75 लीटर विदेशी शराब बरामदगी मामले में नेहा झा को जमानत, 24 दिन बाद जेल से आएंगी बाहर

नेहा झा

75 लीटर शराब मामले में नेहा झा को बेल

निष्कर्ष भारत संवाददाता- समस्तीपुर जंक्शन पर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट क्लास कोच से करीब 75 लीटर विदेशी शराब बरामदगी के मामले में गिरफ्तार नेहा झा को सोमवार को अदालत से बड़ी राहत मिली। समस्तीपुर उत्पाद न्यायालय-2 ने उनकी नियमित जमानत याचिका मंजूर कर ली। जमानत मिलने के बाद अब जरूरी कानूनी और कागजी प्रक्रिया पूरी होने पर नेहा झा जेल से बाहर आ सकेंगी।

नेहा झा को 4 सितंबर को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इस हिसाब से वह करीब 24 दिन न्यायिक हिरासत में रहने के बाद बाहर आएंगी। हालांकि, इस मामले में गिरफ्तार उनके बहनोई ईशान कुमार को अभी जमानत नहीं मिली है। उनकी ओर से अब तक अदालत में नियमित जमानत की अर्जी दाखिल नहीं की गई है।

एसी फर्स्ट कोच से बरामद हुई थी विदेशी शराब

मामला 4 सितंबर 2026 का है। समस्तीपुर जंक्शन पर आरपीएफ, जीआरपी और सीआईबी की संयुक्त टीम ने स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस की जांच के दौरान एसी फर्स्ट क्लास के एच-1 कूपे में कार्रवाई की थी।

तलाशी के दौरान टीम को करीब 75 लीटर विदेशी शराब मिली थी। शराब बरामद होने के बाद मौके पर मौजूद नेहा झा और उनके बहनोई ईशान कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया था।

दोनों आरोपियों के खिलाफ शराब से जुड़े कानून के तहत मामला दर्ज किया गया और पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

4 सितंबर से जेल में थीं नेहा झा

गिरफ्तारी के बाद नेहा झा को अदालत में पेश किया गया था। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में समस्तीपुर जेल भेज दिया गया। जेल में उन्हें महिला सेल में रखा गया था।

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मामले में गिरफ्तारी के बाद नेहा झा की जमानत के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। हालांकि, उनकी नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई कई बार टल गई। इस वजह से उन्हें करीब 24 दिनों तक जेल में रहना पड़ा।

पहले भी टल चुकी थी जमानत पर सुनवाई

नेहा झा की जमानत याचिका पर पहले निर्धारित तारीखों में सुनवाई नहीं हो सकी थी। 18 सितंबर को समस्तीपुर विशेष उत्पाद न्यायालय में जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी, लेकिन केस डायरी उपलब्ध नहीं होने के कारण सुनवाई टाल दी गई।

इसके बाद 24 सितंबर को सुनवाई की अगली तारीख निर्धारित हुई। लेकिन उस दिन वकीलों की हड़ताल के कारण मामले की सुनवाई दोबारा टल गई।

लगातार दो बार सुनवाई टलने के बाद सोमवार, 28 सितंबर को आखिरकार अदालत में जमानत याचिका पर सुनवाई हुई।

अदालत ने मंजूर की नियमित जमानत

सोमवार को समस्तीपुर उत्पाद न्यायालय-2 में नेहा झा की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जमानत याचिका स्वीकार कर ली।

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अदालत से जमानत मिलने के बाद अब उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आवश्यक कागजात और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वह जेल से बाहर आ सकेंगी।

हालांकि, जमानत मिलने का मतलब मामले का खत्म होना नहीं है। शराब बरामदगी से जुड़े मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

बहनोई ईशान कुमार को अभी नहीं मिली राहत

मामले में नेहा झा के साथ गिरफ्तार किए गए उनके बहनोई ईशान कुमार की स्थिति फिलहाल अलग है। ईशान कुमार की ओर से अब तक अदालत में जमानत याचिका दाखिल नहीं की गई है।

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ऐसे में वह अभी न्यायिक हिरासत में ही जेल में रहेंगे। आगे उनकी ओर से जमानत अर्जी दाखिल किए जाने के बाद अदालत इस पर सुनवाई करेगी।

75 लीटर शराब बरामदगी से जुड़ा है मामला

यह पूरा मामला ट्रेन में शराब की बरामदगी से जुड़ा है। बिहार में शराबबंदी लागू होने के कारण ट्रेन और रेलवे स्टेशनों पर शराब की तस्करी रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार जांच अभियान चलाती हैं।

समस्तीपुर जंक्शन पर भी संयुक्त टीम द्वारा ट्रेन की जांच के दौरान शराब बरामद होने के बाद यह कार्रवाई की गई थी। जांच एजेंसियां शराब ट्रेन तक कैसे पहुंची और इसके पीछे किसी नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं, जैसे पहलुओं की जांच कर सकती हैं।

आगे क्या होगा?

नेहा झा को नियमित जमानत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आएंगी, लेकिन मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, सह-आरोपी ईशान कुमार की ओर से जमानत याचिका दाखिल होने के बाद उनकी कानूनी स्थिति पर भी अदालत में सुनवाई होगी। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं।

इस मामले में अदालत द्वारा दी गई जमानत को केवल न्यायिक हिरासत से राहत के तौर पर देखा जाएगा। शराब बरामदगी से जुड़े आरोपों पर अंतिम फैसला आगे की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

Nishkarsh Bharat

भूमि आर्या की रिपोर्ट

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