जमुई एनकाउंटर पर मांझी का तेजस्वी पर हमला, बोले- ‘यादव भाइयों को समझा दो, सम्राट की सरकार किसी को नहीं बख्शेगी’

जमुई

जमुई एनकाउंटर पर मांझी का तेजस्वी पर हमला, बोले

निष्कर्ष भारत संवाददाता : बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित छेड़छाड़ और बदसलूकी के मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है। मांझी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि HAM सिर्फ बोलता नहीं, बल्कि करके दिखाता है।

नंदन यादव के पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने की खबर मंगलवार को सामने आई। पुलिस के मुताबिक, मामले में फरार चल रहे आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान नंदन यादव घायल हुआ। दूसरे आरोपी हरे राम के भी घायल होने की सूचना है। दोनों को इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल ले जाया गया।

मांझी ने तेजस्वी यादव पर साधा निशाना

मुठभेड़ की खबर सामने आने के बाद जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव को निशाने पर लेते हुए सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। मांझी ने अपने पोस्ट में तेजस्वी के उस राजनीतिक संदर्भ का जिक्र किया, जिसमें वह बिहार और उत्तर प्रदेश के यादवों को अपना भाई बताते रहे हैं।

मांझी ने तंज कसते हुए कहा कि जमुई मामले में आरोपी बनाए गए कुछ लोग भी यादव हैं और अब तेजस्वी यह कह सकते हैं कि सम्राट चौधरी ने उनके ‘भाई’ को ठोकवा दिया। मांझी ने तेजस्वी से अपने ‘भाइयों’ को सचेत करने की बात कही और लिखा कि सम्राट की सरकार किसी को बख्शने वाली नहीं है।

निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: IIT Mumbai में छात्र की मौत से IIT पटना में जांच की मांग…

उन्होंने अपने पोस्ट के अंत में ‘सम्राट का सुशासन है भाई…’ लिखकर सरकार की कार्रवाई का समर्थन किया। मांझी का यह बयान अब बिहार की सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है।

‘HAM बोलता नहीं, करके दिखाता है’

जीतन राम मांझी ने अपने बयान में कहा कि जमुई मामले की जानकारी पहले ही सभी को हो चुकी है, लेकिन अब पुलिस की कार्रवाई सामने आ गई है। उन्होंने इसे सरकार की कानून-व्यवस्था से जोड़ते हुए कहा कि अपराध के मामलों में कार्रवाई की जा रही है।

मांझी की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब जमुई की घटना को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है। इस बीच आरोपी की गिरफ्तारी और पुलिस मुठभेड़ ने राजनीतिक बहस को एक नया मोड़ दे दिया है।

तेजस्वी यादव ने सरकार पर उठाए थे सवाल

जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद तेजस्वी यादव ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। उन्होंने सरकार को घेरते हुए घटना को लेकर सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े

रिपोर्टों के मुताबिक, तेजस्वी यादव ने आरोपी के भगवा गमछा पहने होने का मुद्दा भी उठाया और सरकार तथा बीजेपी पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोपी के लिए ‘भगवा बलात्कारी’ शब्द का इस्तेमाल किया था। हालांकि, किसी आरोपी को लेकर अंतिम निष्कर्ष अदालत में मुकदमे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तय होता है।

अब नंदन यादव के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद मांझी ने तेजस्वी के पुराने बयानों को आधार बनाकर पलटवार किया है।

पुलिस के मुताबिक कैसे हुआ एनकाउंटर?

पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी के अनुसार, जमुई मामले में फरार चल रहे आरोपियों को पकड़ने के लिए कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ की स्थिति बनी। नंदन यादव के पैर में गोली लगी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस ने कार्रवाई की पुष्टि की है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मामले में पहले ही कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी, जबकि फरार आरोपियों की तलाश जारी थी। पुलिस घटना से जुड़े सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

हालांकि, पुलिस मुठभेड़ की परिस्थितियों को लेकर सामने आने वाली आधिकारिक जानकारी और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में पुलिस का पक्ष सामने आया है कि कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ हुई और आरोपी घायल हुआ।

जमुई कांड से क्यों गरमाई बिहार की राजनीति?

जमुई की घटना ने पहले ही बिहार में कानून-व्यवस्था और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस छेड़ दी थी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरा, जबकि सत्तापक्ष की ओर से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का हवाला दिया गया।

अब मुख्य आरोपी के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद बहस का केंद्र कानून-व्यवस्था से आगे बढ़कर पुलिस कार्रवाई पर भी आ गया है। सत्तापक्ष के नेता इसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के तौर पर पेश कर रहे हैं, जबकि विपक्ष पहले से ही सरकार से कानून-व्यवस्था पर जवाब मांग रहा है।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी पुलिस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि पुलिस को कार्रवाई की खुली छूट दी गई थी और घटना के बाद तेजी से कार्रवाई की गई।

‘यादव’ और ‘भगवा गमछे’ पर सियासत

जमुई मामले में आरोपी की पहचान और उसके कथित राजनीतिक संबंधों को लेकर भी बयानबाजी हुई है। तेजस्वी यादव की ओर से आरोपी के भगवा गमछा पहनने का मुद्दा उठाया गया, जबकि मांझी ने यादव पहचान को लेकर तेजस्वी पर राजनीतिक तंज कसा।

हालांकि, किसी आरोपी की जातीय पहचान, कपड़े या राजनीतिक जुड़ाव अपने आप में उसके अपराध या किसी राजनीतिक संगठन से संबंध का प्रमाण नहीं है। मामले में वास्तविक भूमिका का निर्धारण पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होना है।

इसे भी पढ़ें: वित्त रहित शिक्षकों के लिए खुशखबरी, सम्राट सरकार ने खोला खजाना, 461 करोड़ रुपये जारी

आगे क्या होगा?

फिलहाल जमुई मामले की जांच जारी है। पुलिस आरोपियों की भूमिका, घटना से जुड़े वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। नंदन यादव के घायल होने के बाद उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

जमुई कांड अब बिहार की राजनीति में कानून-व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप—तीनों मुद्दों से जुड़ गया है। जीतन राम मांझी का तेजस्वी यादव पर ताजा हमला इसी राजनीतिक टकराव की कड़ी है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और आधिकारिक कार्रवाई से मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

Nishkarsh Bharat

पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट

You may have missed