक स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 1 अक्टूबर को संशोधित विद्यालयवार रिक्तियों का प्रकाशन किया जाना है।

इसे भी पढ़ें: वित्त रहित शिक्षकों के लिए खुशखबरी, सम्राट सरकार ने खोला खजाना, 461 करोड़ रुपये जारी

इसके बाद 4 अक्टूबर से सामान्य स्थानांतरण के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की योजना है। ऐसे में स्थानांतरण से पहले शिक्षकों का सही और अपडेटेड डेटा विभाग के लिए जरूरी है।

शिक्षकों के तबादले में डेटा क्यों अहम?

स्थानांतरण प्रक्रिया में किसी शिक्षक का वर्तमान विद्यालय, पद, विषय, सेवा से जुड़ी जानकारी और विद्यालय में उपलब्ध पद जैसे आंकड़े महत्वपूर्ण हो सकते हैं। यदि पोर्टल पर जानकारी गलत है तो शिक्षक और विद्यालय दोनों से संबंधित गणना प्रभावित हो सकती है।

इसी कारण विभाग पहले प्रोफाइल को दुरुस्त करने पर जोर दे रहा है। सही आंकड़ों के आधार पर ही संशोधित विद्यालयवार रिक्तियों की सूची तैयार करना और आगे की स्थानांतरण प्रक्रिया को व्यवस्थित करना आसान होगा।

लापरवाही पर अनुशासनिक कार्रवाई की चेतावनी

शिक्षा विभाग ने केवल वेतन रोकने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। निर्देश में लापरवाही या अनावश्यक विलंब की स्थिति में अनुशासनिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

इससे स्पष्ट है कि विभाग अब ई-शिक्षाकोष के डेटा को केवल सामान्य रिकॉर्ड मानकर नहीं चल रहा। शिक्षक प्रोफाइल को प्रशासनिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

3,393 शिक्षकों के सामने अब चुनौती

जिले के कुल 17,383 शिक्षकों में 3,393 शिक्षकों का प्रोफाइल अपडेट होना अभी बाकी बताया गया है। यानी बड़ी संख्या में शिक्षकों को निर्धारित समय के भीतर अपनी जानकारी की जांच और आवश्यक सुधार करना होगा।

इन शिक्षकों के लिए केवल ऑनलाइन प्रोफाइल देखना पर्याप्त नहीं होगा। उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि विद्यालय और पद से जुड़ी जानकारी सही दर्ज है और जहां आवश्यक हो वहां विभागीय प्रक्रिया के तहत सुधार कराया गया है।

विद्यालय प्रधानों की भी बढ़ी जिम्मेदारी

इस पूरी प्रक्रिया में विद्यालय प्रधानों की भूमिका भी अहम कर दी गई है। उन्हें अपने विद्यालय में कार्यरत प्रत्येक शिक्षक का प्रोफाइल जांचना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि पोर्टल पर सभी जरूरी जानकारियां सही हैं।

किसी शिक्षक की जानकारी में गलती रहने पर बाद में जिम्मेदारी तय हो सकती है। इसलिए विभागीय निर्देश के बाद विद्यालय स्तर पर प्रोफाइल सत्यापन की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

अब आगे क्या होगा?

शिक्षा विभाग का मुख्य लक्ष्य सामान्य स्थानांतरण से पहले ई-शिक्षाकोष पर शिक्षकों का डेटा पूरी तरह दुरुस्त करना है। 1 अक्टूबर को संशोधित विद्यालयवार रिक्तियों के प्रकाशन और 4 अक्टूबर से सामान्य स्थानांतरण आवेदन की प्रस्तावित प्रक्रिया को देखते हुए आने वाले दिन शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

विभाग की चेतावनी के मुताबिक, निर्धारित समय में प्रोफाइल ठीक नहीं करने या घोषणा पत्र उपलब्ध नहीं कराने पर सितंबर का भुगतान रोका जा सकता है। इसके अलावा प्रोफाइल में बाद में भी त्रुटि मिलने पर संबंधित शिक्षक और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।

ऐसे में शिक्षकों के लिए जरूरी है कि वे अपने ई-शिक्षाकोष प्रोफाइल में दर्ज सभी जानकारियों की जांच करें और विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जरूरी सुधार तथा घोषणा पत्र से संबंधित औपचारिकता समय पर पूरी करें।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट